21 जून को छुट्टी नहीं, मेडिकल छात्रों की तगड़ी निगरानी; NEET में गड़बड़ी रोकने के लिए उपाय
दोबारा होने जा रही नीट की परीक्षा को लेकर सरकार काफी ज्यादा एहतियात बरत रही है। इसको लेकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों की भी निगरानी की जा रही है। सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि 21 जून को किसी भी छात्र को छुट्टी न दी जाए
दोबारा होने जा रही नीट की परीक्षा को लेकर सरकार काफी ज्यादा एहतियात बरत रही है। इसको लेकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों की भी निगरानी की जा रही है। सरकार ने सख्त आदेश दिया है कि 21 जून को किसी भी छात्र को छुट्टी न दी जाए, जब तक कि उसके पास कोई जायज वजह नहीं है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों को सलाह दी गई है कि वह अपने छात्रों पर निगरानी रखें। गौरतलब है कि पेपर लीक होने के चलते तीन मई को हुई नीट परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद रविवार को फिर से नीट का एग्जाम कराया जा रहा है।
पूरी तरह से सतर्कता
नीट के री-एग्जाम को लेकर काफी ज्यादा सतर्कता अपनाई जा रही है। भारत सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में कुछ ऐसे मामले आए हैं, जिसमें मेडिकल कॉलेज के छात्र संदिग्ध गतिविधियों में पाए गए। इससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई थी। इसको देखते हुए सभी मेडिकल कॉलेज को यह निर्देश दिया जाता है कि सभी पूरी तरह से सतर्क रहें और परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी होने से रोकें। मेडिकल स्टूडेंट्स को भी इस बारे में जानकारी दी जाए और उन्हें सतर्क किया जाए कि किसी गलत गतिविधि में शामिल होने का अंजाम क्या हो सकता है।
जायज वजह, तभी छुट्टी
सिर्फ इतना ही नहीं, सभी मेडिकल कॉलेजों को यह भी आदेश दिया गया है कि अपने छात्रों को 20 और 21 जून को छुट्टी न दें। केवल उन्हीं मामलों में छुट्टी दी जा सकती है, जब छात्र के पास इसके लिए जायज वजह हो और वह इसे जस्टिफाई कर सके। आदेश में कहा गया है कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि नीट की परीक्षा सही ढंग से कराई जा सके। कहीं कोई छात्र छुट्टी का गलत फायदा उठाकर इसकी शुचित को प्रभावित न कर सके। इसके अलावा सभी मेडिकल कॉलेजों से एनटीए के साथ बेहतर समन्वय के लिए भी कहा गया है।
केवल आधिकारिक सूचनाओं पर करें भरोसा
इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शनिवार को कहा कि उसने रविवार को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), 2026 की पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और अभ्यर्थियों के अनुकूल तरीके से आयोजित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। एजेंसी ने कहाकि वह सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है और अफवाहें फैलाने वालों तथा पेपर लीक के झूठे दावों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, क्योंकि इनसे अभ्यर्थियों को बेवजह तनाव होता है। एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे केवल एजेंसी की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और बिना पुष्टि वाले संदेशों पर ध्यान न दें।
इतनी होगी तैनाती
बयान में कहा गया है कि कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी फीड की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जाएगी। इसमें कहा गया है कि परीक्षा को इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी से सुरक्षित रखने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं। एनटीए ने बताया कि परीक्षा के दिन की ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को तैनात किया गया है, हर परीक्षा कक्ष में दो पर्यवेक्षक होंगे और हर केंद्र पर 10 से ज्यादा अतिरिक्त परीक्षा कर्मचारी मौजूद रहेंगे। उसने कहाकि सीसीटीवी फीड की निगरानी करने और किसी भी तकनीकी समस्या को मौके पर ही हल करने के लिए सभी 5,440 केंद्रों पर एक केंद्र निगरानी अधिकारी (सीएसओ) तैनात किया गया है।


