पेपर लीक पर अब उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा का किया फैक्ट चेक, याद दिलाई तारीख
विपक्ष पर पलटवार करते हुए नड्डा ने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में हुए पेपर लीक की लिस्ट गिनाई थी। इस पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह बिगड़ गए।

देशभर में NEET सहित अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक होने को लेकर बवाल मचा हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों लोग आंदोलनरत हैं और केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। अब इस हंगामे के बीच जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का फैक्ट चेक कर दिया है। उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा के उस बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर में हुई एक परीक्षा के पेपर लीक का ठीकरा कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार पर फोड़ा था।
उमर अब्दुल्ला ने जेपी नड्डा को तारीख याद दिलाते हुए कहा कि जब यह धांधली हुई थी, तब राज्य में किसी दूसरी पार्टी की सरकार नहीं थी, बल्कि केंद्र का ही शासन था। बता दें कि इससे पहले बुधवार रात को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी सहित विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन के जरिए अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया था। विपक्ष पर हमला करते हुए नड्डा ने कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों में हुए पेपर लीक की लिस्ट गिनाई। इसी दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा, “अगर मैं जम्मू-कश्मीर में सर्विस सिलेक्शन बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक की बात करूं... तो वहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है।”
उमर अब्दुल्ला का फैक्ट चेक
जेपी नड्डा के इस बयान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्हें सही तारीख और तथ्य याद दिलाए। उमर अब्दुल्ला ने लिखा, “जम्मू कश्मीर में SSB पेपर लीक के बारे में आप बिल्कुल सही हैं नड्डा जी, लेकिन आपकी तारीख गलत है। यह मामला 2022 का है। उस समय NC और कांग्रेस की सरकार नहीं थी, बल्कि उपराज्यपाल की अगुवाई वाली सरकार थी। लेकिन सभी को इस नाकामी की याद दिलाने के लिए आपका धन्यवाद।”
रिपोर्ट का क्या हुआ?
उमर अब्दुल्ला यही नहीं रुके। उन्हों अपने पोस्ट में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के उस समय के आदेश की कॉपी भी शेयर की। उनके मुताबिक हाईकोर्ट ने तब प्रशासन को निर्देश दिया था कि सर्विस सिलेक्शन बोर्ड के कामकाज की जांच के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाए। उमर अब्दुल्ला ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमें नहीं पता कि उस हाई लेवल कमेटी या उसकी रिपोर्ट का क्या हुआ। शायद आप अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमारे साथ वह जानकारी साझा कर सकें।”
गौरतलब है कि 2022 में प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जम्मू कश्मीर प्रशासन को जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। इनमें उपनिरीक्षक, जूनियर इंजीनियर और वित्त लेखा सहायक सहित कई पदों की परीक्षाएं शामिल थीं। मुंबई स्थित 'एपटेक लिमिटेड' को कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं आयोजित कराने का जिम्मा देने को लेकर भी प्रशासन को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था। दरअसल कथित अनियमितताओं के कारण इस कंपनी को पहले ही कई राज्य सरकारें काली सूची में डाल चुकी थीं।
पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा आश्वासन
इससे पहले शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर जंतर मंतर पर हजारों युवाओं के धरने के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार को बड़ा आश्वासन दिया। पीएम मोदी ने कहा है कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीएम मोदी ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के जल्द से जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं…।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि छात्रों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार कई कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”


