सर IRCTC में कैप्चा की परेशानी ठीक करा दीजिए, अश्विनी वैष्णव से बोले छात्र; क्या मिला रिप्लाई
राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे भारत के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से गुरुवार को बातचीत की थी। वह MNIT पहुंचे, जहां स्टूडेंट्स ने IRCTC वेबसाइट में आने वाली परेशानियों के बारे में खुलकर बात की।

IRCTC की नई वेबसाइट 15 जुलाई तक लॉन्च होने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को राजस्थान के जयपुर में यह ऐलान किया है। दरअसल, एक कॉलेज के कार्यक्रम में पहुंचे वैष्णव के सामने छात्रों ने IRCTC से संबंधित परेशानियां सामने रखीं। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्रा कैप्चा डालने में हो रही दिक्कतों को उठा रही हैं, जिसके बाद रेल मंत्री ने अधिकारी से फोन पर बात की।
जयपुर के MNIT यानी मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पहुंचे वैष्णव ने छात्रों से बात की। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे एक वीडियो में नजर आ रहा है एक छात्रा उन्हें अपनी परेशानियां गिना रही हैं। उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'सर प्लीज IRCTC कैप्चा की परेशानी का समाधान करें।' वीडियो में नजर आ रहा है कि इसके बाद रेल मंत्री फोन पर बात करते हैं और नई IRCTC वेबसाइट की चर्चा करते हैं।
15 जुलाई तक नई वेबसाइट
वैष्णव फोन पर कहते हैं, 'सभी छात्रों की मांग है कि IRCTC की नई वेबसाइट बननी चाहिए। 30 दिनों के अंदर हम बना लेंगे क्या?' वह छात्रों को बताते हैं, '30 दिनों के भीतर हम IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च कर रहे हैं।'
IRCTC वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करते समय यूजर्स को अक्सर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या तत्काल टिकट बुकिंग के समय आती है, जब अचानक भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट बेहद धीमी हो जाती है या पूरी तरह हैंग हो जाती है। इसके अलावा कई बार पेमेंट करते समय पैसे बैंक खाते से तो कट जाते हैं लेकिन टिकट बुक नहीं होता, जिससे रिफंड के लिए इंतजार करना पड़ता है।
साथ ही ऐप का बार-बार अपने आप लॉग-आउट हो जाना, लॉग-इन के समय कैप्चा कोड का बार-बार गलत बताना और सीट अवेलेबल दिखने के बावजूद बुकिंग के आखिरी स्टेप पर वेटिंग लिस्ट मिल जाना जैसी तकनीकी कमियों से यूजर्स काफी परेशान होते हैं।
MNIT के लिए नई घोषणाएं
रेल मंत्री ने MNIT में एडवांस क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम संचार प्रयोगशाला स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह लैब डेटा को सुरक्षित भेजने और एडवांस टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करेगी, जो हमारे देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने एमएनआईटी से आह्वान किया कि वह पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाए।
उन्होंने छात्रों से कहा कि अभी तकनीकी क्रांति AI से चल रही है। जबकि, अगली बड़ी तकनीकी लहर क्वांटम प्रौद्योगिकी के नेतृत्व में आएगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के तहत होने वाला कार्य देश के लिए बहुत जरूरी होगी।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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