स्पेशल कोर्ट पहुंची कंगना और जावेद अख्तर की कानूनी लड़ाई, जानें क्यों ट्रांसफर किया गया केस

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  • कंगना रनौत और जावेद अख्तर के बीच चल रही कानूनी जंग अब स्पेशल कोर्ट में पहुंच गई है। कंगना रनौत के सांसद बनने के बाद यह मामला एमपी, एमएलए स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

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बॉलीवुड ऐक्ट्रेस और लोकसभा सांसद कंगना रनौत और गीतकार जावेद अख्तर की लड़ाई अब स्पेशल कोर्ट पहुंच गई है। जावेद अख्तर ने कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का केस किया था। इसके बाद कंगना ने भी उनके खिलाफ शिकायत कर दी। अब इस मामले की सुनवाई बांद्रा स्पेशल कोर्ट में होगी। मुंबई की चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बीजेपी सांसद के सभी केस अंधेरी कोर्ट से स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।

21 अगस्त को दिए गए आदेश में कहा गया है कि कंगना रनौत के सांसद चुने जाने के बाद इस केस का ट्रांसफर किया जा रहा है। अब इसकी सुनवाी एमपी और एमएलए से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाला स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट करेगा। बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद चुनी गई हैं।

अब दोनों ही पक्षों के वकीलों को बांद्रा कोर्ट जाना होगा। जल्द ही इन मामलों से जुड़े दस्तावेजों को भी स्पेशल कोर्ट भेज दिया जाएगा। बता दें कि कंगना रनौत इस मामले को पहले भी किसी अन्य कोर्ट में ट्रांसफर करवाने की कोशिश कर चुकी हैं। हालांकि चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट और दिनदोशी सेशन कोर्ट ने उनकी अर्जी स्वीकार नहीं की थी।

कंगना रनौत ने जावेद अख्तर के खिलाफ शिकायत की है कि मार्च 2016 में उनके आवास पर उनका अपमान किया गया था। उनका कहना है कि कंगना और ऋतिक रोशन के बीच विवाद में जावेद अख्तर में खुद दखलअंदाजी की और रनौत पर माफी मांगने का दबाव बनाया। 2021 में दिए एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने इस मीटिंग का जिक्र किया था। इसके बाद जावेद अख्तर ने उनके खिलाफ मानहानि का केस कर दिया। इसके बाद कंगना रनौत ने भी काउंटर कंप्लेन की और कहा कि उनपर जबरदस्ती माफी मांगने का दबाव उन्होंने बनाया था। हालांकि रनौत कि शिकायत पर कार्यवाही पर सेशन कोर्ट ने रोक लगा दी थी।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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