Loksabha LIVE: बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, दक्षिण के राज्यों को कोई घाटा नहीं- बोले अमित शाह

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।

Loksabha LIVE: बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, दक्षिण के राज्यों को कोई घाटा नहीं- बोले अमित शाह

अमित शाह

Nisarg Dixit| लाइव हिन्दुस्तान |
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Nari Shakti Vandan Adhiniyam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि विकसित भारत का मतलब केवल सड़कों, रेलवे या अन्य बुनियादी ढांचे के आंकड़ों से नहीं है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ सड़क-रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इसका मतलब यह भी है कि नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी को हिस्सेदार बनाया जाए। हम पहले ही काफी देर कर चुके हैं। इसे अब सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि जब हम अकेले में मिलते हैं तो यह मान लेते हैं कि हां, यह जरूरी है। लेकिन जो लोग केवल राजनैतिक दिशा में सोचते हैं, उनसे मैं मित्र के रूप में एक सलाह देना चाहता हूं जो उनके काम आएगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। हम सभी सांसद इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से न जाने दें। हम सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह न केवल देश की महिलाओं के सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देगा, बल्कि देश की राजनीति की दशा और दिशा भी तय करेगा।

नंबर गेम नहीं है NDA के साथ

संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों की संख्या के दो तिहाई के समर्थन की जरूरत होती है। अब NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पास लोकसभा में यह आंकड़ा फिलहाल नहीं है। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

परिसीमन के बाद बढ़ जाएंगी सीटें

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।

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बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से संबंधित तीनों विधेयकों पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि दक्षिण भारतीय राज्यों को इन बदलावों से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक बड़ा गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है। शाह ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है, भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह जो तीन विधेयक हैं, संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन और संघ क्षेत्र के चुनाव के कानून में बदलाव का कानून, इनके आने से लोकसभा में दक्षिण की क्षमता कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। गृह मंत्री ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए जोर देकर कहा कि कर्नाटक राज्य में वर्तमान में 28 सीटें हैं। इस संविधान संशोधन के बाद कर्नाटक की सीटों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी। कर्नाटक को जरा भी नुकसान नहीं होगा। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया के बाद सभी राज्यों की लोकसभा में प्रतिनिधित्व क्षमता बढ़ेगी और दक्षिण के राज्यों का अनुपात बरकरार रहेगा। सरकार का दावा है कि इन विधेयकों से किसी भी राज्य की मौजूदा ताकत कम नहीं होगी, बल्कि समग्र रूप से लोकसभा सीटों में वृद्धि के साथ संतुलन बना रहेगा।

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महिला आरक्षण की बात कांग्रेस ने की थी, लोकसभा में प्रियंका गांधी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान सबसे पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार ने स्वर्गीय राजीव गांधी के नेतृत्व में सदन में पेश किया था। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि मैं इस विषय पर थोड़ा पृष्ठभूमि बताना चाहूंगी। क्योंकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बहुत कुछ कहा कि इसे किसने रोका, कैसे रोका गया और यह फैसला 30 साल तक कैसे अटका रहा। सत्ताधारी दल के मेरे सहयोगी शायद इसे पसंद न करें, लेकिन ऐतिहासिक पृष्ठभूमि यह है कि इसे शुरू करने का श्रेय भी एक व्यक्ति को जाता है, जिनका नाम नेहरू है। लेकिन चिंता न करें, यह वह नेहरू नहीं हैं जिनसे आप इतना कतराते हैं। उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने वर्ष 1928 में एक रिपोर्ट तैयार की और उसे कांग्रेस पार्टी की कार्य समिति के सामने पेश किया। इसमें उन्होंने 19 मौलिक अधिकारों की सूची दी थी।

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि 1931 में सरदार पटेल की अध्यक्षता में कांग्रेस का कराची अधिवेशन हुआ। इसी कराची अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया, जिसने महिलाओं को समान अधिकार देने को हमारे देश की राजनीति का हिस्सा बना दिया। उसी समय हमारे राजनीतिक तंत्र में 'एक वोट, एक नागरिक, एक मूल्य' का सिद्धांत भी स्थापित हुआ। संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में इस अधिकार के लिए 150 साल तक इंतजार और संघर्ष करना पड़ा। हमारे देश के राजनीतिक तंत्र में महिला आरक्षण लागू करना विश्व में एक अनूठा कदम था।

