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व्लॉग्स में पैसा लेकर दिखाया चीन का एजेंडा? सुरक्षा एजेंसियों के रेडार पर देश के नामी इन्फ्लुएंसर्स

देश की सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि बीते कुछ महीनों में देश के कई नामी यूट्यूबर्स ने चीन का प्रोपेगैंडा बढ़ाने वाले वीडियो बनाए। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे इनफ्लुएंसर्स की एक लिस्ट बनाई है।

व्लॉग्स में पैसा लेकर दिखाया चीन का एजेंडा? सुरक्षा एजेंसियों के रेडार पर देश के नामी इन्फ्लुएंसर्स
शिवम् भट्टलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीFri, 23 Feb 2024 05:16 PM
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यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर आपने भी हाल के दिनों में चीन के कई व्लॉग देखे होंगे जिनमें चीन की 'उदार छवि' और विकास को अच्छे से दिखाया गया है। भारत और दूसरे देशों के कई व्लॉगर्स ने भी हाल के दिनों में चीन की यात्राएं कीं और वुहान, तिब्बत, शिनजियांग जैसे चीन के विवादित इलाकों के व्लॉग दिखाए। हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इसमें एक भरा-पूरा प्रोपेगैंडा नजर आ रहा है और केंद्र सरकार को अलर्ट किया है।

भारत के ऐसे करीब एक दर्जन से अधिक यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रेडार पर आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि व्लॉग की आड़ में ये इन्फ्लुएंसर चीन सरकार के एजेंडे को बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

कार्रवाई के लिए केंद्र को सौंपी गई लिस्ट
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ ब्लॉक में चीन पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे व्लॉगर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की एक लिस्ट बनाई है और अब कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को भेजा है।

चीन के एजेंडा पर कर रहे काम?
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि कथित तौर पर वित्तीय लाभ से प्रेरित होकर ये प्रभावशाली लोग चीन की चाल का शिकार बन रहे हैं और उसके एजेंडा को आगे बढ़ाकर भारत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इन व्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लाखों फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स हैं, इसलिए उनके पोस्ट लोगों की राय बनाने में बहुत मायने रखते हैं।

CCP क्यों कर रही ऐसे इनफ्लुएंसर्स की फंडिंग?
अधिकारियों का मानना है कि यह सब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत चीन अपने प्रोपेगैंडा को आकार देने और प्रसारित करने के लिए भारत जैसे विरोधी देशों में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स का उपयोग कर रहा है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में चीन के खिलाफ हुई निगेटिव मीडिया रिपोर्टिंग और शोध को खारिज करना और विदेशी सरकारों के बयानों का खंडन करना है।

चीन की प्रोपेगैंडा मशीनरी के हाथों खेल रहे कई व्लॉगर्स
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों का कहना है कि जहां कुछ व्लॉगर्स वास्तव में दोनों देशों के बीच कल्चरल एक्सचेंज को बढ़ावा देना चाहते हैं, वहीं ऐसे लोग भी हैं जो चीन की प्रोपेगैंडा मशीनरी के हाथों में खेल रहे हैं। साउथ ब्लॉक के एक अधिकारी ने कहा कि इन व्लॉगर्स की लोकप्रियता ऐसी है कि इनमें अपने वीडियो के जरिए एक खास प्रोपेगैंडा को आकार देने की क्षमता है और इसका भारत की सुरक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

चीन ने अपने खर्च पर बुलाया, प्रतिबंधित जगहों पर घुमाया
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को यह भी पता चला है कि इन संदिग्ध व्लॉगर्स का खर्च चीन ने वहन किया है और उन्हें शिनजियांग और तिब्बत जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों तक का एक्सेस भी दिया। इन यूट्यूबर्स के वीडियो चीन के हिसाब से ही हैं जिसमें वह दुनिया को दिखाना चाहता है कि शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों का नरसंहार नहीं हुआ। साथ ही शिनजियांग और तिब्बत में चीनी शासन के अंतर्गत सबकुछ शांतिपूर्ण है। वुहान के बारे में दुनियाभर में जो प्रचारित किया गया असल में यह शहर तो बड़ा विकसित है और कोविड में शहर का कोई योगदान नहीं था।

चीन का सरकारी अखबार कर रहा कुछ भारतीय व्लॉगर्स की तारीफ
सुरक्षा एजेंसियों का यह शक तब और गहरा जाता है जब चीन का सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स विशेष तौर पर भारतीय व्लॉगर्स की तारीफ कर रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने जून 2023 में किए एक ट्वीट में कहा, 'चीन में यात्रा करने वाले कई विदेशी बैकपैकर्स में से तीन भारतीय व्लॉगर्स प्रमुख हैं। उनके कुछ वीडियो को YouTube पर 1 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया है और भारतीय लोगों ने भी कमेंट किए हैं जिनके मुताबिक चीन को अंदर से पेश करने वाले ये वीडियो फेक न्यूज और नफरत भरे इस युग में एक बड़ा मिथक तोड़ने वाले हैं।'

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