
मादुरो ही नहीं, वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति भी हैं सत्य साईं बाबा की भक्त; दोनों कर चुके भारत दौरा
मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस लंबे समय से सत्य साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं। 2005 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ती स्थित प्रशन्ति निलयम आश्रम का दौरा किया और साईं बाबा से निजी मुलाकात की।
अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद, डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। वे इससे पहले मादुरो के प्रशासन में उपराष्ट्रपति थीं। रोड्रिग्ज को उनके भाई, नेशनल असेंबली के नेता जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शपथ दिलाई। उन्होंने अपना दाहिना हाथ ऊपर करके कहा- 'मैं हमारी मातृभूमि के खिलाफ नाजायज सैन्य आक्रमण के बाद वेनेजुएला के लोगों को हुई पीड़ा के लिए दुख के साथ आई हूं। मैं दो नायकों के अपहरण के दुख के साथ आई हूं।' इस राजनीतिक संकट के बीच एक दिलचस्प पहलू सामने आया है कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज दोनों भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के भक्त हैं।
दोनों नेताओं का भारत से आध्यात्मिक संबंध
मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस लंबे समय से सत्य साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं। 2005 में उन्होंने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ती स्थित प्रशन्ति निलयम आश्रम का दौरा किया और साईं बाबा से निजी मुलाकात की। दिलचस्प बात ये है कि मादुरो के कार्यालय में साईं बाबा की तस्वीर साइमन बोलिवार और ह्यूगो शावेज जैसे नेताओं की तस्वीरों के साथ लगी रहती थी। 2025 में साईं बाबा की जन्म शताब्दी पर मादुरो ने उन्हें प्रकाश का प्राणी कहकर श्रद्धांजलि दी थी।
इसी तरह, डेल्सी रोड्रिगेज भी सत्य साईं बाबा की भक्त हैं। उपराष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने 2023 (अगस्त) और 2024 (अक्टूबर) में प्रशन्ति निलयम का दौरा किया और साईं बाबा के समाधि मंदिर में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अक्टूबर 2024 की यात्रा के दौरान वे भारत में आधिकारिक दौरे पर थीं और नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात के बाद पुट्टपर्ती गईं। श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के अनुसार, ये यात्राएं व्यक्तिगत प्रकृति की थीं और उन्होंने आश्रम में शांति और दिव्यता का अनुभव किया। वेनेजुएला में सत्य साईं बाबा के अनुयायियों की बड़ी संख्या है और इन नेताओं के कारण संगठन को विशेष संरक्षण मिला हुआ है।
वेनेजुएला सरकार का प्रयास क्या है?
वेनेजुएला की सरकार ने सोमवार को अपने लोगों और दुनिया को यह दिखाने की कोशिश की कि देश आजादी से चलाया जा रहा है और अमेरिका द्वारा नियंत्रित नहीं है। देश के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा पकड़ने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है। सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े सांसद, जिनमें मादुरो का बेटा भी शामिल है, राजधानी काराकास में नेशनल असेंबली के पूर्व निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह को पूरा करने के लिए इकट्ठा हुए, जिसका कार्यकाल 2031 तक चलेगा।
मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो ग्वेरा ने शनिवार के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में कहा- अगर हम किसी राष्ट्राध्यक्ष के अपहरण को सामान्य मान लेते हैं, तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं है। आज, यह वेनेजुएला है। कल, यह कोई भी ऐसा देश हो सकता है जो झुकने से इनकार करता है। उन्होंने कहा- यह कोई क्षेत्रीय समस्या नहीं है। यह वैश्विक राजनीतिक स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।
वेनेजुएला की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में 30 दिनों के अंदर चुनाव कराने होंगे। हालांकि, अमेरिकी दखल और आंतरिक अस्थिरता के बीच स्थिति अनिश्चित है। काराकास में तनावपूर्ण शांति है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट पर नजर रखे हुए है।

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