मुंबई में छह दिन नहीं मिलेगा डब्बा, क्यों बंद रहेगी टिफिन सेवा? यह है खास वजह

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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मुंबई में छह दिन तक डब्बा सेवा बंद रहेगी। इसके चलते यहां के लोगों को उनके ऑफिस और दुकान में लंच के टिफिन नहीं मिल पाएंगे। हालांकि यह कोई हड़ताल नहीं है, बल्कि इसके पीछे वजह है खास वजह।

मुंबई में छह दिन नहीं मिलेगा डब्बा, क्यों बंद रहेगी टिफिन सेवा? यह है खास वजह

मुंबई में छह दिन तक डब्बा सेवा बंद रहेगी। इसके चलते यहां के लोगों को उनके ऑफिस और दुकान में लंच के टिफिन नहीं मिल पाएंगे। हालांकि यह कोई हड़ताल नहीं है, बल्कि इसके पीछे वजह है डब्बावालों की सालाना छुट्टी। इस छुट्टी के लिए डब्बावाले चार अप्रैल तक अपनी सेवा बंद रखेंगे। मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष तलेकर ने खुद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहाकि यह एक तय ब्रेक है, हड़ताल नहीं। हालांकि सर्विस में ब्रेक से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है।

ग्राहकों के लिए सलाह
असल में 135 साल पुराना यह नेटवर्क अपने गांवों पुणे, रायगढ़ और नासिक जिलों (मावल, मुलशी, आंबेगांव, जुन्नार, खेड़, अकोला, संगमनेर, आदि) में, गांव के मेलों और अपने ग्राम देवताओं की तीर्थयात्रा के लिए लौट रहा है। यह समय चैत्र पूर्णिमा के आसपास का होता है (जिसमें रामदेवरा मंदिर जैसी जगहों की यात्रा भी शामिल है)। इस अस्थायी रोक से लाखों दफ्तर जाने वाले लोगों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जो रोजाना घर के बने खाने के लिए इस सेवा पर निर्भर रहते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी समय की परेशानी से बचने के लिए खाने का कोई दूसरा इंतजाम कर लें, जैसे कि घर से खाना लाना या बाहर से खाना मंगवाना।

एक अपील भी
अगले छह दिनों तक टिफिन सेवा बंद रहने के बावजूद, एसोसिएशन ने ग्राहकों से गुज़ारिश की है कि वे इस ब्रेक के लिए कर्मचारियों की सैलरी न काटें। साल भर लगातार सेवा देने की बात पर ज़ोर देते हुए, एसोसिएशन ने इस अल्पकालिक छुट्टी के दौरान सहयोग की अपील की है। अपनी काबिलियत और काम में बारीकी के लिए दुनिया भर में मशहूर मुंबई के डब्बावाले शायद ही कभी अपना काम रोकते हैं। ऐसे में यह सालाना ब्रेक उन कुछेक मौकों में से एक है जो परंपरा से जुड़े हैं।

ईरान युद्ध का भी असर
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर डब्बावाला एसोसिएशन की सेवाओं पर भी पड़ा है। यहां पर टिफिन डिलीवरी की मांग में गिरावट दर्ज की गई है। गैस सिलेंडरों की कमी के कारण शहर के कई होटल और छोटे भोजनालय अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। इसका सीधा असर डब्बावालों पर पड़ा है, क्योंकि उनके लगभग 30 प्रतिशत ग्राहक ऐसे ही बाहरी मेस और भोजन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।

कौन हैं डब्बावाला
करीब 150 साल से सक्रिय डब्बावाला सेवा को मुंबई की जीवनरेखा माना जाता है। लगभग 1,500 डब्बावाले मिलकर रोजाना करीब 80,000 ग्राहकों तक टिफिन पहुंचाते हैं, जिनमें 70 प्रतिशत ग्राहक घर का बना खाना लेते हैं, जबकि बाकी बाहरी भोजन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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