
नीरव मोदी, विजय माल्या समेत 15 लोग भगोड़ा घोषित; कितने करोड़ का पहुंचाया है नुकसान
मंत्री ने बताया कि सरकार ने इन भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने और बेचने की कार्रवाई तेज कर दी है। 31 अक्टूबर 2025 तक इन 15 व्यक्तियों से कुल 19,187 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है।
वित्त मंत्रालय ने 15 भगोड़े आर्थिक अपराधियों को लेकर संसद में सोमवार को अहम जानकारी दी। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि नीरव मोदी, विजय माल्या, नीतिन संदेसरा, चेतन संदेसरा सहित 15 लोगों को भगोड़ा घोषित किया है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (FEOA) के तहत विशेष अदालत ने यह फैसला लिया है। इन 15 भगोड़ों ने बैंकों को 31 अक्टूबर 2025 तक कुल 26,645 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन भगोड़ों के खाते NPA घोषित होने की तारीख से 31 अक्टूबर 2025 तक इनके कर्जों पर ब्याज के रूप में अतिरिक्त 31,437 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस प्रकार इन 15 भगोड़ों का मिलाकर कुल वित्तीय नुकसान 58,082 करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। मंत्री ने बताया कि सरकार ने इन भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने और बेचने की कार्रवाई तेज कर दी है। 31 अक्टूबर 2025 तक इन 15 व्यक्तियों से कुल 19,187 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। यह राशि जब्त संपत्तियों की नीलामी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए बैंकों को लौटाई गई है।
नीरव मोदी की याचिका कोर्ट में खारिज
केंद्र सरकार भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि बैंकिंग क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। साथ ही, भविष्य में इस तरह के आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। बीते दिनों, पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को विशेष अदालत ने झटका दिया था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित करने की कार्यवाही रद्द करने की उसकी याचिका खारिज कर दी। इस वर्ष अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद हीरा कारोबारी चोकसी ने PMLA के तहत मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी। इसमें उसे एफईओ घोषित करने संबंधी प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन को खारिज करने का अनुरोध किया था।





