Hindi NewsIndia NewsOnly Because You Are Senior Bureaucrat Supreme Court Should Be Open For You? CJI Suryakant got angry over Ex IAS Officer
आप बड़े नौकरशाह हैं तो क्या सीधे SC पहुंच जाएंगे? CJI सूर्यकांत क्यों और किस पर तमतमाए

आप बड़े नौकरशाह हैं तो क्या सीधे SC पहुंच जाएंगे? CJI सूर्यकांत क्यों और किस पर तमतमाए

संक्षेप:

CJI सूर्यकांत ने दो टूक कहा कि सिर्फ इस आधार पर कि याचिकाकर्ता एक सीनियर IAS ऑफिसर हैं, इसलिए उनके लिए सुप्रीम कोर्ट खुल जाना चाहिए? जस्टिस कांत ने कहा कि उसे सीधे सुप्रीम कोर्ट आने देना गलत होगा।

Dec 10, 2025 08:19 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने एक पूर्व IAS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए दो टूक कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई टॉप ब्यूरोक्रेट है, वह हाई कोर्ट को दरकिनार करके सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंच सकता। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एनके सिंह की बेंच छत्तीसगढ़ में अलग-अलग कथित घोटालों से जुड़े मामलों में CBI, ED द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी पर सुनवाई के दौरान इस दौरान CJI सूर्यकांत ने ये टिप्पणी की।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले और कोयला घोटाले के आरोपियों द्वारा दायर मामलों के एक बैच को सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट किया गया था। दरअसल, अनिल टुटेजा ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए SLP फाइल की थी, जिसमें उनके खिलाफ आगे किसी भी आपराधिक कार्रवाई से संरक्षण की मांग करने वाली उनकी रिट पिटीशन को खारिज कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने पूर्व अधिकारी की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि याचिकाकर्ता के पास भविष्य में कोई भी मामला आने पर एंटीसिपेटरी बेल/केस रद्द करने के लिए अप्लाई करने का दूसरा तरीका है।

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कोई संरक्षण या राहत नहीं दे सकते: CJI

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, CJI की अगुवाई वाली बेंच ने नोट किया कि टुटेजा ने यह पिटीशन फाइल करके प्री-एम्प्टोरी डायरेक्शन मांगा है कि उनके खिलाफ आगे कोई FIR रजिस्टर न की जाए या उन्हें आगे अरेस्ट न किया जाए। इस पर CJI ने कहा कि कोई ओम्निबस निर्देश नहीं दिया जा सकता, और याचिकाकर्ता को अपने केस वन-ऑन-वन ​​बेसिस पर बनाने होंगे।

पहले हाई कोर्ट जाएं, वहां राहत न मिले तो आएं

पूर्व IAS अफसर की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की को-ऑर्डिनेट बेंच के पिछले ऑर्डर के मुताबिक, पिटीशनर को हाई कोर्ट में बेल एप्लीकेशन देने की इजाज़त दी गई थी। 2 साल से ज़्यादा समय तक कस्टडी में रहने के बाद, उन्होंने कहा कि अब पिटीशनर की एप्लीकेशन पर इस बारे में फिर से विचार किए जाने की उम्मीद है। इस पर बीच में टोकते हुए CJI ने कहा, “उनमें से हर एक (दूसरे आरोपी) ने अपना केस हाई कोर्ट से भेजा है, आप वहां अप्लाई करें, अगर आपको वहां राहत नहीं मिले, तो आप यहां आएं।”

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जनवरी महीने में सुनवाई के लिए लिस्ट

CJI कांत ने आगे कहा कि सिर्फ इस आधार पर कि याचिकाकर्ता एक सीनियर IAS ऑफिसर हैं, उसे सीधे सुप्रीम कोर्ट आने देना गलत होगा। उन्होंने कहा, "सिर्फ इसलिए कि आप एक सीनियर ब्यूरोक्रेट हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट आपके लिए खुल जाना चाहिए?" इस पर अरोड़ा ने जवाब दिया: "ऐसा नहीं है माय लॉर्ड्स।" इस पर CJI ने कहा, "तो आपको पहले हाई कोर्ट जाना चाहिए था।" इसके बाद बेंच ने आखिरकार याचिकाओं के बैच को जनवरी महीने में सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें
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