स्थापना के 100 साल पर RSS बदल रहा अपना ढांचा, सभी राज्यों में अब नहीं होंगे प्रांत प्रचारक
संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव अचानक नहीं हो रहा है, बल्कि उससे उसकी लंबी सामाजिक व राजनीतिक रणनीति जुड़ी है, जिसके साथ उसने जनसंघ को खड़ा किया था। जनसंघ व भाजपा 75 साल पूरे करने जा रहा है।
देश में 21वीं सदी में आ रहे सामाजिक व राजनीतिक बदलावों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी में है। संघ सौ साल का हो चुका है और वह नई स्थितियों में खुद का विस्तार कर रहा है। भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार के विजन व मिशन विकिसत भारत 2047 में भी संघ का यह बदलाव महत्वपूर्ण होगा, जिसमें वह ज्यादा बेहतर तरीके से अपने संगठन के साथ राष्ट्र निर्माण के नए पथ पर सहयोग कर सके।
जानकारी के अनुसार, संगठन में अब त्रिस्तरीय व्यवस्था होगी, जिसमें केंद्र, राज्य व संभाग होंगे। अब तक पूरा देश क्षेत्र 11 में बंटा था जो अब 9 क्षेत्र तक सीमित रह जाएगा। संगठन के क्षेत्रीय ढांचे में बदलाव से लेकर कई पुराने पदों को समाप्त करना और नए पदों का सृजन भी संघ की योजना में शामिल हैं।
संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव अचानक नहीं हो रहा है, बल्कि उससे उसकी लंबी सामाजिक व राजनीतिक रणनीति जुड़ी है, जिसके साथ उसने जनसंघ को खड़ा किया था। जनसंघ व भाजपा 75 साल पूरे करने जा रहा है। संघ का सामाजिक व भाजपा का राजनीतिक मिशन अब देश की दशा व दिशा तय करने में निर्णायक है। ऐसे में 21 वीं सदी की नई पीढ़ी के साथ और नए संचार युग के साथ बढ़ने के लिए यह बदलाव किए जाने हैं।
यूपी और उत्तराखंड अब एक क्षेत्र होंगे
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर दो से एक क्षेत्र किया जाएगा। अब तक दोनों में दो अलग-अलग क्षेत्र प्रचारक होते थे। इसी तरह राजस्थान को अलग क्षेत्र नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तरी क्षेत्र में मिलाया जाएगा।
सभी राज्यों में अब प्रांत प्रचारक नहीं होंगे
आरएसएस संगठन के ढांचे में पदाधिकारियों के लिहाज से सबसे बड़ा बदलाव प्रांत प्रचारक के पद को समाप्त करना है। जानकारी के अनुसार, अब हर राज्य में एक प्रचारक होगा। इन प्रचारकों को राज्य प्रचारक कहा जाएगा।
पूरे देश में 75 संभाग प्रचारक की नई व्यवस्था की जाएगी
संघ संभाग स्तर पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू कर रहा हे। राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी। संभागीय प्रचारक के नीचे की व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगी। संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक की व्यवस्था पूर्ववत चलती रहेगी।

लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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