Nepal Flood LIVE: नेपाल में मृतकों की संख्या 675 पहुंचीं, शवों की पहचान के लिए एम्बेसी ने जारी किए नंबर

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Nepal Flood LIVE Updates: नेपाल बाढ़ में 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारत ने टीम भेजी है। जानिए नेपाल बाढ़ से जुड़े ताजा अपडेट, मौतों का आंकड़ा, लापता लोगों और राहत-बचाव अभियान की पूरी जानकारी।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित इलाकों में एक के बाद एक नई बाढ़ का खतरा पैदा हो रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित इलाकों में एक के बाद एक नई बाढ़ का खतरा पैदा हो रहा है।

Nepal Flood LIVE Updates: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में बाढ़ के बाद मरने वालों की संख्या 600 पार पहुंच गई है, जबकि नेपाल और तिब्बत में 2500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रभावित इलाकों में एक के बाद एक नई बाढ़ का खतरा पैदा हो रहा है। कई सड़कें और पुल बह चुके हैं, जबकि सुरंगों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है। भारत ने भी राहत और बचाव के लिए मदद बढ़ा दी है। नेपाल बाढ़ LIVE अपडेट जारी है। लेटेस्ट अपडेट के लिए आप बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

अपडेटस्थिति
कुल मौतें675
कुल लापता2,482
नेपाल में मौतें670
तिब्बत में मौतें5
नेपाल में लापता1,924
तिब्बत में लापता558
लापता भारतीय320
सुरक्षित निकाले गए4,451
प्रभावित लोग90,000+

11:00 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल में भारतीय एम्बेसी ने शवों की पहचान के लिए संपर्क नंबर जारी किए

नेपाल में आई बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी तक कुल मिलाकर 675 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन शवों की पहचान करके उनके परिजनों को सौंपने की है। ऐसे में भारतीय दूतावास ने संपर्क नंबर जारी किए हैं, जो शवों की पहचान के लिए मदद उपलब्ध कराएंगे।

नंबर इस प्रकार हैं-

+977 985 131 6807

+977 970 910 7500

+977 981 032 6117

10:50 PM Nepal Flood LIVE | 50 लापता भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित हुआ- विदेश मंत्रालय

नेपाल में बाढ़ के बाद लगातार हालात को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बाढ़ के बाद लापता हुए भारतीय नागरिकों की खोजबीन जारी है। अभी तक कुल मिलाकर 108 का रेस्क्यू किया जा चुका है। इसके अलावा 50 लोग ऐसे हैं, जिन्हें पहले लापता घोषित किया गया था, लेकिन अब उनसे संपर्क स्थापित कर लिया गया है।

इसके अलावा मानसरोवर यात्रा के लिए चीन में मौजूद भारतीय नागरिकों में से करीब 598 लोगों ने चीन सीमा पार कर ली है वह नेपाल में आ चुके हैं। वहीं अभी करीब 900 लोग और हैं, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ के बाद से अब तक 275 भारतीय और लापता हैं।

9:50 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल और बिहार में बारिश जारी, लगातार बढ़ रहा बाढ़ का खतरा

नेपाल और बिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को राज्य में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई आकस्मिक बाढ़ के कारण पहले से ही यह नदियां उफान पर हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, गोपालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है; वाल्मीकिनगर में नदी पर बने बैराज से शनिवार रात आठ बजे लगभग 99,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल में बर्फ की चट्टानों के खिसकने से बुधवार को अचानक आई बाढ़ के कारण, उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासन ने हिमालयी देश से बहकर आने वाली नदियों के निचले इलाकों में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा, "गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान को छू रही हैं या उससे ऊपर बह रही हैं।"

08:30 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल सरकार ने मदद के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत की जनता को दिया धन्यवाद

