
मुस्लिम देशों के संगठन ने फिर अलापा था कश्मीर राग, भारत से मिला करारा जवाब- उन्हें कोई…
इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव ने बुधवार को एक बार फिर अपने बयान में जम्मू और कश्मीर का मुद्दा उठाया था। इस दौरान समूह ने कश्मीर के लोगों के अधिकार की वकालत की थी।
भारत ने गुरुवार को मुस्लिम और अरब देशों के समूह इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को कश्मीर का जिक्र करने के लिए करारा जवाब दिया है। भारत ने OIC को स्पष्ट शब्दों में कहा दिया है कि समूह को भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। इससे पहले 57 देशों के संगठन ने एक बयान में कश्मीर के लोगों के अधिकारों की वकालत की थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान OIC के बयान को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘OIC सेक्रेटेरिएट द्वारा दिए गए बयान के संबंध में… हम उन बयानों को खारिज करते हैं। उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।’
इससे पहले इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव ने एक बार फिर अपने बयान में जम्मू और कश्मीर का मुद्दा उठाया था। इस दौरान समूह की तरफ से कश्मीर के लोगों के फैसले लेने के अधिकार की वकालत की गई थी। OIC महासचिव के बयान में कहा गया, ‘सेक्रेटेरिएट, इस्लामिक शिखर सम्मेलन और विदेश मंत्रियों की परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के लोगों के मौलिक मानवाधिकारों, जिनमें उनके आत्मनिर्णय का अधिकार भी शामिल है, के लिए उनके संघर्ष में अपने अटूट और पूर्ण समर्थन की पुष्टि करता है। समूह भारत से जम्मू-कश्मीर के लोगों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करने का भी आग्रह करता है।’
हालांकि इस दौरान मुस्लिम और अरब देशों के सबसे बड़े समूह ने PoK में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों पर एक शब्द नहीं कहा। समूह काबुल में पाकिस्तानी हमले, पाकिस्तान द्वारा अफगान क्रिकेटरों की हत्या और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों के अवैध रूप से गायब होने जैसे कई मुद्दों पर चुप रहा, जिसके लिए समूह की व्यापक निंदा भी हुई है।





