कॉकरोच प्रोटेस्ट में सांसद को याद आए CJI सूर्यकांत, दे दिया बड़ा क्रेडिट
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की तरफ से मई के मध्य में की गई कॉकरोच वाली टिप्पणी खासी चर्चा में रही थी। अब सोमवार को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद एक सांसद ने पुराने बयान का जिक्र कर CJI को धन्यवाद कहा है।

जंतर मंतर से संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का क्रेडिट राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को दिया है। दरअसल, CJP पार्टी के नाम का जन्म ही सीजेआई की टिप्पणी के बाद हुआ था। सोमवार को पार्टी ने संसद तक पैदल मार्च किया, जो कुछ क्षेत्रों में हिंसक हो गया और इसमें प्रदर्शनकारी और पुलिस दोनों ही घायल हुए हैं।
राउत ने लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश My lord Suryakant ji आज के महान आंदोलन का श्रेय सिर्फइस एक व्यक्ती को जाता है! देश के मुर्दो को जिंदा करने के लिए। आभार शुक्रिया!'
क्या था सीजेआई सूर्यकांत का बयान
मई में सीजेआई ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी। तब उनके साथ बेंच में जस्टिस जॉयमाला बागची भी थे। बेंच ने वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा हासिल करने के लिए 'प्रयासरत' रहने पर एक वकील को फटकार लगाते हुए यह टिप्पणी की थी। पीठ ने कहा कि समाज में पहले से ही ऐसे 'परजीवी' मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और पूछा कि क्या याचिकाकर्ता भी उनके साथ जुड़ना चाहता है।
सीजेआई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि दिल्ली उच्च न्यायालय याचिकाकर्ता को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान भी कर दे, तो शीर्ष अदालत उसके पेशेवर आचरण को देखते हुए उसे रद्द कर देगी। सीजेआई ने फेसबुक पर याचिकाकर्ता की तरफ से इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ जुड़ना चाहते हैं?'
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, 'कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। उनमें से कुछ मीडिया के क्षेत्र में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ सूचना का अधिकार कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बनते हैं और फिर वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।'
बाद में दी सफाई
16 मई को सीजेआई ने टिप्पणी पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, 'मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक हल्के मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से बताया है।' उन्होंने कहा कि टिप्पणियां विशेष रूप से उन व्यक्तियों को लेकर की गईं थीं, जो 'नकली और फर्जी डिग्रियों' के माध्यम से कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे थे।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था, 'मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने फर्जी और जाली डिग्रियों की मदद से बार या कानूनी पेशेजैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, और इसलिए वे परजीवियों की तरह हैं।'
उन्होंने कहा, 'यह कहना बिल्कुल निराधार है कि मैंने अपने देश के युवाओं की आलोचना की। मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय युवा मेरे प्रति बहुत आदर और सम्मान रखते हैं, और मैं भी उन्हें एक विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखता हूं।'
प्रदर्शन
सोमवार को सीजेपी के बैनर तले एक पैदल मार्च का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हुए थे। इस दौरान हिंसा की खबरें भी सामने आईं। दिल्ली पुलिस के बयान के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। उसने बताया कि 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि कि हिंसा के दौरान 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने बयान में बताया कि प्रदर्शनकारियों के उग्र, आक्रामक और हिंसक रुख के चलते हुई इस झड़प में विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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