भाई भतीजावाद लोकतंत्र के लिए घोर अपराध हैं, सुप्रीम कोर्ट ने सुना दिया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि अपीलकर्ता कुमार ने विज्ञापन के तहत फ्लैट के लिए आवेदन किया था और वह सभी मामलों में योग्य था, डेपुटेशन पीरियड और मूल वेतन की शर्तों को भी पूरी करता था। हुडा पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि मामले में बीबी गुप्ता पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भाई-भतीजावाद और स्वार्थपरता घोर अपराध हैं, खासकर तब जब यह सरकारी सेवा के सदस्यों द्वारा किया जाता हो। शीर्ष अदालत ने हरियाणा सरकार की एक हाउसिंग सोसायटी की गवर्निंग बॉडी द्वारा अपने सदस्यों और कर्मचारियों को किया गया फ्लैट आवंटन रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।
जस्टिस संजय कुमार और के विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने अपने और अपने कर्मियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पदों का गलत इस्तेमाल किया। पीठ ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश खारिज करते हुए यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया था। पीठ ने अपने फैसले में गवर्निंग बॉडी के अधिकारियों द्वारा फ्लैट आवंटन में पद के दुरुपयोग पर चिंता जताई। पीठ ने आगे कहा कि भाई-भतीजावाद और स्वार्थपरता लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए अभिशाप है, खासकर तब जब यह सरकारी सेवा के सदस्यों वाली सोसायटी में हो।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि अपीलकर्ता कुमार ने विज्ञापन के तहत फ्लैट के लिए आवेदन किया था और वह सभी मामलों में योग्य था, डेपुटेशन पीरियड और मूल वेतन की शर्तों को भी पूरी करता था। शीर्ष अदालत ने हुडा पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि मामले में बीबी गुप्ता पर 50,000 रुपये और पूरन चंद पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया। पीठ ने हुडा से अपीलकर्ता को मुकदमा के खर्च के तौर पर 50,000 रुपये देने का भी आदेश दिया।
साथ ही जुर्माने की बाकी रकम सुप्रीम कोर्ट की विधिक सेवा प्राधिकरण पास जमा कराने को कहा। पीठ ने अन्य प्रतिवादियों को भी जुर्माने की रकम दो माह में जमा कराने को कहा है। पीठ ने फ्लैटों के आवंटन के लिए जमा कराई गई रकम दोनों आवंटियों को एक माह में वापस करने का आदेश दिया। साथ ही आवंटी को पैसे वापस मिलने के एक माह में फ्लैट खाली करने का आदेश दिया है।
क्या था मामला
शीर्ष अदालत ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा), अर्बन एस्टेट और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एम्प्लॉइज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (एचईडब्ल्यूओ) के सदस्य दिनेश कुमार की अपील पर सुनवाई की। उन्होंने दो हाई-एंड सुपर डीलक्स फ्लैट के आवंटन को चुनौती दी थी। अपीलकर्ता कुमार ने अपील में फ्लैटों के आवंटन में पक्षपात का आरोप लगाया था।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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