
म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता में भी महसूस किए गए झटके
म्यांमार में इसका केंद्र मगवे क्षेत्र में येनांगयौंग से लगभग 95 किमी पश्चिम में था, गहराई लगभग 10-57 किमी। यह भूकंप और कई बड़े क्षेत्रों में महसूस किया गया। कोलकाता में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस की है।
म्यांमार में अब से कुछ देर पहले भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 6.0 बताई गई है। इसका केंद्र मगवे क्षेत्र में येनांगयौंग से लगभग 95 किमी पश्चिम में था, गहराई लगभग 10-57 किमी। यह भूकंप और कई बड़े क्षेत्रों में महसूस किया गया। कोलकाता में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस की है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप रात करीब 9.05 बजे आया और कुछ सेकंड तक चला। ऊंची इमारतों में रहने वाले कुछ निवासियों और कार्यालय कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें झटके महसूस हुए। अभी तक किसी तरह की क्षति या चोटिल होने की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं मिली है। अधिकारी ने कहा, "भूकंप का केंद्र म्यांमार में कहीं था। हम भूकंप की सटीक जानकारी और स्थान की पुष्टि कर रहे हैं। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 थी।"
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे टेक्टॉनिक प्लेटों के हिलने या टकराने के कारण आता है। पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों में बंटी हुई है, जो धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, फिसलती हैं या अलग होती हैं, तो उनमें जमा ऊर्जा अचानक रिलीज हो जाती है, जिससे भूकंप आता है। भारत-म्यांमार क्षेत्र में इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच की गति के कारण ऐसे भूकंप अक्सर आते हैं।
भूकंप आने पर क्या करना चाहिए?
भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित जगह पर जाएं। अगर घर के अंदर हैं तो 'ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन' अपनाएं - झुककर टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें, सिर और गर्दन को हाथों से ढकें और हिलने तक पकड़े रहें। बाहर हों तो खुले मैदान में जाएं, बिल्डिंग, पेड़ या बिजली के खंभों से दूर रहें। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियां इस्तेमाल करें। भूकंप रुकने के बाद भी सावधानी बरतें, आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहें।
इससे पहले, कश्मीर घाटी में सोमवार तड़के 4.7 तीव्रता का भूकंप आया जिससे बारामूला जिले के पट्टन और आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत फैल गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई जानकारी नहीं है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप तड़के 5 बजकर 35 मिनट पर 10 किलोमीटर की गहराई में आया और इसका केंद्र पट्टन क्षेत्र में था, जो पर्यटक स्थल गुलमर्ग से 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। भूकंप की तीव्रता पहले 4.6 बताई गई थी लेकिन बाद में बताया गया कि तीव्रता 4.7 थी। भूकंप के झटके करीब 20 सेकंड तक महसूस किए गए।





