मनोनीत सांसद हरिवंश का तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति बनना तय, बॉयकॉट करेगा विपक्ष
हरिवंश ने उच्च सदन के उप सभापति के लिए शुक्रवार को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन किया है और उनके नामांकन के समर्थन में पांच प्रस्ताव दिए गए हैं। नामांकन की आखिरी तारीख गुरुवार को थी।

राज्यसभा के मनोनीत सांसद हरिवंश का उच्च सदन के उप सभापति के पद पर निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। गुरुवार को इस पद के चुनाव के लिए नामांकन की समय सीमा खत्म हो गई है और जानकारी के मुताबिक विपक्ष की ओर से किसी ने नामांकन नहीं किया है। हालांकि विपक्ष ने इस चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है। इससे पहले बीते 10 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा के मनोनीत सांसद के तौर पर शपथ दिलाई गई थी।
जानकारी के मुताबिक हरिवंश ने उच्च सदन के उप सभापति के लिए शुक्रवार को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन कर दिया है। उनके नामांकन के समर्थन में पांच प्रस्ताव दिए गए हैं। बता दें कि चुनाव के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि गुरुवार को दोपहर बारह बजे तक थी। सूत्रों के अनुसार निर्धारित समय तक विपक्ष की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है इसलिए हरिवंश का उपसभापति चुना जाना तय है। इस तरह हरिवंश लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति बन जाएंगे।
नड्डा ने दिया प्रस्ताव
सूत्रों ने बताया है कि राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदस्यों ने हरिवंश के समर्थन में प्रस्ताव दिए हैं। वहीं नड्डा के प्रस्ताव का भाजपा सदस्य एस. फांगनोन कोन्याक ने समर्थन किया है। इसके अलावा अन्य प्रस्तावकों में नितिन नवीन, समर्थनकर्ता बृज लाल, निर्मला सीतारमण, समर्थनकर्ता सुरेंद्र सिंह नागर, संजय कुमार झा, समर्थनकर्ता उपेंद्र कुशवाहा, और जयंत चौधरी, समर्थनकर्ता मिलिंद मुरली देवड़ा शामिल हैं। इन सभी प्रस्तावों में कहा गया है “हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति चुना जाए।”
कैसे होता है उपसाभापति का चुनाव?
स्थापित परंपरा के अनुसार ये प्रस्ताव शुक्रवार को सदन में एक-एक कर प्रस्तुत किए जाएंगे। यदि कोई एक प्रस्ताव सदन द्वारा पारित हो जाता है, तो शेष प्रस्ताव निरर्थक हो जाएंगे और उन पर मतदान नहीं कराया जाएगा। यह संभावना जताई जा रही है कि पहला प्रस्ताव जिसे नड्डा द्वारा प्रस्तुत और श्रीमती कोन्याक द्वारा समर्थित किया जाएगा, सदन द्वारा ध्वनि मत से पारित हो जाएगा। इसके बाद सभापति यह घोषणा करेंगे कि हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है। इसके बाद, परंपरा के अनुसार, हरिवंश को आसन तक ले जाया जाएगा, जिसमें एक सदस्य सत्ता पक्ष से (संभवतः सदन के नेता) और एक सदस्य विपक्ष से (संभवतः विपक्ष के नेता) शामिल होंगे।
विपक्ष करेगा चुनाव का बहिष्कार
इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर संसदीय परंपराओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए होने वाले चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। रमेश ने गुरूवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा केके विपक्ष के चुनाव का बहिष्कार करने के पीछे तीन मुख्य कारण हैंं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले सात वर्षों से लोकसभा में उपाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की है, जो कि पहले कभी नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दूसरा कारण यह है कि हरिवंश का दूसरा कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के ठीक एक दिन बाद उन्हें राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया और अब वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंध (राजग) की ओर से उपसभापति पद के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि आज से पहले राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किसी सदस्य को इस पद के लिए विचार नहीं किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि तीसरा कारण यह है कि यह पूरी प्रक्रिया विपक्ष के साथ किसी भी सार्थक विचार-विमर्श के बिना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह विरोध जताने के लिए लिया गया निर्णय है और इसमें हरिवंश के प्रति अनादर की भावना नहीं है।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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