कौन है ‘एम सर’, NEET पेपर लीक से क्या कनेक्शन; सीबीआई ने किया गिरफ्तार

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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NEET Paper leak: नीट पेपर लीक को लेकर सीबीआई की जांच चल रही है। सीबीआई के शक के दायरे में महाराष्ट्र के लातूर जिले का एक कोचिंग टीचर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि इस टीचर के पास नीट परीक्षा से 10 दिन पहले ही पेपर लीक होकर आ गए थे।

कौन है ‘एम सर’, NEET पेपर लीक से क्या कनेक्शन; सीबीआई ने किया गिरफ्तार

NEET Paper leak: नीट पेपर लीक को लेकर सीबीआई की जांच चल रही है। सीबीआई के शक के दायरे में महाराष्ट्र के लातूर जिले का एक कोचिंग टीचर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी को शक है कि इस टीचर के पास नीट परीक्षा से 10 दिन पहले ही पेपर लीक होकर आ गए थे। उनके मोबाइल में लीक पेपर मिला था। न्यूज 18 के मुताबिक इस टीचर का पूरा नाम शिवराज मोटेगांवकर है और वह छात्रों के बीच ‘एम सर’ के नाम से मशहूर हैं। शिवराज मोटेगांवकर, रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक हैं। यह महाराष्ट्र में नीट और जेईई का सबसे बड़ा कोचिंग नेटवर्क है।

रविवार को हुआ गिरफ्तार
गौरतलब है कि सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार को एजेंसी द्वारा ली गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था। उन्होंने बताया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल, 2026 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त कर लिए थे। आरोप है कि उसने प्रश्न पत्र कई लोगों को वितरित किए थे।

जांच के दायरे में कौन
सीबीआई के जांच के दायरे में विवेक पाटिल नाम का भी शख्स है, जिसके पास भी लीक पेपर पहुंचा था। अब केंद्रीय एजेंसी आरसीसी से जुड़े परिसरों से सीज किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों-मोबाइल फोन, लैपटॉप, आईपैड और डिजिटल स्टोरेज सिस्टम की फोरेंसिक जांच कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यहां पर लीक हुआ नीट पेपर किस तरह से पहुंचा। वहीं, जांचकर्ता इस पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस कोचिंग के इकोसिस्टम से जुड़े किसी शख्स की पहुंच कॉन्फिडेंशियल एग्जामिनेशन मैटीरियल में थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह एनटीए के पेपर सेटिंग प्रॉसेस से जुड़े किसी अंदरूनी व्यक्ति तक पहुंच रखता था।

खड़ा किया कोचिंग एंपायर
मोटेगांवकर ने आरसीसी को महाराष्ट्र में एक बड़ा कोचिंग ब्रांड बनाया। उन्होंने एक सफल केमिस्ट्री टीचर और एंटरप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बनाई। जानकारी के मुताबिक आरसीसी का कोचिंग नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है। इन सेंटर्स पर कुल मिलाकर करीब 40 हजार छात्र हर साल पढ़ाई करते हैं। सीबीआई पहले ही मोटेगांवकर से लातूर और पुणे में कई बार पूछताछ कर चुकी है। इसमें पूछताछ के कुछ सेशंस तो कई घंटे तक चले थे।

कुछ डॉक्टरों पर शक
इतना ही नहीं, सीबीआई ने रविवार को रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) के मुख्य कार्यालय में छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अधिकारियों ने लातूर के शिवनगर इलाके में स्थित आरसीसी कार्यालय में दोपहर में तलाशी शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही। सीबीआई को संदेह है कि लातूर के कुछ डॉक्टरों ने नीट-यूजी, 2026 के कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र को खरीदा था। सीबीआई की एक टीम पिछले चार दिन से लातूर में डेरा डाले हुए है।

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लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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