लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत की ओर NDA, TMC के बाद अब इस दल में बड़ी बगावत के संकेत

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत (360 सीटें) जुटाने के लिए NDA का बड़ा प्लान। TMC के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT के 6 सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज। जानिए क्या है पूरा सियासी समीकरण।

लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत की ओर NDA, TMC के बाद अब इस दल में बड़ी बगावत के संकेत

केंद्र की सत्ता पर काबिज एनडीए (NDA) गठबंधन लोकसभा में अपना कुनबा और ताकत बढ़ाने की तैयारी में है। टीएमसी (TMC) के बागी गुट द्वारा 19 सांसदों के समर्थन का दावा किए जाने के बाद, अब विपक्षी खेमे की एक और बड़ी पार्टी में फूट की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो अगला नंबर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी का हो सकता है। बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचने के लिए विपक्ष के कई सांसदों को अपने पाले में लाने की जुगत में लगा हुआ है।

शिवसेना (UBT) के 6 सांसद कर सकते हैं पाला-बदल

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एनडीए की एकतरफा जीत के बाद से ही उद्धव गुट में बगावत की अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब इन चर्चाओं ने काफी जोर पकड़ लिया है। लोकसभा में फिलहाल उद्धव ठाकरे की पार्टी के कुल 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत सदस्यता जाने से बचने के लिए इनमें से कम से कम 6 सांसदों को एक साथ पार्टी छोड़नी होगी और किसी अन्य दल में विलय करना होगा। माना जा रहा है कि इन बागी सांसदों के लिए सबसे मुफीद विकल्प महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ही होगी।

मुंबई तक सिमट रहा उद्धव ठाकरे का प्रभाव?

एकनाथ शिंदे अपनी मजबूत जमीनी पकड़ और आसानी से लोगों के बीच उपलब्ध रहने की छवि के कारण राज्य के बड़े हिस्से में अपने विरोधी गुट को कमजोर करने में सफल रहे हैं। शिंदे ने ठाकरे गुट के कई प्रभावशाली नेताओं को अपने पाले में कर लिया है, जिसके चलते माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे का प्रभाव अब मुख्य रूप से केवल मुंबई तक ही सीमित रह गया है।

लोकसभा में 360 का आंकड़ा छूने पर NDA की नजर

संसद में अपने गठबंधन का संख्याबल बढ़ाने की बीजेपी की इस सियासी कवायद के पीछे सबसे बड़ा लक्ष्य दो-तिहाई बहुमत हासिल करना है। फिलहाल लोकसभा में 540 सांसद मौजूद हैं और तीन सीटें खाली हैं। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की नजर किसी भी तरह सदन में दो-तिहाई यानी 360 सांसदों का जादुई आंकड़ा हासिल करने पर है।

टीएमसी में भी हलचल

इस मुहिम को तब बल मिला, जब हाल ही में टीएमसी के बागी गुट ने दावा किया कि उनके पास 19 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जो एनडीए सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। सूत्रों का कहना है कि संसद में संख्याबल बढ़ाने की बीजेपी की यह पूरी मुहिम अंततः इस बात पर भी निर्भर करेगी कि मौजूदा लोकसभा में 360 के जादुई आंकड़े को पार करने का उनका यह मास्टरप्लान जमीनी स्तर पर कितना व्यावहारिक साबित होता है।

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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