सावधान! उनकी सभा में जाना तो ताबूत साथ ले जाना; विजय की रैली में फिर हुई मौत तो विरोधी कसने लगे तंज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सेलम रैली में युवक की मौत की मुख्य वजह डिहाइड्रेशन की वजह से हीटस्ट्रोक था। वह आदमी मौके पर बेहोश हो गया और बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसने दम तोड़ दिया।

तमिलनाडु के सेलम में टीवीके की एक रैली में पार्टी प्रमुख और अभिनेता से नेता बने विजय के संबोधन के दौरान एक व्यक्ति हीट स्ट्रोक से बेहोश हो गया, जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। चुनावी राज्य में अब इस घटना पर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी पार्टी AIADMK ने इस घटना पर तंज कसा है और विवादित बयान दिया है। AIADMK के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा है कि अब राज्य के लोगों को विजय की रैली में ताबूत लेकर जाना चाहिए।
सेलम की घटना के कुछ घंटों बाद AIADMK प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में TVK की रैली में जाने वालों को “ताबूत लेकर जाना चाहिए।” सत्यन ने वायरल डांसिंग पेलबियरर्स का एक पोस्ट शेयर किया, जो घाना के डांसर्स का एक ग्रुप है, जिन्होंने ताबूत लेकर डांस करते हुए अपने कोरियोग्राफ किए गए और हाई-एनर्जी डांस के लिए दुनिया भर में नाम कमाया। इस पोस्ट में सत्यन ने कहा, “भविष्य में TVK की रैली में जाने के लिए, ताबूत लेकर जाना चाहिए।”
पीड़ित को दिल की बीमारी थी
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मौत की मुख्य वजह डिहाइड्रेशन की वजह से हीटस्ट्रोक था। वह आदमी मौके पर बेहोश हो गया और बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसने दम तोड़ दिया। पुलिस सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित को पहले से दिल की बीमारी भी थी। दूसरी तरफ X पर एक पोस्ट में, TVK नेता निर्मल कुमार ने पीड़ित की पहचान सूरज के तौर पर की और कहा कि पब्लिक मीटिंग में शामिल होने के दौरान तबीयत खराब होने की वजह से वह अचानक गिर पड़ा। निर्मल कुमार ने लिखा, "उसे तुरंत फर्स्ट एड दिया गया और ऑर्गनाइज़र उसे समय पर हॉस्पिटल ले गए। हालांकि, सूरज की हार्ट अटैक से मौत दिल दहला देने वाली है।" उन्होंने "युवा सूरज की असमय मौत पर गहरी संवेदना" जताई।
5000 की थी अनुमति, 7000 लोग हुए थे जमा
पुलिस सूत्रों ने कहा कि रैली के आयोजकों ने 5,000 की मंजूर क्षमता के बावजूद 7,000 से ज़्यादा लोगों को वहां आने दिया था और जिन लोगों को सेहत से जुड़ी दिक्कतें थीं, उन्हें भी एंट्री दी गई थी। उन्होंने कहा कि मौत की सही वजह पता चलने पर ऑर्गनाइज़र के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।इस घटना ने पिछले सितंबर में विजय के साथ करूर रैली में हुई भगदड़ की यादें ताज़ा कर दीं, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। इसके उलट, सलेम में विजय की अगली रैली की प्लानिंग करूर जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कड़े सेफ्टी उपायों के साथ की गई थी। अधिकारियों ने भीड़ को मैनेज करने और ज़्यादा भीड़भाड़ रोकने के लिए भारी पुलिस तैनात की, सभी एंट्री पॉइंट पर गाड़ियों की चेकिंग की और ट्रैफिक डायवर्जन किया।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


