जो हिन्दू नहीं, वो नहीं लगा सकते डुबकी; अर्द्धकुंभ से पहले VHP नेता की बड़ी मांग- घोषित हों 'अमृत क्षेत्र'

Jan 07, 2026 05:50 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, हरिद्वार
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साध्वी प्राची ने मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर रोक का उदाहरण देते हुए कहा कि हरिद्वार में भी ऐसे ही नियम लागू होने चाहिए, ताकि धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के हो सकें।

जो हिन्दू नहीं, वो नहीं लगा सकते डुबकी; अर्द्धकुंभ से पहले VHP नेता की बड़ी मांग- घोषित हों 'अमृत क्षेत्र'

विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने अगले साल यानी 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग की है और कहा है कि जब मक्का और मदीना में गैर मुस्लिमों पर ऐसे प्रतिबंध लागू हैं तो हरिद्वार में क्यों नहीं गैर हिन्दुओं पर वैसा ही प्रतिबंध लगाया जाए? उन्होंने इसे सुरक्षा और हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखने से जुड़ा मुद्दा बताया है। साध्वी प्राची ने कहा कि गैर हिन्दुओं के हरिद्वार में गंगा में डुबकी लगाने पर बैन लगाया जाना चाहिए। 45 दिनों तक चलने वाला अर्धकुंभ मेला 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा। राज्य सरकार के अनुसार, इस दौरान 6 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है।

‘अमृत क्षेत्र’ घोषित करने की मांग

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र और हर-की-पौड़ी को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किया जाए और वहां गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र स्थलों पर तथाकथित “जिहादी गतिविधियों” की घटनाएं सामने आई हैं, जो बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए खतरा बन सकती हैं।

महिलाओं के स्नान को लेकर आरोप

साध्वी प्राची ने दावा किया कि हाल ही में दिल्ली से कुछ महिलाएं हरिद्वार आईं और गलत इरादे से गंगा में स्नान किया। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने सरकार से कुंभ क्षेत्र में "जिहादी तत्वों" के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए कानून लागू करने की भी मांग की और इस क्षेत्र में गैर-हिंदुओं द्वारा संपत्ति खरीदने पर भी पाबंदी लगाने की मांग की। उन्होंने मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों के प्रवेश पर रोक का उदाहरण देते हुए कहा, "हरिद्वार में भी ऐसे ही नियम लागू होने चाहिए, ताकि धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के हो सकें।” उन्होंने कहा, "हरिद्वार और नगर पालिका क्षेत्र मुख्य रूप से हिंदू बहुल क्षेत्र हैं। इसलिए त्योहार और स्नान बिना किसी अप्रिय घटना के होने चाहिए।"

सुरक्षा को लेकर चिंता

साध्वी प्राची ने पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके का जिक्र करते हुए कहा कि उस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और उसमें अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने इस हादसे का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया और कहा कि अगर ऐसा पदार्थ गंगा में मिला दिया जाए, जहां करोड़ों लोग स्नान करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री की तारीफ

साध्वी प्राची ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने अवैध मदरसों, मजारों और तथाकथित “शिक्षा जिहाद” के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार कुंभ क्षेत्र को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित करने में सक्षम है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू कर सकती है। कुल मिलाकर, साध्वी प्राची के इस बयान के बाद 2027 अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार में धार्मिक, सुरक्षा और संवैधानिक मुद्दों पर बहस तेज़ होने के आसार हैं। दूसरी तरफ चर्चा है कि उत्तराखंड सरकार ऐसी कवायद में जुटी है, जिसके तहत हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र के सभी धार्मिक स्थानों और गंगा घाटों को गैर हिन्दुओं के प्रवेश के लिए वर्जित घोषित किया जा सकता है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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