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महिलाएं बार-बार धोखा देने वाले पुरुषों को जल्दी पहचान लेती हैं, लोकसभा में प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिल का प्रारूप देखने पर ऊपरी तौर पर कोई समस्या नहीं दिखती, लेकिन असली मुद्दा परिसीमन है, जो प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि संसद में महिला आरक्षण 2029 तक लागू करना चाहिए। इसे लागू करने के लिए सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जानी चाहिए और इसके लिए परिसीमन आयोग का गठन किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की सूझ-बूझ का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं उन पुरुषों को बहुत जल्दी पहचान लेती हैं जो बार-बार उन्हें गुमराह करने की कोशिश करते हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदन में पीएम मोदी राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन उनकी बातों पर गंभीरता से ध्यान देते हैं।

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एक बार जब महिलाएं सदन में बड़ी संख्या में आ जाएंगी तो वे बहुत कुछ निर्णय लेंगी

पीएम मोदी ने कहा कि 25-30 साल पहले किसी ने विरोध किया था तो वह बहुत नीचे तक नहीं गया था। अब ऐसी गलती मत करना। अब महिलाएं ओपिनियन लीडर हैं, वे वोकल हैं। अब वे महिलाएं देखेंगी और अपनी राय जाहिर करेंगी। इसलिए विरोध करने वाले लोग ध्यान रखें। महिलाएं कहती हैं कि आप झाड़ू-कचरा वाले काम में तो जोड़ देते हो, लेकिन हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़िए। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल में सफलता चाहते हैं, उनको यह मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25-30 साल में लाखों महिलाएं लीडर बन चुकी हैं। जमीन पर नेतृत्व कर रहीं महिलाएं ऐसे लोगों को माफ नहीं करेंगी। महिला आरक्षण का विरोध करने वाले लोगों को लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी।

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किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा ये मेरी गारंटी है और वादा भी

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिसीमन को लेकर स्पष्ट भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि परिसीमन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा ये मेरी गारंटी है... ये मेरा वादा है। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया होगी, जिसमें हर राज्य के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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अपना पद जाने के डर से आरक्षण में साथ नहीं दे रहे, विपक्ष पर PM का तीखा हमला

लोकसभा में पीएम मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर वे अपना पक्ष खोने के डर से सहयोग नहीं कर रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जब मैं संगठन का एक साधारण कार्यकर्ता था, तब चर्चा होती थी कि देखिए ये लोग कैसे हैं। पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, क्योंकि उनमें खुद का पद जाने का कोई डर नहीं लगता। हम सुरक्षित हैं, इसलिए दे दो। इसी कारण पंचायतों में आरक्षण 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले विरोध किया था, वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया, लेकिन आज ग्रासरूट स्तर पर वही बहनें मुखर हो गई हैं। लाखों बहनें जो पंचायतों में काम कर चुकी हैं, वे अब निर्णय प्रक्रिया में शामिल होने की मांग कर रही हैं। वे कहती हैं कि हमें संसद में भी निर्णय प्रक्रिया में जोड़ो।

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महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को कभी माफी नहीं मिली: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि विकसित भारत का मतलब केवल सड़कों, रेलवे या अन्य बुनियादी ढांचे के आंकड़ों से नहीं है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ सड़क-रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इसका मतलब यह भी है कि नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी को हिस्सेदार बनाया जाए। हम पहले ही काफी देर कर चुके हैं। इसे अब सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि जब हम अकेले में मिलते हैं तो यह मान लेते हैं कि हां, यह जरूरी है। लेकिन जो लोग केवल राजनैतिक दिशा में सोचते हैं, उनसे मैं मित्र के रूप में एक सलाह देना चाहता हूं जो उनके काम आएगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। हम सभी सांसद इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से न जाने दें। हम सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह न केवल देश की महिलाओं के सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देगा, बल्कि देश की राजनीति की दशा और दिशा भी तय करेगा।

महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का जिस-जिसने विरोध किया है, उन्हें कभी महिलाओं ने माफ नहीं किया। उनका हाल बुरे से बुरे किया गया। लेकिन 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्यों? ऐसा इसलिए क्योंकि किसी ने भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया था। यदि हम सभी लोग साथ जाते हैं तो किसी एक को ही फायदा नहीं मिलेगा। यह किसी एक के पक्ष में नहीं जाएगा बल्कि यह देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा। इसका क्रेडिट ना सिर्फ मोदी को मिलेगा बल्कि सभी को रहेगा। उन्होंने कहा कि इसका फायदा सभी को मिलेगा और तभी जब वे इसका साथ दें। किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

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ये देश की दिशा और दशा तय करने वाला; हिला आरक्षण बिल पर पीएम

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये देश की दिशा और दशा तय करने वाला पल है। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के विशेष सत्र में इस ऐतिहासिक बिल को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक बताते हुए इसे महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र की दिशा और दशा तय करने वाली सशक्त भागीदार बनेगी।

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जनगणना टालने की साजिश, आरक्षण से भाग रही भाजपा: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने परिसीमन बिल और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर भाजपा तथा केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा जनगणना कराने से बचना चाहती है, क्योंकि जातीय जनगणना होने पर आरक्षण की नई मांगें उठेंगी। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पंचायतों में महिलाओं को सबसे अधिक आरक्षण देने का काम समाजवादी पार्टी ने किया था। हमारा सवाल है कि भाजपा को इतनी जल्दबाजी क्यों है? असलियत यह है कि वे जनगणना को टालना चाहते हैं। जनगणना जातीय जनगणना की वजह से टाल रहे हैं, क्योंकि वे आरक्षण देना नहीं चाहते। इस दौरान सपा नेता ने परिसीमन बिल पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सपा महिला आरक्षण के पक्ष में है। उन्होंने डॉ राम मनोहर लोहिया का हवाला देते हुए कहा कि डॉ लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में रहे। हम भी उसी राह पर चल रहे हैं। यह आरक्षण हमारे आह्वान को और मजबूत कर रहा है।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने अपनी पार्टी के संगठन में महिलाओं को जगह नहीं दी, वे उनके मान-सम्मान की रक्षा कैसे करेंगे? पिछले कई वर्षों से ये लोग सत्ता में हैं, लेकिन दुनिया के आंकड़ों को देखें तो जेंडर इक्वालिटी में हम कहां खड़े हैं। इनकी अपनी 21 सरकारों में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि सपा महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन सरकार की इस जल्दबाजी के पीछे छिपी साजिश का विरोध करती है। अखिलेश यादव का आरोप है कि भाजपा परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए पिछड़े वर्गों, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक महिलाओं को उचित हिस्सा देने से बचना चाहती है।

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नारी को नारा बना रही है भाजपा: अखिलेश यादव

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं (नारी) को महज एक नारे (नारा) के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा की यह जल्दबाजी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार जाति आधारित जनगणना से बचना चाहती है, क्योंकि इससे आरक्षण और परिसीमन की सच्चाई सामने आ जाएगी। सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 'ए' का मतलब 'आधी आबादी' यानी महिलाओं से भी है, लेकिन भाजपा महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने का खेल खेल रही है। इस दौरान उन्होंने सदन में पूछा कि सरकार को इतनी जल्दी क्यों है? हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर नहीं। नई जनगणना के बाद ही यह लागू होना चाहिए।

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Lok Sabha LIVE: चिराग पासवान ने विपक्ष पर उठाए सवाल

Lok Sabha LIVE: महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, 'ये मांग दशकों पुरानी रही है। महिला आरक्षण देना जरूरी है। ऐसे में अलग-अलग कालखंड में अलग-अलग विषयों के आधार बनाते हुए मेरी समझ के परे है कि क्यों नारी शक्ति को उनके इन अधिकारों से वंचित रखने का काम किया जा रहा है। कभी आरक्षण के भीतर आरक्षण को आधार बनाया जाता है कभी सीटों की संख्या को आधार बनाया जा रहा है। पहले सबने इसे पारित करने का काम किया अब लागू करने के समय विपक्ष विरोध कर रहा है।'

