पाकिस्तान को सिंधु का एक बूंद भी पानी नहीं; राजनाथ बोले-भारत के पास वैक्सीन भी और ब्रह्मोस भी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

राजनाथ सिंह ने कहा श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है, वहां पहली बार कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है, मुहर्रम के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले जा रहे हैं और दशकों से बंद सिनेमाघर फिर से खुल गए हैं।

पाकिस्तान को सिंधु का एक बूंद भी पानी नहीं; राजनाथ बोले-भारत के पास वैक्सीन भी और ब्रह्मोस भी

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और उसे बढ़ावा देने वाले तत्वों पर तीखा हमला बोला है। हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा द्वारा आयोजित एक बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ किया कि एनडीए सरकार आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों तक सिंधु नदी का पानी किसी भी कीमत पर नहीं पहुंचने देगी। रक्षा मंत्री ने हालिया सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि जो लोग शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते उन्हें उनकी ही भाषा में कैसे जवाब दिया जाता है।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर और सैनिकों की बहादुरी पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी नेताओं की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले किए गए तो पाकिस्तान को अनाज और पानी की आपूर्ति रोक दी जाएगी। पहलगाम आतंकी हमले का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, "पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित करके हमने साफ कह दिया था कि जिनके आंसू सूख चुके हैं, वे हमसे पानी की उम्मीद न करें। हम सिंधु के पानी को आतंकवादियों के आकाओं और मानवता के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे।"

भारत के पास वैक्सीन भी है और ब्रह्मोस भी

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरा है और आपदाओं के समय हमेशा दूसरे देशों की मदद के लिए आगे आया है। कोरोना महामारी के दौरान कई देशों को भारत द्वारा दी गई सहायता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश को वैश्विक स्तर पर विश्व बंधु'(दुनिया का दोस्त) के रूप में देखा जाता है। हालांकि, उन्होंने दुश्मनों को सचेत करते हुए कहा, "भारत के दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास न केवल वैक्सीन है बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल भी है।"

कश्मीर में विकास और कानून व्यवस्था में सुधार

केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, देश को बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त बनाने, जीएसटी (GST) लागू करने, राष्ट्रव्यापी विद्युतीकरण और न्याय प्रणाली में सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "एक समय था जब कांग्रेस कहती थी कि कोई भी अनुच्छेद 370 को नहीं हटा सकता। लेकिन हमारी सरकार ने इसे आसानी से खत्म कर दिया।"

उन्होंने कहा कि जो कश्मीर कभी आतंकवाद के लिए जाना जाता था, वहां अब पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है, वहां पहली बार कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है, मुहर्रम के जुलूस शांतिपूर्वक निकाले जा रहे हैं और दशकों से बंद सिनेमाघर फिर से खुल गए हैं।

तुष्टीकरण नहीं न्याय की राजनीति

विपक्ष पर धर्म की राजनीति करने के आरोपों को खारिज करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा जाति, पंथ या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा किया था और पश्चिम बंगाल सहित हर भाजपा शासित राज्य से उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इसके अलावा वक्फ कानूनों में जरूरी सुधार किए गए हैं और उत्तराखंड से समान नागरिक संहिता (UCC) की शुरुआत हो चुकी है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे देश को एक विशेष परिवार की जागीर समझते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और पीएम मोदी काम और नीयत दोनों में ईमानदार हैं, क्योंकि यह पार्टी अगले चुनाव के बारे में नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के भविष्य के बारे में सोचती है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें