'असहज हो जाएंगे पीएम मोदी', पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर राहुल गांधी का एक और दावा

Feb 10, 2026 02:30 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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राहुल गांधी ने दावा किया है कि पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने 2023 में ही एक लिंक साझा करते हुए कहा था कि उनकी किताब आ गई है और लोग खरीद सकते हैं। वहीं निशिकांत दुबे ने उनके दावों को गलत बताया है। 

'असहज हो जाएंगे पीएम मोदी', पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर राहुल गांधी का एक और दावा

पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर संसद में कई दिनों से हंगामा हो रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की पुस्तक को लेकर एक प्रकाशक ने इसके प्रकाशित नहीं होने की बात की है, लेकिन खुद नरवणे ने 2023 में एक टवीट् करके अपनी पुस्तक को खरीदने की अपील करते हुए एक लिंक साझा किया था। राहुल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें नरवणे की बात पर भरोसा है तथा उनकी किताब में कुछ ऐसी बाते हैं जो सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को असहज कर सकती हैं।

दिल्ली पुलिस ने नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। उसने सोमवार को एक बयान में कहा था, 'दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच और ऑनलाइन समाचार मंचों पर प्रसारित हो रही उन सूचनाओं का संज्ञान लिया है जिनमें दावा किया गया है कि 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' नामक पुस्तक की एक प्रति सक्षम अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी के बिना प्रसारित की जा रही है।'

राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कहा, 'नरवणे का एक ट्वीट है जिसमें उन्होंने कहा है, "मेरी किताब का लिंक फ़ॉलो कीजिए। अब या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या 'पेंगुइन' (प्रकाशक) झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व थलसेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंगुइन कहता है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेजन पर उपलब्ध है। जनरल नरवणे ने 2023 में ट्वीट किया है कि कृपया मेरी किताब ख़रीदिए। मैं पेंगुइन के बजाय नरवणे जी पर भरोसा करता हूं।'

उन्होंने सवाल किया कि क्या पेंगुइन पर नरवणे से ज़्यादा भरोसा किया जा सकता है? राहुल गांधी ने कहा, ''मेरा मानना है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। स्पष्ट है कि आपको यह तय करना होगा कि पेंगुइन सच बोल रहा है या पूर्व थलसेना प्रमुख।' कांग्रेस नेता ने एक पोस्टर भी दिखाया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए यह दर्शाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए।

राहुल गांधी को जवाब देते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, जिस पेंगुइन ने कल रात एक स्टेटमेंट जारा किया कि किसी भी फॉर्म में कोई किताब इस तरह की छपी नहीं है। यही महत्वपूर्ण बात है। संसद के नियम कानून है। आप कोई ऐसा पेपर ऑथिंकेट नहीं कर सकते जो कि जेनुइन नहीं है। जब पब्लिशर कह रहा है कि हमने पब्लिश ही नहीं की। आने संसद में जाकर गुमराह किया। इनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही

लोक सभा में विपक्ष के नेता को बोलने न देने का विरोध करते हुए कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा और मंगलवार को दोपहर 12 बजे दूसरी बार कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन के समवेत होते ही कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। कई सदस्य सदन के बीचोंबीच आ गये। वे विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति न देने का विरोध करते हुए नारेबाजी और शोरगुल करने लगे। इसी बीच, पीठासीन पी सी मोहन ने विधायी दस्तावेज पटल पर रखवाये। उन्होंने सदस्यों से शोरगुल न करने और अपने-अपने स्थानों पर जाकर सदन में बजट पर चर्चा कराने में सहयोग करने की अपील की। उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और कांग्रेस सदस्य हंगामा करते रहे।

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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