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Lok Sabha LIVE: दक्षिण भारतीय राज्यों में कितनी होंगी सीटें

Lok Sabha LIVE: भारतीय जनता पार्टी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बताया कि तमिलनाडु में अभी 39 सीटें हैं, जो बढ़कर 59 हो जाएंगी। जबकि, कर्नाटक में 28 से बढ़कर 42, आंध्र प्रदेश में 25 से 38 सीटें हो जाएंगी। उन्होंने जानकारी दी है कि तेलंगाना में 26 सीटें हो जाएंगी, जो अभी 17 हैं। साथ ही केरल में आंकड़ा 20 सीटों से बढ़कर 30 पर पहुंच जाएगा।

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Lok Sabha LIVE: भाजपा का दावा, दक्षिण भारत के लिए है फायदा

Lok Sabha LIVE: भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि परिसीमन को दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए नुकसान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को जवाब दिया कि परिसीमन अनुच्छेद 81 और 82 के तहत संवैधानिक रूप से जरूरी है। इसकी जरूरत आबादी और सीटों के अनुपात में संतुलन बनाने और क्षेत्रों की सीमा तय करने के लिए है।

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Lok Sabha LIVE: कांग्रेस ने पूछा- 850 का आंकड़ा कहां से आया

Lok Sabha LIVE: सदन में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 850 लोकसभा सीटों के आंकड़े पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये आंकड़ा नागपुर से आया है क्या। उन्होंने कहा, 'आज आप कह रहे हैं कि महिला आरक्षण जातिगत जनगणना से पहले आना चाहिए। आप एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के बहाने जबरदस्ती परिसीमन को थोप रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'लोकसभा की सीटें बढ़ाकर '850' करने का यह आंकड़ा कहां से आया? क्या यह नागपुर से आया है? बिना किसी जनगणना या संबंधित संसदीय दस्तावेज के यह संख्या कैसे तय की जा सकती है?'

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Lok Sabha LIVE: कांग्रेस ने बताया कब करेगी सरकार का समर्थन

Lok Sabha LIVE: कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, '...आप बार-बार महिला आरक्षण की राह में मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। अगर आपने 2023 में हमारी बात मानी होती, तो महिला आरक्षण 2024 में ही लागू हो गया होता। हम आग्रह कर रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन से न जोड़ा जाए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो हम निश्चित रूप से इसका समर्थन करेंगे। यह विधेयक महिला आरक्षण के लिए नहीं है, बल्कि पिछले दरवाजे से परिसीमन लागू करने के लिए है।'

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Lok Sabha LIVE: सरकार ने दी बिल की जानकारी

Lok Sabha LIVE: केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, 'महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित किया गया था, जिसमें यह प्रावधान था कि इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। लोकसभा सदस्यों की संख्या में 50 प्रतिशत की समान बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल सीटें 815 हो जाएंगी। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की कुल संख्या का एक-तिहाई है। इससे किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और उनकी मौजूदा हिस्सेदारी बरकरार रहेगी।'

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Lok Sabha LIVE: कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में पर परिसीमन के नहीं

Lok Sabha LIVE: कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। कृपया महिला आरक्षण को आप सरल कीजिए, ताकि महिला आरक्षण जिस समय कानून पारित हो तब ही लागू हो जाए। और 543 जो लोकसभा की वर्तमान ताकत है। उसपर लागू हो जाए। उसे परिसीमन के साथ मत जोड़िए। उस समय भी हमने यही बात की थी। अब भी यही बात कह रहे हैं।

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Lok Sabha LIVE: कल 4 बजे होगा बिलों पर मतदान

Lok Sabha LIVE: लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'इस पर 12 घंटे तक चर्चा होगी। अध्यक्ष के पास चर्चा का समय बढ़ाने का अधिकार होना चाहिए। इन बिलों पर मतदान कल किया जाएगा।' अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, 'इन तीनों बिलों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी। इन बिलों पर मतदान कल शाम 4 बजे किया जाएगा।'

