क्या AI से नौकरियां जाने का खतरा? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोले

Feb 21, 2026 12:50 am ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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AGI और सुपरइंटेलिजेंस पर सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एजीआई अब काफी करीब लगता है, जबकि एएसआई कुछ साल दूर है। उन्होंने कहा कि सुपरइंटेलिजेंस पर किसी एक देश या कंपनी का कंट्रोल नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे असंतुलन पैदा होगा।

क्या AI से नौकरियां जाने का खतरा? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोले

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि AI अब हाई स्कूल स्तर की गणित से आगे बढ़कर मानव ज्ञान की सीमाओं को छू रहा है। एक साल पहले जहां एआई सिर्फ हाई स्कूल मैथ कर पाता था, अब यह नई रिसर्च और फिजिक्स में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ओपनएआई को रिसर्च-फर्स्ट कंपनी बताया, जहां प्रोडक्ट रिसर्च का नतीजा है। शुक्रवार को नई दिल्ली में इंडियन एक्सप्रेस के एक्सप्रेस अड्डा कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।

भारत को लेकर ऑल्टमैन ने काफी उत्साह दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत में बिल्डर एनर्जी जबरदस्त है और आईआईटी दिल्ली में सुबह का माहौल शानदार था। भारत चैटजीपीटी के टॉप यूजर्स में से एक है, जहां लोग कोडिंग, डेटा एनालिसिस और लर्निंग के लिए इसका इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। ओपनएआई ने भारत में मुंबई और बेंगलुरु में नए ऑफिस खोलने की घोषणा की, साथ ही टीसीएस के साथ लोकल एआई डेटा सेंटर और मेकमाईट्रिप, जियोहॉटस्टार जैसी कंपनियों से पार्टनरशिप की। ऑल्टमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोटिवेशन की तारीफ की और कहा कि भारत को एआई के सभी लेयर्स पर खेलना चाहिए।

बैलेंस ऑफ पावर पर दिया जोर

एजीआई और सुपरइंटेलिजेंस पर सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एजीआई अब काफी करीब लगता है, जबकि एएसआई कुछ साल दूर है। उन्होंने जोर दिया कि सुपरइंटेलिजेंस पर किसी एक देश या कंपनी का कंट्रोल नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे असंतुलन पैदा होगा। दुनिया में बैलेंस ऑफ पावर जरूरी है। उन्होंने एआई के डेमोक्रेटाइजेशन की वकालत की, जिसमें गार्डरेल्स के साथ हर किसी के हाथ में AI पहुंचे। सेफ्टी के लिए उन्होंने एआई रेजिलिएंस को कोर स्ट्रैटेजी बताया और कहा कि कोई भी लैब अकेले अच्छा भविष्य नहीं बना सकती। सरकारों को कैटास्ट्रोफिक रिस्क्स पर फोकस करना चाहिए, बाकी मामलों में लचीला रवैया अपनाना चाहिए।

नौकरियों पर AI का क्या असर

नौकरियों पर प्रभाव के बारे में सैम ऑल्टमैन ने इतिहास का हवाला दिया कि इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन में भी लोग डरते थे, लेकिन गलत साबित हुए। एआई से कई प्रोफेशंस जाएंगे, लेकिन लोग नई चीजें करेंगे और समाज एडजस्ट हो जाएगा। उन्होंने एलन मस्क की तारीफ की, लेकिन प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया। ऊर्जा खपत पर कहा कि वाटर यूज के दावे फेक हैं, लेकिन सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी की ओर तेजी से जाना होगा। ऑल्टमैन ने AI को मानव एजेंसी बढ़ाने वाला बताया, लेकिन ग्लोबल कोऑपरेशन, डेमोक्रेसी और बैलेंस्ड डेवलपमेंट पर जोर दिया।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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