
ऑपरेशन सिंदूर से कुछ नहीं मिला; नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट के बाद फारुख अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए ब्लास्ट के बाद पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर से हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। उम्मीद है कि वह (ऑप सिंदूर) फिर से नहीं होगा।
पहलगाम में हुए हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी आतंकियों पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का बयान सामने आया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से कुछ भी हासिल नहीं हुआ है और उन्हें उम्मीद है कि आगे ऐसा कुछ भी नहीं होगा। इतना ही नहीं उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों से अपने रिश्ते सुधारने का भी आह्वान किया। अब्दुल्ला की यह टिप्पणी शुक्रवार रात नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए धमाके के बाद सामने आई। इस धमाके में कम से कम 9 लोगों के मारे जाने का आशंका है।

एएनआई से बात करते हुए फारुख अब्दुल्ला ने दिल्ली में हुए लालकिला कार विस्फोट और नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट का हवाला देते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऐसा कुछ (ऑपरेशन सिंदूर) नहीं होगा। इससे कुछ नहीं निकला। हमारे लोग मारे गए। हमारी सीमाओं से समझौता किया गया। मुझे उम्मीद है कि दोनों देश अपने रिश्ते सुधारेंगे। यही एकमात्र रास्ता है। मैं वाजपेयी जी की बात दोहराना चाहता हूँ, दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं।”
शुक्रवार को हुए नौगाम पुलिस स्टेशन पर अपनी बात रखते हुए फारुख ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने विस्फोटक सामग्री से जिस तरह से निपटा, वह हमारी गलती थी। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की सलाह ले लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह हमारी गलती है, जो लोग इस विस्फोटक को बेहतर समझते हैं, हमें खुद इसे संभालने की कोशिश करने के बजाय पहले उनसे बात करनी चाहिए थी कि इससे कैसे निपटा जाए। आपने नतीजा देखा, नौ लोगों की जान चली गई। वहाँ के घरों को बहुत नुकसान हुआ।"
गौरतलब है कि नौगाम विस्फोट जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार रात श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए एक आकस्मिक विस्फोट में नौ लोग मारे गए और 32 घायल हो गए। यह विस्फोट उस समय हुआ जब पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों के एक जखीरे से नमूने निकाल रहे थे।



