
हर कश्मीरी मुसलमान आतंकी नहीं... दिल्ली ब्लास्ट के बाद CM उमर अब्दुल्ला को सता रही ये बड़ी चिंता
संक्षेप: सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि हमें एक बात याद रखनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर का हर निवासी आतंकवादी नहीं है या आतंकवादियों से जुड़ा नहीं है। ये कुछ ही लोग हैं जिन्होंने हमेशा यहाँ शांति और भाईचारे को बर्बाद किया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा है कि हर कश्मीरी मुसलमान आतंकवादी नहीं है। सोमवार को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके के बाद उन्होंने कश्मीरी मुसलमानों पर बढ़ते संदेह के बीच ये बयान दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद केंद्र शासित प्रदेश के मुस्लिमों के साथ देशभर में भेदभाव बढ़ सकता है। आज सुबह जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने दिल्ली ब्लास्ट की निंदा की और कहा कि कोई भी धर्म इतनी क्रूरता से निर्दोष लोगों की हत्या को उचित नहीं ठहरा सकता।

10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और लगभग दो दर्जन लोग घायल हो गए। इस धमाके के तार कश्मीरी डॉक्टरों से जुड़े हैं, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। i20 कार के ड्राइवर डॉ. उमर मोहम्मद और डॉ. मुज़म्मिल पुलवामा का निवासी है, जबकि डॉ. अदील राठेर अनंतनाग का निवासी है। विस्फोट की जाँच में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) आतंकवादी समूह से उनके संबंध सामने आए हैं।
जम्मू-कश्मीर का हर निवासी आतंकवादी नहीं
इसी के मद्देनजर सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “हमें एक बात याद रखनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर का हर निवासी आतंकवादी नहीं है या आतंकवादियों से जुड़ा नहीं है। ये कुछ ही लोग हैं जिन्होंने हमेशा यहाँ शांति और भाईचारे को बर्बाद किया है। जब हम जम्मू-कश्मीर के हर निवासी और हर कश्मीरी मुसलमान को एक ही विचारधारा से देखते हैं और सोचते हैं कि उनमें से हर एक आतंकवादी है, तो लोगों को सही रास्ते पर रखना मुश्किल हो जाता है।”
डॉ. उमर नबी कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकवादी नेटवर्क का प्रमुख सदस्य बनकर उभरा है। दिल्ली की सीमा से सटे फरीदाबाद में एक अन्य कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल गनई के किराये के मकान से लगभग 360 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट और हथियारों तथा गोला-बारूद का जखीरा बरामद होने के कुछ ही घंटों के बाद लाल किला के पास विस्फोट हुआ था।
धमाके के लिए चंद लोग ही जिम्मेदार
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘इस हमले के लिए ये चंद लोग ही जिम्मेदार हैं, जो दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और निर्दोष लोग को इसमें नहीं फंसाया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। निर्दोष लोगों की इस तरह निर्मम हत्या बेहद शर्मनाक है। कोई भी इस तरह के कृत्य को उचित नहीं ठहरा सकता। मामले की जांच जारी रहेगी।’’
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘जो भी दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। निर्दोष लोग इसमें न फंसें।’’ बता दें कि डॉ. मुज़म्मिल, डॉ. अदील और लखनऊ निवासी एक अन्य डॉक्टर शाहीन सईद अब पुलिस हिरासत में हैं। ये दोनों फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में साथ काम करते थे, जहाँ विस्फोट की साज़िश रची गई थी।





