नितिन नवीन की टीम में 8 अकेले UP से, मुस्लिम नेता शामिल; 2027 की तैयारी?
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में नई टीम का ऐलान हो गया है। पार्टी ने सदस्यों में बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के नेताओं को दिया है। कुल 8 नेता राज्य से लिए गए हैं। इनमें दलित से मुस्लिम लीडर्स तक शामिल किए गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय टीम में आठ चेहरों के चयन से 2027 का चुनावी एजेंडा सेट कर दिया है। पार्टी ने जता दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा फोकस ओबीसी और आधी आबादी पर रखेगी। पीडीए की काट के लिए यूपी भाजपा के बाद अब राष्ट्रीय टीम में भी ओबीसी को ज्यादा तरजीह दी गई है। इनमें तीन ओबीसी चेहरे हैं।
आधी आबादी को आठ में तीन पद देकर प्राथमिकता भी जता दी है। इसमें स्मृति ईरानी जैसा फायर ब्रांड चेहरा भी शामिल है। ब्राह्मणों के साथ ही दलितों को भी साधे रखने की कोशिश है। जबकि दो मुस्लिम चेहरों के जरिए सबको साधने की जुगत भी साफ दिखती है। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चुनावी बिसात बिछा दी है। हर चेहरे के जरिए जातियों को साधकर चुनावी संदेश देने का प्रयास है।
2024 के नतीजों की झलक
इन चेहरों के चयन में 2024 के चुनावी नतीजों की झलक भी साफ दिखती है। भाजपा ने छिटके हुए कुर्मी मतदाताओं को साधने के लिए केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के रूप में पहले प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर बड़े सांगठनिक बदलावों के बीच कुर्मी बिरादरी से आने वाली रेखा वर्मा को रिपीट कर इस वोट बैंक को संदेश देने की कोशिश की गई है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बाद अमरपाल इस बिरादरी के बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। राज्यसभा भेजने के बाद अब उन्हें ओबीसी मोर्चा की कमान सौंपी गई है। वहीं 2013 में भाजपा का दामन थामने वाली संगीता यादव के कद में भी इजाफा किया गया है।
हरीश द्विवेदी के जरिए ब्राह्मण समाज को साधा
स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा और संगीता यादव को राष्ट्रीय टीम में लेकर पार्टी ने आधी आबादी की सियासी भागीदारी बढ़ाने की अपनी मुहिम को और आगे बढ़ाया है। पार्टी की कोशिश 2014 से लगातार उसका चुनावी रथ खींच रही आधी आबादी का साथ बरकरार रखने का दांव चला है। वहीं संगठन के पुरानी पृष्ठभूमि वाले हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर प्रदेश के ब्राह्मणों को संदेश देने का प्रयास किया गया है।
गैर जाटव वोट बैंक पर फोकस, मुस्लिमों को पैगाम
यूपी से दलित चेहरा डॉक्टर भोला सिंह का है। बुलंदशहर की सुरक्षित सीट से लगातार तीसरी बार सांसद बने भोला सिंह खटीक जाति से आते हैं। यूपी से दलित कोटे में सर्वाधिक हिस्सेदारी वाले जाटव कोटे से किसी को शामिल न करके भाजपा ने बसपा के वोट बैंक को छूने का प्रयास नहीं किया है। वहीं चंद्रशेखर रावण की आजाद समाज पार्टी को भी खतरा नहीं माना है। इससे साफ है कि भाजपा की नजर यूपी के गैर जाटव वोट बैंक पर है।
लोकसभा चुनाव में पासी समाज में हुए छिटकाव के लिए पार्टी ने टीम पंकज में उनकी भागीदारी पहले ही बढ़ा दी थी। जबकि दो मुस्लिम चेहरों कुंवर बासित अली और प्रो. तारिक मंसूर के जरिए मुस्लिमों के अलग-अलग वर्गों को साधने का प्रयास किया गया है। बासित युवा हैं और समाज के नये लोगों को जोड़ने पर फोकस है। जबकि तारिक के जरिए पसमांदा समाज का साथ पाने की कोशिश की गई है।