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Lok Sabha LIVE: विपक्ष पर भड़के अमित शाह

Lok Sabha LIVE: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम में भी ये तीनों बिल एक साथ आने थे और सदन ने उनकी सहमति से पास किए आज सुबह वे विरोध करने का तय करके आए हैं इसलिए हर चीज में विरोध किए जा रहे हैं।'

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Lok Sabha LIVE: ओवैसी ने लगाए आरोप

Lok Sabha LIVE: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल संघवाद के खिलाफ है और कम आबादी वाले राज्यों से उनका अधिकार छीनता है। उन्होंने कहा कि परिसीमन पर लगी रोक को हटाकर सरकार कम आबादी वाले राज्यों को उनके वाजिब हिस्से से दूर कर रही है। उन्होंने नोटिस नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए और कहा कि बिल पेश करने के लिए सात दिन पहले नोटिस देना होता है।

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Lok Sabha LIVE: इन पार्टियों ने विरोध दर्ज कराया

Lok Sabha LIVE: लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने के कदम के खिलाफ वोटिंग पर ज़ोर दिया है। DMK सांसद टीआर बालू, AIMIM सांसद ओवैसी उन विपक्षी सांसदों में शामिल हैं जो बिल पेश करने का विरोध कर रहे हैं। TMC और CPI-M बिल का विरोध कर रहे हैं।

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Lok Sabha LIVE: लोकसभा में हुई वोटिंग

Lok Sabha LIVE: लोकसभा के सांसदों ने संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026 पेश करने के पक्ष में वोट दिया। लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने बिल पेश करने के कदम के खिलाफ मतविभाजन पर जोर दिया था।

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Lok Sabha LIVE: क्या बोले अमित शाह

Lok Sabha LIVE: 'घरों की कोई जाति नहीं होती। अभी घरों की गिनती हो रही है। जब नागरिकों की गिनती होगी यानी व्यक्तियों की गिनती होगी तो उसमें जाति का कॉलम रहेगा।' जब अखिलेश यादव ने कहा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को महिला नहीं माना जाएगा। इस पर अमित शाह ने कहा कि सपा सारी टिकट मुसलमान महिलाओं को ही दे दे। हमें कोई आपत्ति नहीं है।

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Lok Sabha LIVE: SP का बस चले तो घरों की जाति तय कर दे

Lok Sabha LIVE: लोकसभा में तीनों बिलों के प्रस्ताव के बाद विपक्ष का विरोध जारी है। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा का बस चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। वहीं, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी मांग उठाई थी कि ओबीसी और मुसलमान महिलाओं को आरक्षण में शामिल कर लेना चाहिए।

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Lok Sabha LIVE: विपक्ष का विरोध, अमित शाह का जवाब

Lok Sabha LIVE: लोकसभा में तीनों बिलों का प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। इसी बीच विपक्ष ने विरोध भी शुरू कर दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, 'उनको भाषण करने का पर्याप्त मौका मिलेगा। और आप बड़े दयालु हो, ज्यादा मौका देना। और हम भी कसकर जवाब देंगे। हमें कोई तकलीफ नहीं है। परंतु अभी नियम यही है कि वह सिर्फ तकनीकी आपत्ति ही उठा सकते हैं।'

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Lok Sabha LIVE: अखिलेश यादव ने जल्दबाजी पर उठाए सवाल

Lok Sabha LIVE: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, 'ये खूफिया लोगों की गुप्त योजना है। हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है हम उसके खिलाफ हैं। जनगणना होगी तो देश जातिगत जनगणना मांगेगा और जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा लेकिन वे इन सबसे बचना चाहते हैं। ये पीड़ित, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा आदि आबादी के खिलाफ लोग हैं। देश में हम आंकड़ें देखें तो आरक्षण के साथ-साथ संरक्षण की भी जरूरत है। ये सशक्तिकरण नहीं है बल्कि ये तुष्टिकरण के लिए है। हम पिछड़ों की आबादी यदि 66% भी मानकर चलें तो आप 33% को आरक्षण दे रहे हैं कि 33% महिलाओं का अधिकार छीन रहे हैं?... महिला आरक्षण के हम पक्ष में है लेकिन जिस तरह से परिसीमन होगा, जनगणना नहीं हो रही, 2011 के आधार पर आंकड़ें तय होंगे, उसके हम विरोध में हैं...'

