अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान में 3 हजार से ज्यादा की मौत, बड़ी संख्या में बच्चे भी मारे गए

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान में कम से कम 3375 लोगों की मौत हो गई है। इसमें से 383 बच्चे हैं। अमेरिका और ईरान में फिलहाल युद्धविराम है। इसके बाद भी अमेरिका ने ईरान के पोत पर हमला किया। ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।  

अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान में 3 हजार से ज्यादा की मौत, बड़ी संख्या में बच्चे भी मारे गए

ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था। इसके बाद से अमेरिकी हमलों की वजह से ईरान में कम से कम 3,375 लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा ईरान के विधिक चिकित्सा संगठन के प्रमुख अब्बास मस्जेदी की ओर जारी किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी 'मिजान' समेत अन्य माध्यमों ने सोमवार को मस्जेदी के हवाले से बताया कि मारे गए लोगों में से केवल चार की पहचान नहीं हो पाई है।

383 बच्चों की भी मौत

उन्होंने यह ब्योरा नहीं दिया कि हताहतों में कितने आम नागरिक हैं और कितने सुरक्षा बल के जवान हैं, केवल इतना बताया कि मारे गए लोगों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं। मस्जेदी ने कहा कि मृतकों में 18 वर्ष या उससे कम आयु के 383 बच्चे भी हैं। उनके इन आंकड़ों से ये सवाल उठ रहे हैं कि इसमें सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल हैं या नहीं, खासकर तब जब देश में सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारों पर हमले तेज होने की खबरें सामने आई हैं।

क्या शुरू होगी दूसरे चरण की वार्ता

चर्चा है कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका में दूसरे चरण की वार्ता शुरू होगी। इस वार्ता के लिए अमेरिका पूरी तरह से तैयार नजर आ रहा है तो वहीं ईरान ने बातचीत से इनकार किया है। इसकी मुख्य वजह मुख्य कारण ईरानी बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नाकेबंदी बताया गया है।इस बीच, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया, जिससे पश्चिम एशिया में नाजुक दौर से गुजर रही शांति पर और अनिश्चितता व्याप्त हो गयी है।

ईरान ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी जहाज 'टौस्का' को 'हमला कर जब्त' किया, जिसे उसने युद्धविराम का उल्लंघन बताया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ईरान के खत्म उल-अंबिया मुख्यालय ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरानी वाणिज्यिक जहाजों पर हमला है और इसे 'सशस्त्र समुद्री डकैती' करार दिया। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले भी किये, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी शर्तें 'अवास्तविक और अनुचित" हैं और जब तक नाकेबंदी नहीं हटायी जाती, वार्ता संभव नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर शर्तें बदलने का आरोप भी लगाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में वार्ता के सफल होने की 'कोई स्पष्ट संभावना नहीं' है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में फिर वार्ता की घोषणा की है।दोनों देशों के बीच जारी दो सप्ताह का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।

इस बीच, अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने रविवार को अरब सागर में ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोका। सेंटकॉम के अनुसार, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्रूअन्स ने 'टौस्का' को रोका, जो ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था। कई चेतावनियों के बावजूद जहाज के चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया।इसके बाद अमेरिकी जहाज ने अपनी पांच इंच की तोप से इंजन कक्ष को निशाना बनाकर उसकी गति निष्क्रिय कर दी, जिसके बाद अमेरिकी मरीन बलों ने जहाज पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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