
नौसेना की ताकत हुई बेजोड़, घबराए दुश्मन; सर्वे पोत INS इक्षक का जलावतरण
नेवी चीफ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना इस नजरिए का प्रतीक है। इक्षक को महिलाओं के लिए विशेष आवास व्यवस्था के साथ डिजाइन किया गया है जो अपनी तरह का पहला बड़ा सर्वेक्षण पोत है।
भारतीय नौसेना की ताकत को और ज्यादा मजबूती मिली है। नेवी चीफ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने नौसेना के तीसरे स्वदेशी रूप से डिजाइन सर्वे पोत आईएनएस इक्षक का जलावतरण किया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि INS इक्षक भारतीय नौसेना का 2025 में कमीशन हुआ 10वां प्लेटफॉर्म है। उन्होंने कहा, 'जब वैश्विक समुद्र में उथल-पुथल होती है, तो विश्व एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की तलाश करता है। भारत मजबूती और स्थिरता के साथ यह भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।'

नेवी चीफ एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना इस नजरिए का प्रतीक है। इक्षक को महिलाओं के लिए विशेष आवास व्यवस्था के साथ डिजाइन किया गया है जो अपनी तरह का पहला बड़ा सर्वेक्षण पोत है। यह आधुनिकीकरण के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इक्षक नामक यह जहाज 110 मीटर लंबा है और इसका वजन 3,400 टन है। इस पर कुल 231 लोग सवार हो सकते हैं, जिनमें 20 अधिकारी और 211 नाविक शामिल हैं। यह जहाज अधिकतम 18 नॉट (लगभग 33 किलोमीटर प्रति घंटे) की गति से चल सकता है। यह वजह है कि देश के दुश्मन घबरा गए होंगे।
शक्ति और स्थिरता का प्रतीक
जहाज में एक स्वायत्त जल वाहन (AUV) और एक दूर से संचालित वाहन (ROV) भी है, जो समुद्र तल की स्कैनिंग और मलबे की जांच करने में सक्षम है। नौसेना प्रमुख ने इंडियन नेवी को शक्ति और स्थिरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नौसेना संचालन क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ अपनी पहुंच का विस्तार कर रही है। साथ ही, समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोगात्मक पहलों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि नौसेना सबसे पहले मदद का हाथ बढाने वाले पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को दर्शाती है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)