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Lok Sabha LIVE: किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, भाजपा का दावा

Lok Sabha LIVE: महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि जब से सदन में आएंगे तो महिलाओं के प्रति उनमें संवेदना जगेगी और जो महिलाओं में सालों से इंतजार है अब उनके सब्र की सीमा टूट रही है। इसे सब मिलकर पास करेंगे... किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।'

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Lok Sabha LIVE: परिसीमन पर फैलाया जा रहा है भ्रम, क्या बोली सरकार

Lok Sabha LIVE: नारी वंदन शक्ति अधिनियम पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, '...हम लोगों ने पूरी तैयारी की है। आज बहुत अच्छी बहस होगी। मेरा विश्वास है कि हर पार्टी अपना-अपना पक्ष रखेगी। मुख्य मुद्दा यह है कि महिलाओं को आरक्षण देना। लोकसभा और विधानसभाओं में भारत की महिलाओं को 33% आरक्षण देना। सामान्य सीट से भी महिलाएं चुनकर आ सकती हैं लेकिन 33% आरक्षण देने के बाद भारत के लिए यह ऐतिहासिक हो जाएगा। भारत दुनिया में मिसाल कायम करेगा कि हम महिलाओं के लिए कितना बड़ा कदम उठा रहे हैं। इस पर विरोध होने की आवश्यकता नहीं है। परिसीमन या अन्य विषयों को उठाकर महिला आरक्षण को गिराने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। इससे किसी को नुकसान नहीं है, जो संसद में साफ भी हो जाएगा... चर्चा में सरकार की ओर से सभी बातें खुलकर सामने आएगी लेकिन कुछ पार्टियों ने दक्षिण भारत में परिसीमन के संबंध में गलत संदेश फैलाने का प्रयास किया है, मेरी उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें...'

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Lok Sabha LIVE: विपक्ष की बैठक में क्या तय हुआ

Lok Sabha LIVE: शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, '...कल विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष(राज्यसभा) मल्लिकार्जुन खरगे के निवास स्थान पर आयोजित हुई, उसमें राहुल गांधी भी उपस्थित थे... हमारी पार्टी का महिला आरक्षण को लेकर कोई विरोध नहीं है लेकिन जिस तरह से भाजपा इस बिल की आड़ में अपना राजनीतिक खेल कर रही है, उस पर हमारा विरोध है... आपको अपने हिसाब से आंकड़े बनाने हैं, परिसीमन करना है और राजनीति करनी है। आपको नारी शक्ति बिल का नाम बदलकर भाजपा शक्ति बिल कर देना चाहिए...।'

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Lok Sabha LIVE: समाजवादी पार्टी ने क्या कहा

Lok Sabha LIVE: संसद के विशेष सत्र पर सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, 'महिला आरक्षण बिल पहले की सर्वसम्मति से पास हो चुका है, किसी ने विरोध नहीं किया है। अब जो ये ला रहे हैं ये बदनीयती है हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।'

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Lok Sabha LIVE: कांग्रेस के भाजपा पर आरोप, परिसीमन पर घेरा

Lok Sabha LIVE: महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में समर्पित है। जब ये 2023 में आया था तब भी हमने समर्थन दिया था हमारी कोशिश थी राजीव गांधी का सपना पूरा करने की...भाजपा आरक्षण के नाम पर समाज में जहर बोना चाहती है। जिस तरीके से परिसीमन के नाम पर इसमें जहर का इंजेक्शन डाला गया है वे जान बूझकर 2 राज्यों के चुनाव के समय विशेष सत्र बुलाना, भाजपा की नीति और नियत पर सवाल खड़ा करता है।'

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Lok Sabha LIVE: क्या बोले PM मोदी

Lok Sabha LIVE: पीएम मोदी ने लिखा, 'आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।

व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।

ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥'

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Lok Sabha LIVE: तमिलनाडु सीएम ने प्रस्तावित कानूनों को काला कानून बताया

