आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं हो सकते दोहरे मापदंड, अजित डोभाल की दो टूक
डोभाल ने 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद स्थापित वैश्विक संस्थाओं और ढांचों में तत्काल सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया, और कहा कि उन्हें आज की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में ज्यादा असरदार बनाया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते। उन्होंने मॉस्को में पहले अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा फोरम और सुरक्षा मामलों के लिए उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डोभाल ने 28 मई को सर्गेई शोइगु द्वारा आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। इस फोरम का मुख्य विषय "बहुध्रुवीय विश्व के उदय के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष चुनौतियां और खतरे" था।
सभा को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि जिम्मेदार देशों को यह साफ फैसला करना होगा कि वे आतंकवाद के प्रायोजकों का समर्थन करते हैं या फिर निर्णायक कार्रवाई से उनका मुकाबला करते हैं। एनएसए ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते'' और साथ ही आतंकवाद के ख़तरों से निपटने के लिए एक एकजुट वैश्विक प्रतिक्रिया की जरूरत पर जोर दिया।
डोभाल ने 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद स्थापित वैश्विक संस्थाओं और ढांचों में तत्काल सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया, और कहा कि उन्हें आज की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में ज्यादा असरदार बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुधारों से 'ग्लोबल साउथ' के देशों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और वैश्विक फैसले लेने की प्रक्रियाओं में उनके विचारों को शामिल किया जाना चाहिए। पश्चिम एशिया की स्थिति पर रोशनी डालते हुए डोभाल ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापार का सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवागमन सुनिश्चित करना जरूरी है। बता दें कि डोभाल की 28 और 29 मई को इस फोरम के दौरान अलग से द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।
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