'कहानी मत बनाओ, 35 साल से MP हूं'; EC में भिड़ गए जयराम रमेश? राज्यसभा चुनाव में नया ट्विस्ट, धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
बाद में केसी णुगोपाल ने कहा कि अगर चुनाव आयोग की तरफ से हमें बुधवार सुबह मिलने का समय दिया जाता है, तो हम तब तक इंतजार करने के लिए तैयार हैं। अन्यथा, हम सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का सहारा लेंगे। अदालत जा सकते हैं।

मध्य प्रदेश में होने वाले राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया गया है। उन पर आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने के आरोप हैं। इस घटना से नाराज कांग्रेस नेताओं ने जहां इसे सीट चोरी बताया है, वहीं इसकी शिकायत करने सीधे चुनाव आयोग के दफ्तर जा पहुंचे। मामले में शिकायत दर्ज करवाने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मंगलवार (9 जून) की शाम नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इस दौरान कांग्रेस महासिव जयराम रमेश को आयोग के सुरक्षा अधिकारियों से भिड़ते हुए देखा गया। रमेश ने धौंस दिखाते हुए सुरक्षा अधिकारियों से कहा कि कहानी मत बनाओ, 35 साल से सांसद हूं। अंदर आयोग के वेटिंग रूम में जाने दो, जब इसके बाद भी उन्हें इजाजत नहीं मिली तो कांग्रेस नेता मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए।
जयराम रमेश के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सचिन पायलट तथा कुछ अन्य नेता मंगलवार देर शाम आयोग के मुख्यालय पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि उनके उम्मीदवार का नामांकन सिर्फ एक नोटिस का हवाला देकर खारिज कर दिया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। वेणुगोपाल ने संवाददाताओं ने कहा कि जब तक कांग्रेस नेताओं को आयोग के भीतर जाने की इजाजत नहीं मिलती, तब तक धरना जारी रहेगा। हालांकि, कुछ देर बाद आयोग की ओर से पार्टी के दो नेताओं को ज्ञापन सौंपने की अनुमति मिली और फिर वेणुगोपाल एवं बघेल ने अंदर जाकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद घरना खत्म कर दिया गया।
इंसाफ दीजिए, नहीं तो जाएंगे कोर्ट
वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ''शाम 7.25 बजे हमने निर्वाचन आयोग को शिकायत दर्ज कराने के मकसद से मुलाकात के वक्त के लिए पत्र दिया। अब निर्वाचन आयोग के अंदर हमें जाने नहीं दिया जा रहा है।'' उन्होंने सवाल किया, ''इस देश में क्या हो रहा है? क्या यह 'बनाना रिपब्लिक' है?'' वेणुगोपाल का कहना था, ''हमें इंसाफ चाहिए, (हम) कानूनी कदम उठाएंगे, हम अदालत भी जाएंगे।'' उन्होंने दावा किया कि बिना किसी कारण के नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है।
ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई मामला दर्ज है, न आरोप-पत्र दाखिल हुआ है और न ही किसी मामले में सजा हुई है, इसके बावजूद एक नोटिस मिलने का हवाला देकर नामांकन खारिज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके पीछे निश्चित तौर पर कोई षड्यंत्र है और इसपर निर्वाचन आयोग को ध्यान देना चाहिए। पायलट का कहना था कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन बिना किसी कारण के खारिज कर दिया गया हो।
नटराजन का नामांकन पत्र खारिज करना भाजपा की साजिश
इससे पहले, वेणुगोपाल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज करना भाजपा द्वारा गुप्त तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करने का एक प्रयास है। उनके नामांकन में किसी भी त्रुटि या कोई जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण है और कांग्रेस से एक सीट छीनने का यह हताशापूर्ण प्रयास है।'' उनका कहना था, ''जब उन्हें (भाजपा को) एहसास हुआ कि हमारे कांग्रेस विधायकों से सौदा करने की उनकी गंदी चालें विफल होने वाली हैं, तो वे इतने नीचे गिर गए कि उनका (मीनाक्षी नटराजन का) नामांकन खारिज करवा दिया।''
वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह संविधान और लोकतंत्र के प्रति भाजपा की खोखली प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वह हर कदम पर किसी न किसी तरह "वोट चोरी" पर आमादा है। कांग्रेस नेता ने कहा, ''हम लोकतंत्र की इस दिनदहाड़े लूट को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ कानूनी तथा सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे।''
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


