NDA होगी 300 पार, TMC की टूट से BJP को बंपर फायदा; राज्यसभा में भी गेम
पश्चिम बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस संगठन स्तर पर सबसे बड़े संकट से जूझ रही है। पार्टी के पार्षद, विधायक और सांसद लगातार छिटकते नजर आ रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि इस बदलाव की सीधा असर संसद में देखने को मिल सकता है।

राज्यसभा और लोकसभा में NDA यानी केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन 300 के आंकड़े को पार कर सकता है। हालांकि, अभी इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसकी बड़ी वजह TMC सांसदों का टूटना हो सकता है। दरअसल, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी दोनों ही सदनों में बगावत का सामना कर रही है। वहीं, इससे पहले आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।
NDA को कितना फायदा
आंकड़े बताते हैं कि अभी लोकसभा में एनडीए के पास 293 MPs का समर्थन है। अब अगर 20 टीएमसी बागी सांसद एनडीए का साथ देते हैं, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के पास सांसदों की संख्या बढ़कर 313 पर पहुंच जाएगी। निचले सदन में सदस्यों की संख्या कुल 543 है। TMC के 19 सदस्यों की लिस्ट सामने आ चुकी है।
राज्यसभा में भी फायदा
राघव चड्ढा समेत 7 आप सांसदों के आने के बाद उच्च सदन में भाजपा सदस्य बढ़कर 113 हो गए थे और गठबंधन 148 पर पहुंच गया था। वहीं, गुरुवार को एनडीए के 19 सांसद निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं। इस लिहाज से राज्यसभा में NDA के पास 167 नेताओं का समर्थन हो गया है।
बीते 4 दिनों में टीएमसी के 4 राज्यसभा सांसद भी इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि ये नेता एनडीए में शामिल होंगे या नहीं। वहीं, इसके चलते ममता बनर्जी की पार्टी सांसदों की संख्या 13 से घटकर 9 पर आ गई है। इनमें सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव, प्रकाश बरेक और कोयल मलिक का नाम है।
समर्थन का झटका
खास बात है कि परिसीमन से जुड़ा जब बिल संसद में पेश किया गया था, तो कमजोर समर्थन के चलते एनडीए को झटका लगा था। अब लोकसभा में दो तिहाई सदस्यों के लिए गठबंधन को 360 का आंकड़ा छूने की जरूरत है। दरअसल, तीन लोकसभा सीटें अभी खाली हैं। इनमें बशीरहाट, शिलॉन्ग और नौगांव नाम शामिल हैं। हालांकि, टीएमसी सांसदों के बाद भी यह संख्या काफी दूर है। अटकलें हैं कि आने वाले समय में TMC के लोकसभा और राज्यसभा से कुछ और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं।
2024 चुनाव के नतीजे
2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 240 सीटें जीती थीं। इसके बाद पार्टी को तेदेपा के 16, जदयू के 12, शिवसेना के, लोक जनशक्ति पार्टी के 5, जनता दल सेक्युलर के 2 समेत अन्य दलों का साथ मिला था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र में एनडीए सरकार बनी और कुल सीटों की संख्या 292 रही थी।
DMK और कांग्रेस में तनाव
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम की हार हुई थी। इसके बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय के अगुवाई वाली गठबंधन को समर्थन दे दिया था। तब से ही कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव जारी है। दोनों ही दल लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि अब भाजपा DMK के साथ भी संपर्क में हैं और चर्चाओं का दौर जारी है। मॉनसून सत्र में बड़ी उथल पुथल देखने को मिल सकती है।
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लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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