
ना हम चुप बैठ सकते, ना ये मान सकते कि... दिल्ली प्रदूषण मामले में CJI सूर्यकांत ASG पर क्यों भड़के?
CJI ने कहा कि अब हम इस मामले की नियमित सुनवाई करेंगे। उन्होंने टिप्पणी की कि मेरे भाई ने मुझे बताया कि इस मामले की सिर्फ़ इसलिए सुनवाई हुई कि दिल्ली के पॉल्यूशन लेवल और हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने आज (सोमवार, 1 दिसंबर) दो टूक कहा कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वह चुपचाप बैठे नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अब रोजाना सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि वायु प्रदूषण को एक मौसमी मुद्दा नहीं मानना चाहिए कि यह सिर्फ अक्टूबर में सामने आता है।

CJI ने कहा, "अब हम इस पर नियमित सुनवाई करेंगे।" उन्होंने टिप्पणी की, "मेरे भाई ने मुझे बताया कि इस मामले की सिर्फ इसलिए सुनवाई हुई कि दिल्ली के पॉल्यूशन लेवल और हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।" सुनवाई के दौरान CJI ने यह भी पूछा कि CAQM का शॉर्ट टर्म प्लान क्या है?
सिर्फ कागजों में ही उपाय हैं?
CJI ने कहा, “हम लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म प्लान देखना चाहते हैं और हम इस केस को उठाते रहेंगे। देश का कोई भी शहर इतनी बड़ी आबादी को अकोमोडेट करने के लिए या हर घर में कई कारें होंगी, यह सोचकर डेवलप नहीं किया गया। देखते हैं कि हमें कौन से उपाय सुझाए गए हैं और ये उपाय कैसे लागू होते हैं या सिर्फ कागजों में ही उपाय हैं?”
ASG ने क्या जवाब दिया?
इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी ने कहा,"कमीशन हर राज्य सरकार के साथ बैठा है और उसके हिसाब से ही एक्शन प्लान बनाए गए हैं।" बार एंड बेंच के मुताबिक, इस पर CJI ने टिप्पणी की, "लेकिन इसे लागू करने की ज़रूरत है।" इसी बीच ASG भाटी ने फिर कहा, “प्रदूषण पराली जलाने, गाड़ियों से होने वाला पॉल्यूशन, कंस्ट्रक्शन की धूल, सड़क की धूल, बायोमास जलाने आदि वजहों से हुए हैं। मैं हर हेड के तहत उठाए गए कदमों की डिटेल्ड लिस्ट दे सकता हूं।”
हम पराली जलाने पर कमेंट नहीं करना चाहते
इस पर CJI भड़क उठे। उन्होंने कहा, "हम पराली जलाने पर कमेंट नहीं करना चाहते क्योंकि उन लोगों पर बोझ डालना आसान है जिनका हमारे सामने शायद ही कोई प्रतिनिधित्व होता है। पेनल्टी वगैरह के बारे में सोचा जा रहा है लेकिन...ठहरिए..." उन्होंने आगे कहा, "COVID के दौरान, पराली जलाना आम बात थी, लेकिन फिर भी हम नीला आसमान और तारे देख सकते थे। क्यों? कुछ तो सोचने वाली बात है और दूसरे फैक्टर्स भी हैं। हम एक हफ़्ते के अंदर दूसरे फैक्टर्स को रोकने के लिए किए गए उपायों पर एक रिपोर्ट चाहते हैं।"





