क्या 19 साल बाद बढ़ेगी वृद्धावस्था पेंशन? 200 रुपये महीने पर सरकार का ऐसा जवाब

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बुजुर्गों को मिलने वाली 200 रुपये मासिक पेंशन पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। 19 साल से राशि में बदलाव नहीं हुआ है और फिलहाल इसे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जानें सरकार ने पेंशन को लेकर संसद में क्या कहा।

बुजुर्गों की पेंशन पर बड़ा अपडेट, 19 साल से नहीं बदली ₹200 की रकम; केंद्र का जवाब
बुजुर्गों की पेंशन पर बड़ा अपडेट, 19 साल से नहीं बदली ₹200 की रकम; केंद्र का जवाब

केंद्र सरकार ने बुजुर्गों को मिलने वाली 200 रुपये की मासिक पेंशन का बचाव करते हुए कहा है कि लाभार्थी इससे संतुष्ट हैं। सरकार ने बताया कि फिलहाल इस राशि को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह रकम पिछले 19 वर्षों से नहीं बदली है।

ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने 11 अगस्त को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। कांग्रेस सांसद सुनील बोस ने सरकार से पूछा था कि क्या उसने पेंशन की मौजूदा राशि पर्याप्त होने का आकलन किया है और क्या इसे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है।

किसे कितनी पेंशन मिलती है?

ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) चलता है। इसके अंतर्गत कमजोर वर्गों को पेंशन देने के लिए तीन योजनाएं हैं।

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: 60 से 79 वर्ष की उम्र के लोगों को 200 रुपये प्रति माह।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना: 18 वर्ष से अधिक उम्र के दिव्यांग लोगों को 300 रुपये प्रति माह।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना: 40 वर्ष से अधिक उम्र की विधवाओं को 300 रुपये प्रति माह।
  • 80 वर्ष की उम्र के बाद: इन सभी श्रेणियों के लाभार्थियों को 500 रुपये प्रति माह मिलते हैं।

फिलहाल NSAP के तहत 3.09 करोड़ लाभार्थी कवर हैं।

सरकार ने क्या कहा?

कमलेश पासवान के मुताबिक, मंत्रालय और नीति आयोग समय-समय पर NSAP योजनाओं के प्रभाव और उनके क्रियान्वयन का आकलन करते रहे हैं। इन आकलनों में जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को संतोषजनक बताया गया है। उनके अनुसार, ज्यादातर लाभार्थियों ने पेंशन के चयन, मंजूरी और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर संतुष्टि जताई है।

मंत्री ने यह भी कहा कि पेंशन की मदद से लाभार्थियों को भोजन और स्वास्थ्य देखभाल जैसे जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिली है। इससे इन जरूरतों के लिए उनकी परिवार के सदस्यों पर निर्भरता कम हुई है।

राज्य चाहें तो बढ़ा सकते हैं राशि

पेंशन की राशि बढ़ाने के सवाल पर केंद्र ने कहा कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने संसाधनों से केंद्रीय सहायता के ऊपर अतिरिक्त वित्तीय मदद दे सकते हैं। सरकार के अनुसार, फिलहाल वृद्धावस्था पेंशन योजना में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त राशि 50 रुपये से लेकर 3,800 रुपये प्रति लाभार्थी प्रति माह तक है। मंत्री ने कहा कि NSAP के तहत सहायता की दर में संशोधन का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने 200 या 300 रुपये की मासिक पेंशन को बुजुर्गों और विधवाओं के लिए अपर्याप्त बताया। उनका कहना है कि NSAP की राशि को महंगाई के हिसाब से अब तक नहीं जोड़ा गया है और करीब दो दशक से इसमें संशोधन नहीं हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि पेंशन पाने वाले लाभार्थी गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, लेकिन कई राज्य गरीबी रेखा के मानदंड में संशोधन नहीं कर रहे हैं। इसके कारण कई गरीब लोगों को सिर्फ इसलिए लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि उनका नाम BPL सूची में नहीं है।

संसदीय समिति ने भी जताई नाराजगी

ग्रामीण विकास संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने भी पेंशन की राशि में संशोधन नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय की आलोचना की है। समिति ने 11 अगस्त को संसद के समक्ष अपनी सिफारिश में कहा कि राशि में संशोधन पर विचार किए जाने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया। समिति के मुताबिक, इससे इस मुद्दे पर नए सिरे से और तत्काल ध्यान देने की जरूरत सामने आती है।

Amit Kumar

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