दुनिया पर मंडराया तेल का संकट! जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री को लगाया फोन, क्या बात हुई?

Mar 11, 2026 08:45 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

भारत के विदेश जयशंकर और ईरान के अराघची के बीच पश्चिम एशिया युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर अहम बातचीत हुई। ईरान ने समुद्री व्यापार की अस्थिरता के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। पढ़ें पूरी खबर।

दुनिया पर मंडराया तेल का संकट! जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री को लगाया फोन, क्या बात हुई?

ईरान और अमेरिका-इजरायल में चल रहे गंभीर सैन्य संघर्ष के बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की। ईरानी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान का कड़ा रुख और अमेरिका पर आरोप

बता दें कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले शुरू करने के बाद से जयशंकर ने तीसरी बार अराघची से बात की। बातचीत के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रमुख रूप से ये बातें रखीं-

  • इस क्षेत्र में शिपिंग और समुद्री यातायात के लिए जो असुरक्षित स्थिति पैदा हुई है, वह अमेरिका और इजरायल की आक्रामक और अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों का सीधा परिणाम है।
  • ईरान ने अपनी समुद्री सुरक्षा के सैद्धांतिक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस संकट के लिए अमेरिका की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर कहा, 'आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रम पर विस्तृत बातचीत हुई। हम संपर्क में रहने पर सहमत हुए।' ईरान द्वारा मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त करने की घोषणा के बाद दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह पहली फोन वार्ता थी। मोजतबा को सर्वोच्च नेता नियुक्त करने की घोषणा उनके पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में हत्या के कुछ दिनों बाद की गई।

फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल पायी कि चार मार्च को श्रीलंका के पास अमेरिका द्वारा एक ईरानी युद्धपोत को डुबोए जाने की घटना का जयशंकर और अराघची के बीच हुई बातचीत में जिक्र हुआ या नहीं। ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।

जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी बात की और पश्चिम एशिया के संकट पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध

यह राजनयिक बातचीत ऐसे समय में हुई है जब यह क्षेत्र एक भयंकर सैन्य टकराव से गुजर रहा है। तनाव के बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग ब्लॉक कर दिया है। यह दुनिया का एक बेहद संकरा लेकिन महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग 20% व्यापार होता है।

भारत की प्रमुख चिंताएं और रुख

भारत के लिए यह युद्ध केवल एक भू-राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके सीधे आर्थिक और मानवीय परिणाम हैं, जिन्हें लेकर विदेश मंत्री लगातार कूटनीतिक संपर्क साधे हुए हैं। भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। व्यापारिक मार्गों के बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन के लिए एक बड़ा खतरा है।

खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं। भारत सरकार के लिए इनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह व्यापारिक जहाजों पर हमलों के सख्त खिलाफ है। नई दिल्ली लगातार यह वकालत कर रही है कि हिंसा को रोककर बातचीत और कूटनीति के जरिए जल्द से जल्द शांति बहाल की जानी चाहिए।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar

डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।


अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।