अल्लाह से बड़ी कोई ताकत नहीं, फायरिंग वाली घटना पर क्या बोले फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला ने बताया कि वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में रॉयल पार्क में शादी समारोह में शामिल थे। जब वे कार्यक्रम समाप्त कर घर लौट रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उनके बहुत करीब से पिस्तौल से फायरिंग की कोशिश की थी।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर के प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह में अलविदा जुम्मा की नमाज अदा की। यह उनकी उस घटना के बाद की पहली प्रमुख धार्मिक उपस्थिति थी, जिसमें कुछ दिन पहले जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान उन पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अल्लाह से बड़ी कोई ताकत नहीं है और उन्होंने अल्लाह की याद दिलाते हुए कहा कि वही था और वही रहेगा। उन्होंने अपनी जान बचने को अल्लाह की मेहरबानी बताया और लोगों से अल्लाह को याद रखने की अपील की।
घटना के बारे में बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने बताया कि वे जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में रॉयल पार्क में शादी समारोह में शामिल थे। जब वे कार्यक्रम समाप्त कर घर लौट रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उनके बहुत करीब से पिस्तौल से फायरिंग की कोशिश की। गोली चूक गई और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान कमल सिंह के रूप में हुई, जिसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। अदालत ने आरोपी को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा और उसकी मेडिकल जांच के आदेश दिए।
गोली चलने वाली घटना पर क्या बोले
फारूक अब्दुल्ला ने इस हमले को देश में बढ़ती नफरत से जोड़ा और गहन जांच की मांग की। उनके बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे हत्या का प्रयास करार दिया। अलविदा जुम्मा की नमाज के बाद फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा कि हमें अल्लाह को याद रखना चाहिए, क्योंकि कोई ताकत अल्लाह से बड़ी नहीं है। उन्होंने कहा, 'वही था और वही रहेगा।' उन्होंने ऊर्जा संकट को युद्ध से जोड़ा और दुआ की कि युद्ध खत्म हो व इस्लाम को खत्म करने वाली ताकतों को अल्लाह समाप्त करे।
यह बयान ऐसे समय में आया जब पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई हुई। फारूक अब्दुल्ला ने इस वैश्विक संकट पर भी टिप्पणी की, जो ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यह घटना और फारूक अब्दुल्ला की दरगाह में मौजूदगी ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में चर्चा बटोरी। 88 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला ने अपनी जान बचने को अल्लाह की कृपा बताया और कहा कि उन्होंने शुरू में गोली की आवाज को पटाखे समझा था। उन्होंने लोगों से नफरत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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