नेपाल ने देश में आयी विनाशकारी बाढ़ और 600 से अधिक लोगों की जान जाने के कारण उत्पन्न संकट के समय मदद करने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 'अत्यंत उदार' बताया। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने "पीटीआई वीडियो" से बातचीत में कहा कि भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह पुनर्निर्माण कार्यों के लिए उदारता से सहायता देगी।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिम नद के तटबंध तोड़ देने के कारण बुधवार को मध्य नेपाल में भीषण जल प्रवाह और मलबा बहकर आने से कई बस्तियां और गांव, सैकड़ों मकान, वाहन, सड़क, पुल के साथ साथ कई पन बिजली परियोजनाएं भी बह गयीं। इस त्रासदी में 2400 से अधिक लोग अभी तक लापता हैं और करीब 2500 लोगों को बचावकर्ताओं ने बचाया है। बचावकर्ता मौसम की मार के बीच लगातार प्रयास कर रहे हैं। भारत ने बुधवार से नेपाल के बाढ़ पीड़ित इलाकों में 57.6 टन राहत सामग्री भिजवाई है। काठमांडू के अनुरोध के बाद 11 सदस्यीय भारतीय दल पहुंच चुका है जिसमें चिकित्सा अधिकारी एवं सुरंग से बचाव करने के कार्यों में विशेषज्ञ शामिल हैं जो स्थानीय अधिकारियों की मदद करेंगे।

07:50 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल में अभी भी 183 भारतीय टूरिस्ट लापता- नेपाल विदेश मंत्रालय

नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बदतर बने हुए हैं। नेपाली विदेश मंत्रालय ने अपडेट जारी करते हुए कहा कि अभी भी करीब 183 भारतीय पर्यटक लापता हैं। कुल मिलाकर 753 विदेशी नागरिक बाढ़ की वजह से लापता हैं। उनके लिए बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।

07:00 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल की मदद के लिए और टीमें पहुंचेगीं- विदेश मंत्रालय

नेपाल में बाढ़ के बाद जारी राहत और बचाव कार्यों में भारत सरकार लगातार मदद कर रही है। भारतीय सहयोग का उल्लेख करते हुए मंत्रालय ने कहा है कि भारत से छह फोरेंसिक विशेषज्ञ टीमों के आज काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है, जिससे कि मृत लोगों के पार्थिव शरीरों के अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए नमूनों के विश्लेषण में सहायता की जा सके। इसके अलावा सुरंग बचाव के लिए एक विशेष तकनीकी टीम कल काठमांडू पहुंची और प्रभावित क्षेत्र में सुरंग बचाव में सहायता के लिए आज से काम शुरू कर दिया। उनकी सिफारिश के आधार पर, उपकरणों के साथ भारत की एक विशेष सुरंग बचाव टीम के आज नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।

06:30 PM Nepal Flood LIVE | रासुवा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बचाए गए चार भारतीय, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

विदेश मंत्रालय ने नेपाल बाढ़ पर जानकारी देते हुए बताया कि 4 भारतीय नागरिकों को रुसुवा से सुरक्षित निकाला गया है। वह जल्दी ही काठमांडू पहुंच जाएंगे। इनकी पहचान रिपु कुमार, चनेश्वर नाजारे, कृपा शंकर, मोहम्मद मुनाहजुद्दीन के रूप में हुई है।

विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया की भारत ने फॉरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम को भी नेपाल में मदद केलिए भेजा है। इसके अलावा मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीयों में से करीब 120 ने आज चीन से नेपाल में प्रवेश किया है।

06:00 PM Nepal Flood LIVE | ब्रिटेन ने अपने नागरिकों की मदद के लिए टीम नेपाल भेजी

ब्रिटेन ने नेपाल में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित अपने 33 नागरिकों की मदद के लिए एक 'रैपिड ऐक्शन टीम' भेजी है। इस बीच, उनके परिवार वाले, जिनमें से कई ब्रिटिश-भारतीय शामिल हैं, लगातार उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि यह दल शनिवार से काठमांडू में काम शुरू कर देगा। यह दल जमीनी स्तर पर अतिरिक्त मदद देगा और हवाईअड्डे पर ब्रिटिश नागरिकों के लिए सहायता का समन्वय करेगा। यह राहत और पुनर्वास के लिए पहले से वादा की गई 50 लाख पाउंड की मानवीय सहायता के अलावा है।

बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के ढहने से बर्फ और चट्टानों का मलबा नीचे की ओर बह निकला। इसके साथ पानी, कीचड़ और मलबा तेजी से आया, जिसने मध्य नेपाल में बस्तियों को तबाह कर दिया, जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और पनबिजली केंद्रों को बहा ले गया। इस हादसे में मरने वालों की संख्या 600 के पार पहुंच गई, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच, बचाव दलों ने लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालस है, जिनमें 163 विदेशी भी शामिल थे।

05:00 PM Nepal Flood LIVE | कांग्रेस अध्यक्ष का पीएम मोदी को पत्र, भारतीयों की सुरक्षा को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता

कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आयी विनाशकारी बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताते हुए नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और जल्द वापसी के लिए राहत एवं बचाव प्रयास तेज करने की मांग की। खरगे ने कहा कि नेपाल में आयी इस भीषण त्रासदी के मद्देनजर तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है। भारत को नेपाल के लोगों के लिए हर संभव राहत सहायता उपलब्ध करानी चाहिए और वहां फंसे भारतीय नागरिकों के बचाव तथा सुरक्षित निकासी के प्रयासों को और तेज करना चाहिए।उन्होंने बताया कि करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। इन सभी नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जल्द से जल्द स्वदेश वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

04:25 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों फिर से बारिश का अलर्ट

नेपाल के मौसम विभाग ने शनिवार को देश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी है। इससे बिगड़ते हालात के बीच चल रहे बचाव और राहत कार्यों में बाधा आने का खतरा है। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों के मलबे के साथ पानी का एक तेज बहाव बुधवार को मध्य नेपाल से होकर नीचे की ओर बह निकला। मरने वालों की संख्या शनिवार को 600 के पार पहुंच गई, जबकि 2,400 से अधिक लोग लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच, बचाव दल तेजी से काम करते हुए लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल पाए, जिनमें 163 विदेशी भी शामिल थे। तलाश एवं बचाव अभियान के लिए 11,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें नेपाल सेना के 5,000 से ज्यादा जवान शामिल हैं।

03:44 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल की बाढ़ में इन्फोसिस के सीईओ लापता

नेपाल की बाढ़ में देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के पब्लिक सर्विसेज के सीईओ लक्ष्य गोपीसेट्टी भी लापता हो गए हैं। कंपनी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि गोपीसेट्टी निजी यात्रा पर नेपाल गए हुए थे। उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अभी भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है। कंपनी संबंधित एजेंसियों के माध्यम से उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है।

02:44 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल बाढ़ के लिए तकनीकी मदद और अरबों डॉलर की सहायता चाहता है

खराब मौसम के कारण नेपाल ने शनिवार को खोज और बचाव अभियान रोक दिया। साथ ही, तिब्बत से सटे इलाके में आई भयानक बाढ़ से निपटने के लिए विदेशी तकनीकी मदद की जरूरत बताई है। वित्त मंत्री ने रॉयटर्स को बताया कि 3 करोड़ की आबादी वाले इस गरीब हिमालयी देश को बुधवार की बाढ़ से हुई तबाही के बाद फिर से सब कुछ ठीक करने के लिए लगभग 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत होगी। ग्लेशियर टूटने से चट्टान, बर्फ, कीचड़ और मलबे का एक विशाल सैलाब बुधवार को पहाड़ी नदियों के रास्ते तेजी से आगे बढ़ा। इसने अपने रास्ते में आने वाली इमारतों, पुलों और बिजलीघरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नेपाल में कम से कम 626 और चीन के तिब्बत में 7 लोगों की मौत हो गई।

02:30 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से बारिश होने की चेतावनी

