'अमेरिका-इजरायल को किसने अधिकार दिया', खामेनेई की हत्या पर उमर अब्दुल्ला भड़के
खामेनेई की मौत के बाद घाटी में हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण सुरक्षा बलों को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे लोगों की भावनाओं को समझते हैं, क्योंकि खामेनेई की मौत से कई लोग आक्रोशित हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को यह करने का कौन सा कानून अधिकार देता है? उमर ने जम्मू में पत्रकारों से बातचीत में जोर दिया कि ईरान के लोगों को ही अपना नेतृत्व चुनने का अधिकार है, बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के। उन्होंने खामेनेई और उनके परिवार की मौत की निंदा करते हुए कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी देश को दूसरे देश पर हमला कर उसके नेतृत्व को बदलने का हक नहीं है।
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपील की कि वे अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। साथ ही, गुस्से व दुख को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से व्यक्त करें। खामेनेई की मौत के बाद घाटी में हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण सुरक्षा बलों को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे लोगों की भावनाओं को समझते हैं, क्योंकि खामेनेई की मौत से कई लोग आक्रोशित हैं, लेकिन भावनाओं में बहकर स्थिति बिगाड़ना ठीक नहीं। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से भी अपील की कि वे बल प्रयोग में संयम बरतें, ताकि किसी को चोट न पहुंचे या जान न जाए।
घाटी विरोध-प्रदर्शन पर क्या बोले
मुख्यमंत्री ने धार्मिक नेताओं और समुदाय से अपील की कि वे लोगों को शांति बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन इसे संवेदनशील तरीके से करना चाहिए ताकि अन्य नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित न हो। कुछ जगहों पर प्रदर्शन की इजाजत दी गई, जबकि कुछ को अस्वीकार किया गया। उमर अब्दुल्ला ने ईरान में फंसे भारतीयों, खासकर जम्मू-कश्मीर के छात्रों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय में है और अधिकांश लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। कुछ अंतिम वर्ष के छात्र अस्पतालों में हैं और वे जाने को तैयार नहीं हैं।
सीएम ने किसे बताया गलत
उमर अब्दुल्ला ने उनसे अपील की कि वे दूतावास की सलाह मानें और सुरक्षित क्षेत्रों में जाएं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इजरायल-अमेरिका की ओर से ईरान पर हमला गलत था, लेकिन ईरान की ओर से यूएई, सऊदी अरब जैसे देशों पर जवाबी हमले भी गलत थे। इससे युद्ध फैल रहा है, जबकि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। अंत में उमर ने कहा कि अगर रूस को यूक्रेन में जो किया वह सही माना जाए, तो अन्य देशों के कार्य भी सही ठहराए जा सकते हैं, जो खतरनाक है। उन्होंने जोर दिया कि किसी देश के लोग अगर अपनी सरकार से असंतुष्ट हैं, तो वह आंतरिक मामला है, लेकिन बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप गैरकानूनी है।



