कोई नेता हमारे घर न आए, पुणे में नाबालिग बेटी की रेप के बाद हत्या पर भड़का पिता का गुस्सा
पुणे में रेप के बाद मार दी गई चार साल की बच्ची के पिता बेहद नाराज हैं। उन्होंने नेताओं से कहा है कि जब तक उनके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, कोई नेता उनके घर श्रद्धांजलि देने न आए। साथ ही उन्होंने आरोपी को मौत की सजा देने की भी मांग की है।

पुणे में रेप के बाद मार दी गई चार साल की बच्ची के पिता बेहद नाराज हैं। उन्होंने नेताओं से कहा है कि जब तक उनके परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, कोई नेता उनके घर श्रद्धांजलि देने न आए। साथ ही उन्होंने आरोपी को मौत की सजा देने की भी मांग की है। यह सारी बातें बच्ची के पिता ने एक वीडियो में कही हैं। उसने यह वीडियो खुद बनाया है। बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले की भोर तहसील में चार वर्षीय बच्ची का यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोपी 65 साल का मजदूर है, जिसका आपराधिक इतिहास है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पेशे से मजदूर आरोपी शुक्रवार को खाना खिलाने का लालच देकर बच्ची को मवेशियों के बाड़े में ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
जारी किया है वीडियो
वीडियो में पिता ने कहाकि हम अपनी बच्ची की अस्थियां विसर्जित करने के लिए देहू में हैं। कई रिश्तेदारों और दोस्तों ने बताया है कि कई नेता श्रद्धांजलि देने के लिए हमारे घर आ रहे हैं। मैं खुद की तरफ से और अपने परिवार की तरफ से एक विनम्र अनुरोध करना चाहता हूं। जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता और आरोपी को मौत की सजा नहीं दे दी जाती, कोई भी नेता हमारे घर न आए। जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता है, हम किसी से भी मिलने को तैयार नहीं हैं, चाहे वह कोई नेता ही क्यों न हो।
पुलिस ने क्या बताया
पुलिस ने बताया कि बाद में आरोपी को पुणे के सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मराठा संगठनों के सदस्यों ने अदालत परिसर में आरोपी को ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की। इस घटना से भोर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, सैकड़ों ग्रामीण स्थानीय चौकी पर जमा हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उन्होंने मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को भी जाम कर दिया।
15 दिन में आरोप पत्र
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा और सुनवाई में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से कहाकि आरोपी का आपराधिक इतिहास है, उसके खिलाफ 1998 और 2015 में मामले दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया गया था। वह एक मजदूर है और आमतौर पर गांव में घूमता रहता है और कभी-कभार काम करता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और दुखद बताते हुए त्वरित सुनवाई का वादा किया।
सीएम फडणवीस ने क्या कहा
फडणवीस गृह विभाग के प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहाकि हम उच्च न्यायालय से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अनुरोध करेंगे। आरोपी को जल्द से जल्द मौत की सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। फडणवीस ने यह भी कहाकि इस घटना का राजनीतिकरण करना असंवेदनशील है। उन्होंने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहाकि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है।
भड़का हुआ है विपक्ष
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस घटना को ‘बेहद निंदनीय’ बताते हुए आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की। उन्होंने कहाकि ऐसे अपराधी समाज में खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? जब मैं महा विकास आघाडी सरकार में गृह मंत्री था, तब हमने शक्ति अधिनियम (महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान) लागू किया था, जिसे केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। इस कानून की सख्त जरूरत है लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इसे लागू करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। देशमुख ने कहाकि अगर यह सख्त कानून लागू होता, तो इस दरिंदे (आरोपी) को 15 दिनों के भीतर मौत की सजा मिल जाती।
सुप्रिया सुले भी नाराज
फडणवीस ने इससे पहले कहा था कि शक्ति विधेयक राज्य विधानसभा द्वारा 2020 में पारित किया गया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा गया था, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे वापस भेज दिया था। राकांपा (शप) के नेता सुप्रिया सुले और रोहित पवार पीड़ित परिवार के गांव गये। सुले ने कहा कि वह मंगलवार को फडणवीस से मिलेंगी और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी। पीड़ित परिवार, जिस गांव में रहता है वह बारामती लोकसभा क्षेत्र में आता है। सांसद ने कहाकि इस आरोपी को पिछले आपराधिक मामलों में जमानत कैसे मिल गई? इस मामले में त्वरित सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने अफसोस जताया कि राज्य महिला आयोग में फिलहाल कोई अध्यक्ष नहीं है।
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लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


