cabinet reshuffle: नितिन गडकरी का भी बदल सकता है मंत्रालय, बड़े फेरबदल की तैयारी में मोदी
cabinet reshuffle: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खुद मोदी कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे बिहार में एनडीए की पकड़ को और मजबूती मिलेगी।

Modi cabinet reshuffle: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द ही पहला बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसके जरिए अपनी अगली सियासी नैरेटिव सेट करने की कोशिश करेगी। इसके लिए कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि मंत्रिमंडल में यह फेरबदल अगले एक-दो दिनों के भीतर भी हो सकता है।
इस बड़े फेरबदल का पहला संकेत भाजपा के उत्तर प्रदेश संगठन में हाल ही में किए गए बदलावों से मिलता है। उत्तर प्रदेश की नई टीम को बेहद सावधानी से तैयार किया गया है ताकि समाज के सभी प्रमुख सामाजिक समूहों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। बीजेपी इसी सोशल इंजीनियरिंग के मॉडल को केंद्रीय कैबिनेट में भी दोहराने जा रही है, जिसका सीधा उद्देश्य आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अलग-अलग समुदायों के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करना है।
धर्मेंद्र प्रधान पर हो सकती है कार्रवाई
मंत्रिमंडल के इस संभावित फेरबदल में सबसे बड़ा नाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का सामने आ रहा है। पिछले कुछ समय से 'NEET' प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देश भर में हुए भारी विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इस विवाद के चलते उन पर गाज गिर सकती है और उनसे शिक्षा मंत्रालय वापस लिया जा सकता है। इसके अलावा, सरकार के कुछ सबसे बड़े और महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रभारियों के पोर्टफोलियो में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम शामिल हैं, जिनके विभागों में फेरबदल किया जा सकता है।
पंजाब और सिखों को तरजीह
कैबिनेट विस्तार में इस बार पंजाब को विशेष तवज्जो मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह किसी अन्य सिख चेहरे या पंजाब के किसी कद्दावर नेता को शामिल किया जा सकता है। इस रेस में सबसे चौंकाने वाला नाम राघव चड्ढा का चल रहा है। गौरतलब है कि जब से देश में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं तब से केंद्रीय कैबिनेट में पंजाब को अपेक्षाकृत सीमित प्रतिनिधित्व मिला है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी इस बार पंजाब की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।
शक्तिकांत दास बन सकते हैं कैबिनेट मंत्री
इस फेरबदल में सबसे दिलचस्प कयास नौकरशाही और आर्थिक नीति के स्तर पर लगाए जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास को सीधे कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल करने की चर्चाएं बेहद तेज हैं। कयास हैं कि उन्हें निर्मला सीतारमण की जगह देश का नया वित्त मंत्री बनाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सहयोगी दलों से नई एंट्री की संभावना
गठबंधन सरकार के गणित को दुरुस्त रखने और अन्य राज्यों के समीकरण साधने के लिए कुछ नए और कद्दावर चेहरों की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। श्रीकांत शिंदे ही वो नेता हैं जिन्होंने शिवसेना (UBT) के छह सांसदों को तोड़कर एनडीए (NDA) के पाले में लाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खुद मोदी कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे बिहार में एनडीए की पकड़ को और मजबूती मिलेगी। अगर वह खुद कैबिनेट में शामिल नहीं होते हैं तो उनकी पार्टी से उनके किसी करीबी को जगह दी सकती है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर आए सुखेंदु शेखर राय को भी इस फेरबदल में पुरस्कृत किया जा सकता है, जिससे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी को एक मजबूत चेहरा मिलेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस महा-पुनर्गठन को लेकर अभी तक सरकार या संगठन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली के सियासी गलियारों की हलचल यह साफ बता रही है कि मोदी 2026 के उत्तरार्ध में सरकार को एक बिल्कुल नया और आक्रामक रूप देने के मूड में हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
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