निष्पक्ष रहकर भी कुछ कहूं तो… शशि थरूर ने कांग्रेसियों पर ही साधा निशाना; दी सहयोग की सीख

Nov 25, 2025 08:32 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

थरूर ने कहा कि लोगों को सिर्फ सोच की शुद्धता में दिलचस्पी है, लेकिन आप इस तरह से काम नहीं कर सकते...किसी ने चुनाव जीता है और सरकार बनाई है। अगर राज्य केंद्र के लोगों के साथ सहयोग नहीं करेगा, तो आप कुछ भी कैसे कर पाएंगे।

निष्पक्ष रहकर भी कुछ कहूं तो… शशि थरूर ने कांग्रेसियों पर ही साधा निशाना; दी सहयोग की सीख

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने हाल ही में एक इवेंट में कहा है कि सिर्फ सोच की शुद्धता से देश नहीं बन सकता और न ही लोग राजनीति में इससे जीत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में जीतने के लिए हमें मिलकर भी काम करना पड़ता है। हाल ही में दुबई में अमृता न्यूज के एक इवेंट में कांग्रेस सांसद ने कहा, "हमें कभी-कभी अलग-अलग सोच के लोगों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए... प्रॉब्लम यह है कि अभी हमारी पॉलिटिक्स यह मांग करती है कि हर कोई सोच के हिसाब से शुद्धतावादी हो, इसलिए हम दूसरी तरफ की कोई खूबी नहीं देख पाते हैं या दूसरी तरफ के किसी से बात नहीं करते हैं।"

उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई है कि प्रधानमंत्री के भाषणों पर निष्पक्ष टिप्पणी करने पर भी उनको सियासी तौर पर निशाना बनाया जाता है। इस इवेंट का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया गया है, जिसमें थरूर ने कहा, “प्रधानमंत्री के भाषण पर मेरे एक न्यूट्रल पोस्ट पर भी प्रधानमंत्री की तारीफ़ करने का आरोप लगाया गया है... मैंने तारीफ का एक भी शब्द नहीं कहा। मैंने बस भाषण के बारे में बताया। बात यह है कि अभी हमारे देश में ऐसा ही माहौल है।”

लोगों को सिर्फ सोच की शुद्धता में दिलचस्पी

थरूर ने कहा, "लोगों को सिर्फ सोच की शुद्धता में दिलचस्पी है, लेकिन आप इस तरह से काम नहीं कर सकते...किसी ने चुनाव जीता है और सरकार बनाई है। आपने अपने राज्य में चुनाव जीता है और आप सरकार बनाते हैं...अगर आपका राज्य केंद्र के लोगों के साथ सहयोग नहीं करेगा, तो आप कुछ भी कैसे कर पाएंगे।" थरूर ने केरल मूल के ज़्यादातर लोगों के बीच कहा, "मेरे हिसाब से, यह कोई बड़ी बात नहीं है। आपको सच में कहना होगा कि सहयोग करना हमारे हित में है...यह हमारे लोगों के हित में है...भारत और केरल दोनों के नागरिकों के हित में है।"

सहयोग तो करना पड़ेगा

थरूर ने कहा, "हां, मैं रूलिंग पार्टी से सहमत नहीं हूं, लेकिन वे रूलिंग पार्टी हैं। उन्हें देश में जनादेश मिला है। मैं उनके साथ काम करूंगा। अगर वे कोई ऐसी स्कीम लेकर आते हैं, जिससे राज्य को पैसा मिलेगा, तो मैं अपने विश्वास के दायरे में इस पर बात करूंगा, ताकि मैं अपने राज्य के लिए पैसा ला सकूं...इस तरह का सहयोग ज़रूरी है।" उन्होंने कहा, “हाल ही में, एक स्कीम को रिजेक्ट कर दिया गया और पैसा देने से मना कर दिया गया, जबकि केरल को इसकी जरूरत है... जबकि स्कूलों को इसकी ज़रूरत है... यह पागलपन है, यह टैक्सपेयर्स का पैसा है और केरल को मिलना चाहिए था।”

पिछले हफ्ते का विवाद क्या?

पिछले हफ़्ते शशि थरूर ने X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की तारीफ की थी, जिसे उन्होंने रामनाथ गोयनका लेक्चर के दौरान दिया था। बाद में कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा था कि उन्हें मोदीजी के भाषण में कुछ भी तारीफ करने लायक अंश नहीं मिला। थरूर ने शनिवार को US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के मेयर-इलेक्ट ज़ोहरान ममदानी के बीच अचानक हुई अच्छी मीटिंग की भी तारीफ़ की, और इसे एक उदाहरण बताया कि चुनाव के बाद पॉलिटिकल दुश्मनों से कैसा बर्ताव करना चाहिए।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia NewsOnly ideological purity can not build nation Congress MP Shashi Tharoor Says Cooperation Is Key Donald Trump Example
;;;