नागालैंड में भीषण लैंडस्लाइड, 4 की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लैंडस्लाइड के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में पानी नीचे की तरफ बहकर आ रहा है, जिसकी वजह से मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगालैंड के मोन जिले से एक बेहद दुखद खबर आ रही है। आज इलाके में हुई मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद एक भीषण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है, जिसमें बच्चों समेत कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की आशंका है। मलबे से अब तक चार शव बाहर निकाले जा चुके हैं। पहाड़ खिसकने से इलाके के कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं, जिसके नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) वेन्येई कोन्याक ने फोन पर बताया, "आठ लोगों के मारे जाने की आशंका है। हमारी टीम मलबे से अब तक चार शवों को बाहर निकालने में कामयाब रही है। लापता लोगों की तलाश के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।"
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लैंडस्लाइड के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में पानी नीचे की तरफ बहकर आ रहा है, जिसकी वजह से मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय मौके पर स्थानीय वालंटियर्स, पुलिस, भारतीय सेना के जवान और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम मुस्तैद है।
पूरे राज्य में कुदरत का कहर, मोकोकचुंग में भी बाढ़ जैसे हालात
नगालैंड सरकार ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य के कई हिस्सों में मौसम के इस खतरनाक रूप और उससे बिगड़े हालातों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सिर्फ मोन जिला ही नहीं, बल्कि मोकोकचुंग जिले के तुली सब-डिवीजन समेत कई अन्य इलाके भी इस आसमानी आफत की चपेट में हैं। राज्य के कई हिस्सों में लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ के कारण सड़कें ब्लॉक हो गई हैं, सरकारी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और लोगों की निजी संपत्तियां तबाह हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का एलान, जनता के लिए अलर्ट जारी
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियू ने इस हादसे पर शोक जताते हुए पीड़ितों के लिए तुरंत मुआवजे की घोषणा की है- मृतकों के परिवारों के लिए: ₹4 लाख की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए: ₹74,000 की फौरी आर्थिक मदद।
राज्य सरकार ने आपदा से जुड़े सभी विभागों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आम जनता से भी बेहद सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौजूदा मौसम को देखते हुए कमजोर ढलानों, नदी के किनारों और लैंडस्लाइड के खतरे वाले संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर जाने से पूरी तरह बचें।


