'हाउडी मोदी' पर भारी पर गया 'नमस्ते ट्रंप'. ट्रेड डील पर कांग्रेस का तंज; रूस से दूरी पर सवाल
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने कहा है कि इसका कोई खास नतीजा नहीं निकला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय किसानों की कीमत पर केंद्र सरकार अमेरिकी किसानों की मदद करेगी।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने शनिवार दावा किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर जारी संयुक्त बयान से स्पष्ट हो गया है कि गले मिलने वाली कूटनीति का भारत के लिए कुछ खास नतीजा नहीं निकला। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि "हाउडी मोदी" पर "नमस्ते ट्रंप" भारी पड़ गया है।
"नमस्ते ट्रंप" और "हाउडी मोदी" ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान भारत तथा अमेरिका के रिश्तों से जुड़े दो बड़े राजनीतिक–कूटनीतिक कार्यक्रम थे, जिनका आयोजन क्रमशः अहमदाबाद और ह्यूस्टन में हुआ था। रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अमेरिका–भारत के हाल ही में जारी संयुक्त वक्तव्य में विवरण नहीं दिए गए हैं। लेकिन जो बातें सामने आई हैं, उनसे यह स्पष्ट है कि भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा। अलग से अमेरिका ने यह भी घोषणा की है कि यदि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है तो 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क फिर से लगाया जा सकता है।''
भारतीय किसानों की कीमत पर होगी अमेरिका की मदद- कांग्रेस
उन्होंने दावा किया कि भारत, भारतीय किसानों की कीमत पर, अमेरिकी किसानों की मदद करने के लिए आयात शुल्क में कटौती करेगा। रमेश ने कहा, ''अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात तीन गुना हो जाएगा, जिससे हमारा लंबे समय से चला आ रहा वस्तुओं का व्यापार अधिशेष खत्म हो जाएगा। अमेरिका को भारत की आईटी और अन्य सेवाओं के निर्यात को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।''
रमेश ने संयुक्त बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत के अमेरिका को वस्तुओं के निर्यात पर पहले से अधिक शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गले मिलने और तस्वीरें खिंचवाने का कुछ खास नतीजा नहीं निकला। कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि "हाउडी मोदी" पर "नमस्ते ट्रंप" भारी पड़ गया और ''दोस्त-दोस्त न रहा''।
आपको बता दें कि सरकार ने बताया है कि इस ट्रेड डील से महत्वपूर्ण कृषि और डेयरी उत्पादों को अलग रखा गया है। ऐसे में किसानों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। ट्रेड डील के मुताबिक भारत की अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान खरीदने की योजना है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कल-पुर्जे, बहुमूल्य धातु, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं।
इसके तहत अमेरिका, भारत पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में, रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत जवाबी शुल्क के साथ अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है, इसलिए भारतीय निर्यातकों को 50 प्रतिशत के इस शुल्क से भारी नुकसान हुआ था। शुल्क में कमी से भारत के कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबड़, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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