मुंबई से खत्म होगा धारावी की झुग्गियों का नामो निशान! कब तक बदलेगी शहर की तस्वीर?
महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अगले 10 साल में मुंबई को स्लम मुक्त बनाया जा सकता है। धारावी पुनर्विकास के तहत 2029 की शुरुआत तक 10 हजार घर तैयार करने का लक्ष्य भी बताया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अगले 10 साल में मुंबई को स्लम मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने यह बात मुंबई में नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) महाराष्ट्र के सम्मेलन में कही। फडणवीस के मुताबिक, मुंबई को स्लम मुक्त बनाने की व्यापक योजना में एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी का पुनर्विकास और पुराने इलाकों के लिए क्लस्टर आधारित पुनर्विकास मॉडल प्रमुख होंगे।
‘अगले 10 साल में मुंबई को स्लम मुक्त करेंगे’
फडणवीस ने कहा कि सरकार मुंबई के विकास में बड़े स्तर पर आगे बढ़ना चाहती है। उनके मुताबिक, सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनके आधार पर उन्हें भरोसा है कि अगले 10 वर्षों में मुंबई को स्लम मुक्त बनाया जा सकेगा। सरकार ने मुंबई को कई क्लस्टर में बांटा है। इनके जरिए पुराने इलाकों का पुनर्विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे जमीन का अधिक प्रभावी इस्तेमाल हो सकेगा और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।
धारावी के लिए 10 हजार घरों का लक्ष्य
धारावी के पुनर्विकास को इस योजना का अहम हिस्सा बताया गया है। फडणवीस ने कहा कि सरकार ने 10 हजार घर तैयार करने की डेडलाइन तय की है। उन्होंने कहा कि वह 2029 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धारावी के पुनर्वास के लिए तैयार किए गए 10 हजार घर सौंपना चाहते हैं।
सिर्फ घर नहीं, कमर्शियल स्पेस भी बनेंगे
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुनर्विकास सिर्फ आवासीय निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। प्रमुख जमीनों पर मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट की योजना है। इसके तहत कमर्शियल स्पेस, म्यूजियम, खेल के मैदान और मनोरंजन से जुड़े क्षेत्र विकसित करने के साथ बेहतर परिवहन ढांचा तैयार करने की बात कही गई है।
पुराने डिपो की जमीनों का भी होगा पुनर्विकास
फडणवीस ने मुंबई के पुराने डिपो की जमीनों के पुनर्विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इनके कायाकल्प के लिए योजनाएं और रिपोर्ट तैयार की गई हैं। उनके मुताबिक, इससे आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ कीमती जमीन को मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
मुंबई से बाहर नए आर्थिक केंद्र बनाने की योजना
फडणवीस ने महाराष्ट्र के शहरी विकास की व्यापक योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन और नागपुर राज्य में शहरीकरण के अगले चरण के प्रमुख इंजन होंगे। उन्होंने नए आर्थिक केंद्र विकसित करने के लिए प्रस्तावित ऑफशोर एयरपोर्ट, मुंबई-नागपुर कनेक्टिविटी नेटवर्क, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और एक बड़े नए बंदरगाह जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने डेवलपर्स से नई निर्माण तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की भी अपील की। उनका कहना था कि तकनीक से विकास प्रक्रिया में पूर्वानुमान और जवाबदेही बेहतर हो सकती है।
2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की MMR अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
फडणवीस ने कहा कि 2047 तक MMR की अर्थव्यवस्था 1.5 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरीकरण विकास की हर कहानी का हिस्सा है और इसे बेहतर तरीके से मैनेज करना जरूरी है। उनके मुताबिक, MMR डेटा सेंटर का हब बन चुका है और अगले 10 वर्षों में यह भारत के सबसे अधिक आबादी वाले और बेहतर नियोजित क्षेत्रों में से एक होगा।


