
परिवार को मेरी फिक्र नहीं, खुद को मेसेज करके फांसी पर लटक गया उस्मानिया यूनिवर्सिटी का छात्र
उस्मानिया यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने हॉस्टल के पास ही पेड़ से फांसी लगा ली। पुलिस ने बताया कि उसने खुद को ही एक मेसेज भेजा था जिसमें लिखा था कि परिवार वालों को उसकी परवाह नहीं है।
स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स की खुदकुशी के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं। हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में भी बीटेक कर रहे एक छात्र ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि वह दूसरे वर्ष का छात्र था। यूनिवर्सिटी कैंपस में होस्टल के पास ही वह पेड़ से लटकते हुए पाया गया था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल लेकर गए। इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई।
शुरुआती जांच के मुताबिक मृतक छात्र ने खुद को ही एक मेसेज भेजा था। इस मेसेज में उसने अपने गांव के घटनाक्रम के बारे में बताया था। उसे उसके मां-बाप ने बहुतडांटा था और कहा था कि अगर अब वह गांव में रुका तो वे खुदकुशी कर लेंगे। छात्र ने मेसेज में लिखा था कि उसके माता-पिता उसको बदलना चाहते थे।
छात्र ने मेसेज में लिखा कि उसके परिवार के लोगों को उसकी कोई फिक्र नहीं है और इसलिए मरना ही बेहतर है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक 20 साल के छात्र ने फांसी लगा ली। बताया गया कि छात्र के पिता बाराबंकी सिविल कोर्ट में विशेष शासकीय वकील हैं। छात्र क्रिकेट के अंडर 15 आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर से क्रिकेट खेल चुका था। सूचना मिलने पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि रात में ही पूरा परिवार एक शादी समारोह में गया था। इसके बाद लड़के की मां अपने गांव चली गईं, जबकि पिता कोर्ट गए थे। घर में अकेले बचे छात्र ने फांसी लगा ली।