नेपाल के मौसम विभाग ने शनिवार को देश के अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों में नई बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है, जिससे बिगड़ते संकट के बीच चल रहे बचाव और राहत काम में रुकावट आने का खतरा है।

02:10 PM Nepal Flood LIVE | बिहार सरकार ने नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 100 श्रद्धालुओं को वापस घर पहुंचाने में मदद की

बिहार सरकार ने नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्य भेज दिया। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि यह निकासी महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर की गई। बयान में कहा गया, ''बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नेपाल सीमा से श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया।''

01:50 PM Nepal Flood LIVE | तिब्बत में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हुई, 554 लोग अब भी लापता

नेपाल सीमा के पास तिब्बत में आई अचानक बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं। अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के जिरोंग काउंटी में कहर बरपाया, जिससे नेपाल सीमा के पास के कई गांव और कस्बे जलमग्न हो गए। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं।

1:30 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल बाढ़ प्रभावित पहुंचे चेन्नई, भावुक हुआ माहौल

नेपाल में बाढ़ से बाल-बाल बच गये लोग जब यहां हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो वहां का नज़ारा बड़ा भावुक था, लोग अपनों को गले लगा रहे थे, धीमी आवाज में ईश्वर को धन्यवाद रहे थे तथा इस भयावह आपदा में बच जाने के बारे में बता रहे थे। नेपाल में भयानक आपदा के मुंह से बच निकलकर तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री अपने घर लौटे हैं। वे अपने साथ उस खौफ़नाक अनुभव और चमत्कारिक रूप से बच निकलने की यादें लेकर आए हैं। यह समूह उस बड़े दल का हिस्सा था जो पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला था, तभी 26 अगस्त को एक दुखद घटना घटी।

01:20 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल की बाढ़ से उत्तर प्रदेश को कोई खतरा नहीं है: स्‍वतंत्र देव सिंह

उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को दावा किया है कि नेपाल की जल त्रासदी से राज्य में कोई खतरा नहीं है, फिर भी हर पल सरकार लोग सतर्क है। जल शक्ति मंत्री सिंह ने शनिवार को यहां जिला मुख्यालय पर नेपाल की जल त्रासदी से जुड़े सवाल के जवाब में 'पीटीआई-भाषा' से कहा, '' कि नेपाल की जल त्रासदी से उत्तर प्रदेश में कोई खतरा नहीं है, फिर भी हर पल हम लोग सतर्क हैं।'' उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ 2017 में मुख्यमंत्री बने, तब से वह दिन-रात बाढ़ की समस्या से जूझने में लगे हैं ताकि किसी प्रकार राज्य में कोई कठिनाई न आए।

12:40 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल के राष्ट्रपति ने भारत को कहा-थैंक्यू

नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शनिवार को भारत का "बहुत-बहुत" आभार जताया। उन्होंने मुश्किल समय में बाढ़ से प्रभावित हिमालयी देश की मदद करने के लिए भारत को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति पौडेल ने नई दिल्ली में अपनी समकक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रिया अदा किया और X पर लिखा: "नेपाल सरकार और वहां की जनता की ओर से, मैं महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। नेपाल में हाल ही में आई आपदा के बाद आपकी सरकार द्वारा दिखाई गई चिंता, उदार सहयोग और एकजुटता के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।"

12:20 PM Nepal Flood LIVE | नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से तीन शव बरामद

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा इलाके में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को खड्डा के मदनपुर-सुकरौली इलाके में बैराज के तीसरे खंभे के पास नदी में तीन शव दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों की पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। खड्डा थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) की निगरानी टीम ने नदी में शवों को तैरते देखा था। इसके बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला गया।

11:40 AM Nepal Flood LIVE | चितवन में मिली सैकड़ों लाशों की पहचान अब नहीं हो पा रही है

नेपाल के चितवन जिले से मिली 233 लाशों में से अब तक सिर्फ चार की ही पहचान हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि बाकी 229 लाशों को होल्डिंग सेंटरों और स्वास्थ्य केंद्रों में रखा जा रहा है और उनकी पहचान करने में मदद के लिए DNA सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा, "स्वास्थ्य संस्थानों और नदी के किनारों से मिली लाशें/अवशेष सड़-गल चुके हैं और अब उनकी पहचान नहीं हो सकती।" अवशेषों की हालत और लाशों को रखने के लिए सीमित सुविधाओं की वजह से पहचान करने का काम मुश्किल हो रहा है।

11:20 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद असम के 10 लोग लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से असम के 10 लोगों के लापता होने की सूचना है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि लापता लोगों में से तीन-तीन कामरूप (मेट्रो) और कर्बी आंगलोंग से, दो नलबाड़ी से तथा एक-एक गोलाघाट और होजाई जिलों से हैं। इससे पहले एएसडीएमए ने कहा कि नेपाल बाढ़ में राज्य के 12 लोग लापता थे। बाद में उसने कहा कि नलबाड़ी के दो लोगों के परिजनों ने पुष्टि की है कि वे सुरक्षित हैं।

10:50 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 626 तक पहुंच गई है।

शनिवार को मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। बचाव कार्य के दौरान और शव बरामद किए गए हैं और इस आपदा के बाद लगभग 2500 लोग अभी भी लापता हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने बताया कि ये शव हिमालयी देश के आठ जिलों से बरामद किए गए। NDRRMA के अनुसार, चितवन से 233, नवलपरासी ईस्ट से 158, नुवाकोट से 51, गोरखा से 48, नवलपरासी वेस्ट से 47, धाडिंग से 45, तनहुं से 31 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए। बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इससे जान-माल का नुकसान हुआ और बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा, साथ ही लगभग 2500 लोग लापता हो गए।

10:15 AM Nepal Flood LIVE | भारत की 11 सदस्यीय भारतीय टीम काठमांडू पहुंची

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय टीम शनिवार को काठमांडू पहुंची। इस प्राकृतिक आपदा में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 2500 लोग अब भी लापता हैं। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, नेपाल सरकार के अनुरोध पर इस टीम को भेजा गया है, जिसमें चिकित्साकर्मी और बचाव विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम को नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कारण 500 से अधिक लोगों की जान चली गई और मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

09:50 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल आपदा के डरावने आंकड़े

नीचे नेपाली सरकार की ओर से कल यानी 28 अगस्त को जारी किए गए आंकड़े दिए गए हैं। मृतकों से लेकर प्रभावितों तक, इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका है।

09:20 AM Nepal Flood LIVE | खरगे का मोदी और शाह को पत्र, नेपाल की तत्काल मदद करने का आग्रह

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर गहरी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पड़ोसी देश को तत्काल मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। उन्होंने 28 अगस्त को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखा। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि नेपाल में बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय तथा अन्य आवश्यक सहायता की तत्काल जरूरत का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से नेपाल के प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त मानवीय एवं राहत सहायता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव कार्यों को आगे बढ़ाने की अपील भी की।

08:30 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में रोका गया बचाव अभियान

त्रिशुली में भारी बारिश के कारण मौसम की स्थिति खराब होने के चलते बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों से लोगों को हटा दिया गया है।

08:15 AM Nepal Flood LIVE | बिहार में गंडर रिवर का क्या हाल?

नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बाद, बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बैराज में पानी का स्तर घट-बढ़ रहा है। अभी नदी का जलस्तर 97,500 क्यूसेक है, जिसे सामान्य सीमा के भीतर माना जाता है।

07:43 AM Nepal Flood LIVE | शी जिनपिंग ने नेपाल के प्रति संवेदना व्यक्त की

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के प्रति संवेदना व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के मिशन के अनुसार, शी ने शुक्रवार को पौडेल से कहा, "मुझे भरोसा है कि दोनों देशों के लोग जल्द से जल्द इस आपदा से उबरने और अपने घरों को फिर से बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।"

07:40 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में लापता ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की संख्या बढ़कर 41 हुई

ऑस्ट्रेलियाई मंत्री के अनुसार, नेपाल में लापता ऑस्ट्रेलियाई लोगों की संख्या अब 41 हो गई है। शुक्रवार को यह संख्या 39 बताई गई थी। लापता लोगों में से एक, 25 साल की कारा सेवेरिनो ने अब अपने परिवार से संपर्क कर लिया है। वह आपदा प्रभावित इलाके से अलग एक जगह पर हाइकिंग कर रही थीं। अभी भी लापता लोगों में न्यू साउथ वेल्स के न्यूकैसल की रहने वाली 46 साल की रेशमा पटेल शामिल हैं। वह ईशा फाउंडेशन के साथ कैलाश मानसरोवर मंदिर की तीर्थयात्रा पर गए 11 ऑस्ट्रेलियाई लोगों में से एक थीं। उनकी दोस्त चिन वालसन के अनुसार, आपदा के असर से करीब 10 मिनट पहले रेशमा की आखिरी लोकेशन तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के पास थी।

07:20 AM Nepal Flood LIVE | तिब्बत में लापता ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों की अब तक कोई जानकारी नहीं

तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा के पास दो दिन पहले आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हुए ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। समूह की समन्वयक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व में गए 77 सदस्यीय समूह से संपर्क नहीं हुआ है। ईशा फाउंडेशन की स्थापना भारतीय आध्यात्मिक नेता जग्गी वासुदेव ने की है, जिन्हें सद्गुरु के नाम से जाना जाता है। समूह की समन्वयक मां गंभीरी ने बताया कि सद्गुरु आपदा स्थल जियारोंग जाकर मदद करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिली।

06:50 AM Nepal Flood LIVE | मौत का आंकड़ा 584 पहुंचा, 2,482 लोग लापता

नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के बाद आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 584 हो गई है। इनमें नेपाल में 579 और तिब्बत में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दोनों देशों में कुल 2,482 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में 1,924 और तिब्बत में 558 लोग अब भी लापता हैं। हालात लगातार बदल रहे हैं और दुर्गम इलाकों से नई सूचनाएं मिलने के साथ आंकड़ों में बदलाव की संभावना है।

06:46 AM Nepal Flood LIVE | 320 भारतीय अब भी लापता, 84 नागरिकों को बचाया गया

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में 320 भारतीय नागरिक अब भी संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के करीब 100 ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास अन्य देशों की नागरिकता है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि राहत की खबर भी है। नेपाल में कम से कम 84 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। इनमें त्रिशूली-1 परियोजना के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री शामिल हैं। शुक्रवार को 21 भारतीयों को काठमांडू से दिल्ली लाया गया।

06:45 AM Nepal Flood LIVE | तिब्बत से 149 भारतीय नेपाल पहुंचे

विदेश मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को तिब्बत की ओर से 149 भारतीय नागरिक नेपाल पहुंचे। इसके अलावा चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं। भारत सरकार प्रभावित भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

06:44 AM Nepal Flood LIVE | भारत ने राहत सामग्री की तीसरी खेप भेजी, मेडिकल टीम भी तैयार

नेपाल में बढ़ती तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार राहत सामग्री की तीसरी खेप भेजने की तैयारी की गई है। दो विमान पहले ही राहत सामग्री लेकर रवाना हो चुके हैं। नेपाल ने भारत से सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद मांगी है। इसके जवाब में भारत एक रिकॉन्सेंस टीम और मेडिकल टीम भेज रहा है। भारत ने बेली ब्रिज, तकनीकी विशेषज्ञ और एनडीआरएफ की टीम भेजने की पेशकश भी की है।

06:42 AM Nepal Flood LIVE | सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चुनौती

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं हैं। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक 933 लोग हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं और अब भी लापता हैं। 216 मेगावाट की अपर त्रिशूली-1 परियोजना में हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार करीब 400 कर्मचारी सुरंग के भीतर चले गए थे, जबकि 176 अन्य लोगों से भी संपर्क टूट गया। सुरंग में मलबा भर गया है और वहां भोजन तथा पानी की कमी की चिंता बनी हुई है।

06:41 AM Nepal Flood LIVE | नई झील से फिर बढ़ा खतरा, रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा

रेस्क्यू टीमों के सामने सिर्फ मलबा और दुर्गम पहाड़ ही चुनौती नहीं हैं। अस्थिर बैरियर झील के ओवरफ्लो होने से भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिसके बाद बचाव अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इसके कुछ घंटे बाद करीब 50 हजार क्यूबिक मीटर बर्फ और मलबा गिरने की खबर सामने आई। सैटेलाइट तस्वीरों में एक दूसरी और बड़ी झील के आकार में बढ़ोतरी भी दिखाई दी है। अधिकारियों को आशंका है कि अगर इसका प्राकृतिक निकास नहीं बना तो नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।

06:40 AM Nepal Flood LIVE | 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि कई इलाकों में सड़क, पुल और संचार व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने के कारण बचाव टीमों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।

06:35 AM Nepal Flood LIVE | आखिर इतनी भयावह कैसे हुई बाढ़?

इस आपदा की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के ढहने से हुई। ग्लेशियर से भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा नदी में गिरा, जिसके बाद पानी और मलबे की एक बेहद तेज लहर नीचे की ओर बढ़ी। इसका असर भोटे कोशी और त्रिशूली नदी तंत्र के आसपास के इलाकों में हुआ। कई बस्तियां, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं इसकी चपेट में आ गईं। विशेषज्ञों ने ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और हिमालय में बढ़ते जलवायु जोखिम को लेकर भी चिंता जताई है।

06:30 AM Nepal Flood LIVE | 90 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार आपदा से 90 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। विस्थापित लोगों के बीच साफ पानी और स्वच्छता की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

06:15 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में सबसे ज्यादा तबाही, तिब्बत में भी सैकड़ों लापता

नेपाल में 579 मौतों के साथ सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां 1,924 लोग लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में पांच मौतों और 558 लोगों के लापता होने की सूचना है। तिब्बत के प्रभावित इलाके में चीनी अधिकारियों ने सैकड़ों पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हालांकि व्यापक आपदा क्षेत्र में अब भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।

06:10 AM Nepal Flood LIVE | रेस्क्यू टीमों के सामने पहाड़, मलबा और टूटी सड़कें

नेपाल के सबसे प्रभावित इलाकों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। बाढ़ ने सड़क और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर सुरंगों के प्रवेश मार्ग मलबे से बंद हो गए हैं। कुछ स्थानों पर बचावकर्मियों को हेलिकॉप्टर के जरिए पहाड़ी ढलानों तक उतारा जा रहा है। मौसम और नए जलप्रवाह के खतरे के कारण राहत अभियान लगातार जोखिम में चल रहा है।

06:05 AM Nepal Flood LIVE | परिवारों की बढ़ी बेचैनी, अस्पतालों में अपनों की तलाश

आपदा के बाद काठमांडू और आसपास के अस्पतालों में बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवारों को अब तक अपने रिश्तेदारों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। दुर्गम इलाकों से संपर्क टूटने के कारण लापता लोगों की वास्तविक संख्या का पता लगाने में भी समय लग रहा है। अधिकारियों के मुताबिक परिवारों, स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, हाइड्रोपावर कंपनियों और पर्यटन समूहों से मिली सूचनाओं को मिलाकर सूची तैयार की जा रही है।

06:00 AM Nepal Flood LIVE | नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, हर घंटे बदल रहे आंकड़े

नेपाल की इस आपदा में सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि कई प्रभावित क्षेत्र अभी भी पूरी तरह पहुंच से बाहर हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार लापता लोगों की सूची अपडेट कर रही हैं। इसी वजह से मौत और लापता लोगों के आंकड़े तेजी से बदल रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचना, नए जलप्रवाह के खतरे से बचाव टीमों को सुरक्षित रखना और प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी तथा चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।

Amit Kumar

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