7 साल बाद मोदी-शी आमने-सामने! LAC, अरुणाचल और चीन के मेगा डैम पर क्या निकलेगा हल?
2020 के पूर्वी लद्दाख सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है।

भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। 2019 में तमिलनाडु के मामल्लापुरम में हुए दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद यह 7 सालों में उनकी पहली भारत यात्रा है।
शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। 2024 में कजान (रूस) और 2025 में तियानजिन (चीन) में हुई मुलाकातों के बाद दोनों नेताओं के बीच लगातार तीसरे साल यह आमने-सामने की बैठक हो रही है।
मोदी-जिनपिंग बैठक का क्या है एजेंडा?
2020 के पूर्वी लद्दाख सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है।
सीमा विवाद और LAC पर स्थिति: कजान सम्मेलन में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग और डिसइंगेजमेंट पर बनी सहमति के बाद, अब बॉर्डर डिलिमिटेशन और स्थायी शांति स्थापित करने पर चर्चा होगी।
व्यापारिक संतुलन और वीजा पाबंदियां: भारत के लिए 155 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ता घाटा, भारतीय कारोबारियों के लिए चीनी वीजा में ढील और चीनी बाजार में पहुंच मुख्य चिंताएं हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी पर 137 अरब डॉलर का चीनी बांध: तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी हिस्से में चीन की ओर से बनाए जा रहे विशाल बांध को लेकर भारत डेटा-शेयरिंग और पारदर्शिता की मांग दोहराएगा।
अरुणाचल प्रदेश में हालिया तनाव: अरुणाचल के तक्सिंग क्षेत्र से आई तनाव की खबरों के बीच दोनों देशों के सैन्य कमांडरों की हालिया बैठकों के आधार पर शांति बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा।
कूटनीतिक सुधार और उठाए गए कदम
अक्टूबर 2024 में लद्दाख गतिरोध खत्म होने के बाद से दोनों देशों ने विश्वास बहाली के कई कड़े कदम उठाए हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट दोबारा शुरू की गईं। सीमा व्यापार को तीन निर्धारित मार्गों से फिर शुरू किया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधियों (SRs) की बातचीत में सीमा प्रबंधन पर सहमति बनी।
ब्रिक्स 2026 में चीन का रुख
चीन के भारतीय राजदूत जू फेइहोंग (Xu Feihong) ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा कि चीन, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर इस सम्मेलन में भाग ले रहा है और दोनों देश परस्पर सहयोग और रणनीतिक दृष्टि से रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
चीन का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत से चीन को स्थानांतरित होगी। 24 घंटे के इस संक्षिप्त दौरे के दौरान शी जिनपिंग के साथ एक बड़ा 67-सदस्यीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल (जिसमें चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं) दिल्ली आया है।


