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असम चुनाव से पहले 'पाकिस्तान फाइल्स', नीच हरकत बोल CM हिमंता पर उखड़े गौरव गोगोई; लगाए कई आरोप

असम चुनाव से पहले 'पाकिस्तान फाइल्स', नीच हरकत बोल CM हिमंता पर उखड़े गौरव गोगोई; लगाए कई आरोप

संक्षेप:

गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने बच्चों की जानकारी उजागर करने की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे असम शर्मसार हुआ है। उन्होंने सरमा को मुख्यमंत्री पद के अयोग्य करार दिया। गोगोई ने कहा कि वे इतनी नीच हरकत पर उतर आए कि मेरे बच्चों से जुड़ी जानकारी भी लीक कर दी।

Feb 09, 2026 03:04 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, गुवाहाटी
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असम की राजनीति में इन दिनों तूफान मचा हुआ है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरे संबंध हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं। रविवार को ढाई घंटे की लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरमा ने SIT रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक किए, जिसमें गोगोई की 2013 की पाकिस्तान यात्रा, उनकी पत्नी के पाकिस्तान में काम करने और दोनों के बीच कथित वित्तीय-संचार संबंधों का जिक्र है। असम कैबिनेट ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानते हुए SIT रिपोर्ट और FIR को गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपने का फैसला किया है, जहां अब केंद्रीय एजेंसी जांच करेगी। अब इसके जवाब में गौरव गोगोई ने सोमवार को जोरदार पलटवार किया। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद और 'C-ग्रेड सिनेमा' जैसा बताया, SIT पर कोई ठोस सबूत न पेश करने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री पर अपने बच्चों की निजी जानकारी लीक करने का इल्जाम लगाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद के अयोग्य करार दिया।

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बच्चों से जुड़ी जानकारी लीक कर दी

असम की राजधानी गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने बच्चों की जानकारी उजागर करने की कड़ी निंदा की और कहा कि इससे असम शर्मसार हुआ है। उन्होंने सरमा को मुख्यमंत्री पद के अयोग्य करार दिया। गोगोई ने कहा कि वे इतनी नीच हरकत पर उतर आए कि मेरे बच्चों से जुड़ी जानकारी भी लीक कर दी। हम भी उनके बच्चों के बारे में जानते हैं, सबको पता है, लेकिन हम इसे उजागर नहीं करना चाहते। उन्होंने साबित कर दिया कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी के लायक नहीं हैं। उनकी बातों से असम शर्मसार हुआ है। वे झूठी जानकारी क्यों फैला रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट को उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन करते हुए गोगोई ने कहा कि SIT ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि कल ढाई घंटे की लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सके जिससे यह साबित हो कि मैं किसी दूसरे देश का एजेंट हूं। वे गोलमोल बातें करते रहे। उनके पास पिछले छह महीनों से SIT की रिपोर्ट मौजूद है। पिछले साल उन्होंने कहा था कि 10 सितंबर को रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, तो हमारा सिर्फ एक सवाल है कि मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से इस रिपोर्ट पर चुप क्यों रहे? इसका कारण यह है कि उनके द्वारा गठित SIT कोई सबूत पेश करने में असफल रही।

असम सीएम पर जमीन कब्जा करने का आरोप

इस दौरान कांग्रेस सांसद ने एक बार फिर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सरमा के परिवार ने असम में लगभग 12000 बीघा (करीब 4000 एकड़) जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। उन्होंने SIT जांच में सहयोग करने की बात दोहराई और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। गोगोई ने कहा कि कल की लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य कारण कांग्रेस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता है। अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा होता, तो मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से चुप क्यों बैठे थे? कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री परिवार की 12000 बीघा जमीन के अवैध कब्जे का खुलासा करने के बाद उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही मैं कहता आ रहा हूं कि मैं SIT जांच के खिलाफ नहीं जाऊंगा। मैं चाहता हूं कि SIT रिपोर्ट जारी की जाए। मुख्यमंत्री चाणक्य नहीं हैं... मैं इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देने नहीं, बल्कि मीडिया और असम की जनता का सम्मान करने के लिए आया हूं। मैं राजनीति में असम की जनता के मुद्दों को उठाने के लिए हूं। फैसला उन्हें करने दीजिए।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना की और विधानसभा चुनावों से पहले की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को 'प्रचार और सिनेमा' करार दिया। बोरदोलोई ने कहा कि चुनाव से महज 50-60 दिन पहले असम के मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भाजपा प्रचार कर रही है, सिनेमा बना रही है। 'केरल स्टोरी' और विवेक अग्निहोत्री की 'कश्मीर फाइल्स' की तरह, असम के मुख्यमंत्री भी कुछ करना चाहते हैं। बोरदोलोई ने पलटवार करते हुए याद दिलाया कि पूर्व उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी ने 2005 में पाकिस्तान का दौरा किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में वहां जाकर नवाज शरीफ के साथ बिरयानी खाई थी। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई का 'गुनाह' सिर्फ पाकिस्तान जाना था। यह पूरी तरह मनगढ़ंत कहानी है, जिसका उद्देश्य गौरव गोगोई को पाकिस्तानी एजेंट साबित करना है। असली मकसद कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा और मुख्यमंत्री परिवार द्वारा 12,000 बीघा जमीन हड़पने के खुलासे को दबाना है।

रविवार को सीएम हिमंता ने लगाए थे कई आरोप

गौरतलब है कि इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई ने 18 मार्च 2011 से 17 मार्च 2012 तक पाकिस्तान में काम किया और उनके परिवार का अली तौकीर शेख से घनिष्ठ संबंध था। सरमा ने गौरव गोगोई की 2013 की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल के फैसले का हवाला देते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की बात कही और रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपने की घोषणा की।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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