मोदी सरकार का बड़ा ऐक्शन, OSM विवाद के बीच हटाए गए CBSE के चेयरमैन और सचिव
CBSE News Today: सीबीएसई में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया गया है। यह बदलाव सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के बीच हुआ है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई बोर्ड द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच हुई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सीबीएसई ने OSM सेवाओं की खरीद में आई शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। समिति पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जांच करेगी और शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
बोर्ड के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल में आई गंभीर तकनीकी खामियों के बाद मोदी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया है। छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की शुचिता को ध्यान में रखते हुए इसे सीबीएसई के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू
इसी बीच, सीबीएसई ने मंगलवार को छात्रों के लिए ऑनलाइन री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में समस्याओं के सत्यापन का पोर्टल शुरू कर दिया है। यह सुविधा केवल उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त कर ली हैं। पोर्टल 2 जून 2026 से 6 जून 2026 (मध्यरात्रि तक) चालू रहेगा। इसके बाद कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पूरी प्रक्रिया, शुल्क भुगतान सहित, डिजिटल माध्यम से ही पूरी होगी।
किन समस्याओं पर कर सकते हैं आवेदन?
- पन्ने गायब होना
- अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका गायब होना
- मानचित्र या ग्राफ गायब होना
- धुंधले पन्ने
- गलत उत्तर पुस्तिका या गलत प्रश्नपत्र सेट पर मूल्यांकन
कितना देना होगा शुल्क
- उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में समस्याओं के सत्यापन के लिए: ₹100 प्रति उत्तर पुस्तिका
- उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए: ₹25 प्रति प्रश्न
- शुल्क का भुगतान UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ही किया जा सकता है।
सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम आवेदन सबमिट करने से पहले सभी विषयों से संबंधित अनुरोधों को शामिल कर लें। एक बार ‘फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट’ बटन दबाने के बाद आवेदन लॉक हो जाएगा और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र एक विषय या एक साथ कई विषयों के लिए केवल एक आवेदन ही कर सकते हैं।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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