उमर अब्दुल्ला ने किया RSS प्रमुख मोहन भागवत का समर्थन, बोले- सरकार का विरोध देश के लिए फायदेमंद
Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर चीफ उमर अब्दुल्ला ने जेन-जी को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध और देश का विरोध दो अलग-अलग बाते हैं। सरकार का विरोध देश के लिए फायदेमंद होता है।

Omar Abdullah backs RSS chief: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दु्ल्ला ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के जेन जी को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह उन्होंने सरकार का विरोध करने और देश का विरोध करने के बीच के अंतर को स्वीकार किया है। जम्मू-कश्मीर के सीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार का विरोध देश के लिए फायदेमंद भी साबित होता है, क्योंकि इससे कई बार फैसले जल्दी और जनहित में लिए जाते हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत के जेन जी के ऊपर दिए गए बयान पर टिप्पणी करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह बहुत बेहतर है। उन्होंने कहा, "अच्छी बात यह है कि मोहन भागवत जी ने इस अंतर को स्वीकार किया है। सरकार का विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है। वास्तव में सरकार का विरोध कई बार देश के हित में होता है, क्योंकि इससे जहां भी गलतियां होती हैं, उन्हें सुधारने में मदद मिलती है।'' उन्होंने कहा कि नीट के मामले में हुए आंदोलन से सरकार को भी जवाबदेही तय करने में मदद मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के संचालन में सुधार होगा।
क्या कहा था मोहन भागवत ने?
बता दें, गुरुवार को मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में लगभग 2,000 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' के प्रतिभागियों को संघ प्रमुख ने संबोधित किया था। उन्होंने कहा, ''यदि जेन-जी के युवा आंदोलन कर रहे हैं तो वे राष्ट्रविरोधी नहीं हैं। वे हमारे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनके साथ संवाद और बेहतर संबंध बनाने की जरूरत है।'' संघ प्रमुख के इस बयान से सत्ताधारी भाजपा के वैचारिक संगठन ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी है।
प्रदर्शनकारियों को परेशान करना बंद होना चाहिए-उमर अब्दुल्ला
जम्मू कश्मीर सीएम ने उन खबरों पर भी चिंता जताई, जिनमें प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों को परेशान किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग हो रही है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि यह कार्रवाई बंद होनी चाहिए। ऐसा कोई भी सिलसिला बंद होना चाहिए।" ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान गालियां देने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जा रहा है। पीएम मोदी ने भी हाल में एक वीडियो के जरिए गालियां देने वाले बच्चों को माफ करने की बात कही थी।
बता दें, यह पूरा मामला नीट पेपर लीक के बाद शुरु हुआ था। बाद में कॉकरोच पार्टी का प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने मामले को बढ़ा दिया। 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा ने और भी ज्यादा मामले को बिगाड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इस दिन करीब 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि करीब 60 से 70 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। बाद में सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांग को स्वीकार कर लिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
इस प्रोटेस्ट के बाद भारतीय राजनीति में जेन जी को लेकर एक नए सिरे से बातचीत शुरू हो गई। पीएम मोदी का इंस्टाग्राम पर वीडियो डालना हो या राहुल गांधी का इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनिथिंग' लगाना हो। दोनों ही पार्टियों ने युवाओं को रिझाना शुरू कर दिया है। इस बार संसद में भी जेन जी शब्दावली का जमकर प्रयोग किया गया है।


