'अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार', कर्नाटक में लगे पोस्टर; कांग्रेस अभी केरल में ही जूझ रही

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

पीडब्ल्यूडी मंत्री जारकीहोली ने यहां संवाददाताओं से कहा 'केरल के मुख्यमंत्री के चयन के बाद हमारा मामला (कांग्रेस आलाकमान के समक्ष) दूसरा है। केरल के मुख्यमंत्री का मामला सुलझने के बाद वे कर्नाटक पर ध्यान देंगे। अभी थोड़ा और इंतजार करते हैं।

'अगले मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार', कर्नाटक में लगे पोस्टर; कांग्रेस अभी केरल में ही जूझ रही

कांग्रेस के लिए दोहरी परेशानी खड़ी होती नजर आ रही है। एक ओर पार्टी केरल में मुख्यमंत्री का नाम अब तक तय नहीं कर सकी है। इसी बीच कर्नाटक में उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अगले CM बताते हुए पोस्टर लग गए हैं। हालांकि, कर्नाटक में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की अटकलें चल रही हैं। अब कहा जा रहा है कि केरल के फैसले के बाद कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक पर चर्चा कर सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी बेंगलुरु में KPCC यानी कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगे हैं, जिनमें शिवकुमार को अगला सीएम दिखाया जा रहा है। पोस्टर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का फोटो भी शामिल है। हालांकि, इसे लेकर डिप्टी सीएम या कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पोस्टर में क्या

एजेंसी वार्ता के अनुसार, पोस्टर में शिवकुमार को प्रमुखता से एक नेतृत्वकर्ता के रूप में दिखाया गया है, जो पार्टी के स्थानों पर आमतौर पर देखे जाने वाले बधाई विज्ञापनों से स्पष्ट रूप से अलग है। राजनीतिक हलकों में इस संदेश को उन्हें 'मुख्यमंत्री के चेहरे' के रूप में पेश करने के तौर पर देखा जा रहा है, भले ही पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक समर्थन नहीं मिला है।

खबरों में यह भी बताया गया है कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाने का समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस स्थान को पार्टी का केंद्रीय संगठनात्मक केंद्र माना जाता है। इस कारण यह प्रदर्शन आकस्मिक होने के बजाय प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

केरल के बाद होगा कर्नाटक का फैसला?

पीटीआई भाषा के अनुसार, कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के नेताओं को उम्मीद है कि केरल के मुख्यमंत्री का मुद्दा सुलझने के बाद पार्टी आलाकमान राज्य में नेतृत्व की खींचतान और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल पर कोई फैसला करेगा। वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली और के एन राजन्ना ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर चल रही कशमकश को जल्द से जल्द दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से अनुरोध दिया।

पीडब्ल्यूडी मंत्री जारकीहोली ने यहां संवाददाताओं से कहा 'केरल के मुख्यमंत्री के चयन के बाद हमारा मामला (कांग्रेस आलाकमान के समक्ष) दूसरा है। केरल के मुख्यमंत्री का मामला सुलझने के बाद वे कर्नाटक पर ध्यान देंगे। अभी थोड़ा और इंतजार करते हैं। आलाकमान को पार्टी के भीतर मौजूद (नेतृत्व के मुद्दे पर) मतभेदों और विवादों को सुलझाना चाहिए। वे इसे कैसे सुलझाते हैं, यह आलाकमान पर निर्भर है।'

जब जारकीहोली से पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री दिल्ली जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया तभी जाएंगे जब आलाकमान उन्हें बुलाएगा और ऐसा केरल के मुख्यमंत्री का मामला सुलझने के बाद ही होने की संभावना है।

शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ हुए कथित सत्ता-साझा करने के समझौते के अनुसार उनकी पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, कुछ लोगों का तो यह भी दावा है कि शिवकुमार के जन्मदिन 15 मई तक 'खुशखबरी' मिलने की उम्मीद है।

केरल सीएम का आज हो सकता है ऐलान

गुरुवार को कांग्रेस केरल सीएम के नाम का ऐलान कर सकती है। दोपहर 1 बजे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नए विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसके बाद बड़ी घोषणा संभव है। खास बात है कि चुनाव के नतीजे घोषित होने के 10 दिनों के बाद भी अब तक नाम पर सहमति नहीं बन सकी है। इस रेस में केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला का नाम आगे माना जा रहा है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें