रात गई पर बात नहीं! नेपाल को भारत से चाहिए मुआवजा; LPG सिलेंडर और महंगा; टॉप 5 रिकैप
बाढ़ से त्रस्त नेपाल ने कहा है कि उसे भीख या दान नहीं चाहिए बल्कि मुआवजा चाहिए। दूसरी तरफ महंगाई एक के बाद एक झटके से रही है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए। एक क्लिप पर पढ़ें कल की बड़ी खबरें।

नेपाल को भारत से चाहिए मुआवजा
नेपाल में आए भीषण बाढ़ के बाद अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अब नेपाल की सरकार ने कहा है कि उसे अन्य देशों की मदद नहीं, बल्कि मुआवजा चाहिए। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नेपाल ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में नहीं के बराबर योगदान देता है, इसके बावजूद उसे दूसरे देशों की ओर से पैदा किए गए जलवायु संकट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने चीन और अमेरिका के अलावा भारत का भी नाम लिया।
क्यों है अहम- संभवतः यह पहली बार है जब नेपाल ने इस तरह खुलकर अपनी बात रखी है। नेपाली विदेश मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने भारत, चीन और अमेरिका को कसूरवार ठहराया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “चीन दुनिया का सबसे बड़ा उत्सर्जक है, उसके बाद अमेरिका दूसरे और भारत तीसरे नंबर पर है। इन प्रमुख औद्योगिक देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वह नेपाल जैसे संवेदनशील देश को मुआवजा दें।”
आगे क्या होगा- फिलहाल नेपाल में बचाव अभियान जारी है। हालांकि अभी मौतों का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच नेपाल ने इस त्रासदी से उबरने और पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर के नुकसान का आकलन किया है और संयुक्त राष्ट्र के ‘क्लाइमेट डिजास्टर रिकवरी फंड’ से तुरंत वित्तीय सहायता मांगी है।
एलपीजी सिलेंडर और हुआ महंगा
सितंबर के पहले ही दिन एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा। 1 सितंबर को जारी नए रेट के मुताबिक 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़ गए हैं। देशभर में कमर्शियल सिलेंडर के रेट में 9:50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्यों है अहम- देशभर में खाद्य उत्पादों से लेकर एलपीजी के दाम बढ़ने से चिंताएं बढ़ी हैं। प्याज, दूध और चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं। इस बीच अब कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से लोगों को बड़ा झटका लगा है।
आगे क्या होगा- मंगलवार को विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। एटीएफ के दाम अब 5.46 फीसदी बढ़ गए हैं। इसके बाद एटीएफ 115 से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गया। ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ेगी, जिसका असर आगे चलकर हवाई किराये पर पड़ सकता है।
भारत से बिदक गया बांग्लादेश
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने भारत को छोड़कर चीन से बिजली खरीदने की तैयारी में है। दरअसल ढाका ने सीमा पार बिजली लेनदेन के लिए भारत के प्रस्तावित प्रति यूनिट एक पैसे की शुल्क बढ़ोतरी पर आपत्ति जताई थी। बाद में भारत ने इसे घटाकर सिर्फ आधा पैसा कर दिया था। इसके बावजूद तारिक रहमान की सरकार कचरे से बनने वाली बिजली के लिए एक चीनी कंपनी को 25 टका प्रति यूनिट का भुगतान करने को राजी हो गई है।
क्यों है अहम- यह विवादास्पद फैसला ऐसे समय में आया है जो बांग्लादेश इस वक्त इतिहास के सबसे गंभीर बिजली संकट और ब्लैकआउट से जूझ रहा है। वहीं भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण दूर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश लगातार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। अब इसका असर दोनों देशों के संबंधों में साफ दिख रहा है।
आगे क्या- चीनी प्रोजेक्ट भारत से मिलने वाली विशाल बिजली सप्लाई का विकल्प नहीं बन सकता। लेकिन जिस समय देश में बिजली को लेकर हाहाकार मचा हो और सरकार पाई-पाई बचाने के लिए भारत के न्यूनतम सेटलमेंट चार्ट पर भी आपत्ति जाता रही हो, उस समय चीनी बिजली के लिए 25 टका प्रति यूनिट का भुगतान करना निश्चित रूप से बांग्लादेश के भीतर एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा बन सकता है।