Lok Sabha LIVE: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने परिसीमन पर केंद्र के प्रस्तावित कानून को 'काला कानून' करार दिया। स्टालिन ने आरोप लगाया कि 'परिसीमन का काला कानून' तमिल लोगों को उनकी ही धरती पर शरणार्थी बना देगा। खास बात है कि विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है कि महिला आरक्षण को समर्थन दिया जाएगा, लेकिन परिसीमन का विरोध करेंगे।

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Women Reservation Bill LIVE: क्यों 2011 की जनगणना के आधार पर हो रहा है परिसीमन

Women Reservation Bill LIVE: हिन्दुस्तान के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि यदि 2026 की जनगणना को आधार बनाते हैं तो 2030 से पहले परिसीमन नही हो पाएगा। जबकि कानून के प्रावधानों के तहत 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जाना है। दरअसल, जातीय जनगणना के कारण 2026 की जनगणना के नतीजे आने में काफी समय लगेगा।

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Women Reservation Bill LIVE: तमिलनाडु में CM ने बिल की कॉपी जलाई

Women Reservation Bill LIVE: DMK प्रेसिडेंट और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने काले कपड़े पहनकर केंद्र के डिलिमिटेशन कदम के विरोध में काला झंडा फहराया। उन्होंने डिलिमिटेशन बिल की एक कॉपी भी जलाई। इससे पहले स्टालिन ने केंद्र को चेतावनी दी कि यदि उसने दक्षिणी राज्य की आवाज पर ध्यान नहीं दिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी।

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लोकसभा में 67 कम, राज्यसभा में 21 की जरूरत; महिला आरक्षण बिल पर जानें संसद का नंबर गेम

'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत महिलाओं को मिलने वाला कोटा परिसीमन और जनगणना से जुड़ा है। केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने और महिला आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है। विस्तार से पढ़ें

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What is Delimitation: परिसीमन का इतिहास

What is Delimitation: देश में पहली बार परिसीमन 1952 में हुआ था, जो 1951 की जनगणना पर आधारित था और तब लोकसभा की 494 सीटें तय की गई थीं। इसके बाद 1963 और 1973 में भी इसी तरह का काम किया गया। 1973 की प्रक्रिया में, जो 1971 की आबादी के आंकड़ों पर आधारित थी, सीटों की संख्या 543 तय कर दी गई, जबकि उस समय देश की कुल आबादी 54.8 करोड़ थी। आखिरी बार 2002 में जब सीटों के तालमेल में सुधार किया गया, तब सीटों की कुल संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ, बल्कि सिर्फ उनके इलाकों और सीमाओं को फिर से तय किया गया था।

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What is Delimitation: क्या होता है परिसीमन

What is Delimitation: परिसीमन यानी डिलिमिटेशन एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर कुछ दशकों में की जाती है। इसमें बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए नई सीटें बनाई जाती हैं और उनकी सीमाएं तय की जाती हैं ताकि हर राज्य को जनसंख्या के हिसाब से अपना सही हक और प्रतिनिधित्व मिल सके। अभी जो प्रक्रिया चल रही है, वह देश में होने वाली ऐसी पांचवीं कवायद है।

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Women Reservation Bill LIVE: अमित शाह करेंगे पेश

Women Reservation Bill LIVE: लोकसभा के बुलेटिन के अनुसार ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026’ को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया जाएगा। पहले दो विधेयक जहां केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, वहीं तीसरा विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के पटल पर रखेंगे। वहीं, दोपहर 2:30 से 3 बजे के बीच पीएम मोदी सदन को संबोधित कर सकते हैं।

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Women Reservation Bill LIVE: एससी, एसटी की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी

Women Reservation Bill LIVE: लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान पहले से आरक्षित सीटों पर भी लागू होगा। इसके तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित एक तिहाई सीटें इसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। सरकार के सूत्रों के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 फीसदी आरक्षण को आरक्षित और जनरल सभी सीटों पर समान रूप से लागू किया जाएगा।

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Hindi NewsदेशLoksabha LIVE: बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, दक्षिण के राज्यों को कोई घाटा नहीं- बोले अमित शाह